पेंशनरों के लिए जीवन प्रमाण का सत्यापन करना हुआ आसान

डिजिटल व्यवस्था से घर बैठे मिल रही सुविधा, बुजुर्गों को बड़ी राहत

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर प्रदेश के पेंशनरों के लिए जीवन प्रमाण पत्र (लाइफ सर्टिफिकेट) का सत्यापन अब पहले से कहीं अधिक सरल, सुरक्षित और पारदर्शी हो गया है। डिजिटल तकनीक के उपयोग से पेंशनर अब घर बैठे ही अपना जीवन प्रमाण पत्र ऑनलाइन सत्यापित कर पा रहे हैं, जिससे उन्हें कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने और लंबी कतारों में खड़े होने से राहत मिल रही है।

प्रदेश में वर्तमान समय में लगभग डेढ़ लाख पेंशनर हैं, जबकि अकेले देहरादून जनपद में 22 हजार से अधिक पेंशनर निवास करते हैं। इन सभी के सत्यापन को आसान बनाने के लिए “जीवन प्रमाण” ऐप और “आधार फेस आरडी” तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इसके माध्यम से पेंशनर डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट आसानी से ऑनलाइन जमा कर सकते हैं।

पेंशनर फैसिलिटेशन हॉल में दी जा रही डिजिटल प्रशिक्षण सुविधा

देहरादून कचहरी स्थित मुख्य कोषाधिकारी कार्यालय में स्थापित पेंशनर फैसिलिटेशन हॉल में भी डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (डीएलसी) के माध्यम से लगातार सत्यापन कार्य किया जा रहा है। यहां पेंशनरों को आधार अपग्रेडेशन के साथ-साथ ऑनलाइन प्रक्रिया का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि वे भविष्य में स्वयं घर बैठे यह प्रक्रिया पूरी कर सकें।

उल्लेखनीय है कि 1 अप्रैल 2024 से अब तक इस केंद्र में 1 लाख 84 हजार से अधिक पेंशनरों का डिजिटल सत्यापन किया जा चुका है। यह आंकड़ा इस पहल की सफलता और पेंशनरों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।

जिलाधिकारी ने दिए डिजिटल सत्यापन को बढ़ावा देने के निर्देश

देहरादून के नव नियुक्त जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कार्यभार संभालने के दिन ही कोषागार का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक पेंशनरों का डिजिटल माध्यम से सत्यापन सुनिश्चित किया जाए, ताकि वरिष्ठ नागरिकों को घर बैठे सुविधाओं का लाभ मिल सके।

उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य बुजुर्ग पेंशनरों को तकनीकी सहायता प्रदान कर उनकी समस्याओं का सरल समाधान उपलब्ध कराना है।

घर बैठे ऐसे कर सकते हैं सत्यापन

पेंशनर “जीवन प्रमाण” ऐप के माध्यम से ऑपरेटर आईडी बनाकर स्वयं भी घर बैठे अपना सत्यापन कर सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड का अपडेट होना तथा आधार नंबर का मोबाइल नंबर और कोषागार से लिंक होना आवश्यक है।

इसके अतिरिक्त आईएफएमएस (इंटीग्रेटेड फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम) ऐप के जरिए पेंशनर अपनी सत्यापन स्थिति ऑनलाइन देख सकते हैं। साथ ही वे पेंशन स्टेटमेंट भी डाउनलोड कर सकते हैं।

हेल्पलाइन नंबर भी जारी

पेंशनरों की सहायता के लिए निदेशालय कोषागार द्वारा 8899890000 हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। इसके माध्यम से पेंशनर डिजिटल सत्यापन और अन्य तकनीकी समस्याओं से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

वरिष्ठ नागरिकों ने की व्यवस्था की सराहना

दून निवासी पेंशनर श्रीकांत उपाध्याय ने बताया कि उन्हें पेंशनर फैसिलिटेशन हॉल में डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने का प्रशिक्षण दिया गया, जिससे अब वे भविष्य में घर बैठे आसानी से अपना लाइफ सर्टिफिकेट नवीनीकरण कर सकेंगे। उन्होंने इस व्यवस्था को वरिष्ठ नागरिकों के लिए अत्यंत उपयोगी और सुविधाजनक बताया।

साइबर सुरक्षा को लेकर भी सतर्क रहने की अपील

मुख्य कोषाधिकारी नीतू भंडारी ने बताया कि पेंशनरों की सुविधा के लिए कोषागार में विशेष पेंशनर फैसिलिटेशन हॉल स्थापित किया गया है। यहां अन्य जनपदों के वे पेंशनर भी सुविधा का लाभ उठा सकते हैं, जो वर्तमान में देहरादून में निवास कर रहे हैं।

उन्होंने पेंशनरों से अपील की कि ऑनलाइन सत्यापन के दौरान आधार से प्राप्त ओटीपी किसी भी अनजान व्यक्ति से साझा न करें और केवल अधिकृत एवं विश्वसनीय ऑपरेटर को ही अपनी जानकारी दें।

डिजिटल पहल से बुजुर्गों को बड़ी राहत

यह डिजिटल पहल बुजुर्ग पेंशनरों के लिए राहत लेकर आई है। अब उन्हें सत्यापन के लिए सरकारी कार्यालयों में लंबा इंतजार नहीं करना पड़ रहा है और वे सुरक्षित, सरल एवं सुविधाजनक तरीके से घर बैठे अपनी प्रक्रिया पूरी कर पा रहे हैं। राज्य सरकार की यह पहल डिजिटल गवर्नेंस और जनसुविधा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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