शॉर्ट सर्किट से लगी आग ने लिया विकराल रूप, धुएं में दम घुटने से दो की जान गई, लगभग 50 परिवारों को सुरक्षित निकाला गया
नोएडा। उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित मामूरा गांव में बुधवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। एक बहुमंजिला पेइंग गेस्ट (पीजी) भवन में इलेक्ट्रिक स्कूटर की बैटरी चार्जिंग के दौरान हुए कथित शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरा भवन धुएं से भर गया। इस हादसे में दम घुटने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
बैटरी चार्जिंग के दौरान हुआ शॉर्ट सर्किट
प्रारंभिक जांच के अनुसार, घटना की शुरुआत उस समय हुई जब ग्राउंड फ्लोर पर खड़ी एक इलेक्ट्रिक स्कूटर की बैटरी चार्ज की जा रही थी। इसी दौरान बैटरी में कथित रूप से शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे चिंगारी निकली और आसपास खड़े वाहनों ने आग पकड़ ली।
कुछ ही मिनटों में आग पार्किंग क्षेत्र से पूरे भवन में फैल गई। आग के साथ उठे घने धुएं ने ऊपरी मंजिलों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे इमारत में रह रहे लोग अंदर फंस गए।
पीजी भवन में रहते थे करीब 50 परिवार
यह जी+4 (ग्राउंड फ्लोर सहित चार मंजिला) भवन पेइंग गेस्ट (पीजी) के रूप में संचालित किया जा रहा था। भवन में लगभग 50 परिवार और किरायेदार रह रहे थे। आग लगते ही पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए मदद की गुहार लगाने लगे।
फायर विभाग ने चलाया व्यापक रेस्क्यू अभियान
घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की कई टीमें मौके पर पहुंच गईं। राहत एवं बचाव कार्य के लिए सात फायर टेंडर, हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म और विशेष बचाव वाहनों को लगाया गया।
दमकल कर्मियों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए भवन में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। समय रहते किए गए रेस्क्यू ऑपरेशन के कारण बड़ी जनहानि टल गई।
धुएं से दम घुटने के कारण दो लोगों की मौत
गौतम बुद्ध नगर पुलिस के संयुक्त पुलिस आयुक्त राजीव नारायण ने बताया कि इमारत में पार्किंग ग्राउंड फ्लोर पर बनी हुई थी। आग लगने के बाद वहीं से निकला जहरीला धुआं तेजी से ऊपरी मंजिलों तक पहुंच गया, जिससे कई लोग प्रभावित हुए।
उन्होंने बताया कि दो लोगों की हालत धुएं के कारण गंभीर हो गई थी। दोनों को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
प्रारंभिक जांच में बैटरी को माना जा रहा कारण
अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में आग लगने का संभावित कारण इलेक्ट्रिक स्कूटर की बैटरी में हुआ शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत तकनीकी जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।
ई-वाहनों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद एक बार फिर इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी सुरक्षा और चार्जिंग व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ई-स्कूटर या ई-बाइक की बैटरियों को केवल प्रमाणित चार्जर से, सुरक्षित स्थान पर और निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप ही चार्ज किया जाना चाहिए।
इसके साथ ही बहुमंजिला इमारतों में अग्निशमन उपकरण, धुआं पहचानने वाले अलार्म, आपातकालीन निकास और नियमित सुरक्षा निरीक्षण की आवश्यकता पर भी जोर दिया जा रहा है।
जांच जारी
पुलिस और अग्निशमन विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि भवन में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं तथा आग लगने के वास्तविक कारण क्या थे। जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।