मालरोड पर अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान हुआ विवाद, दोनों पक्ष पहुंचे कोतवाली
मसूरी। मसूरी नगर पालिका परिषद द्वारा मालरोड पर चलाए गए अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन के नेतृत्व में विशेष रात्रि अभियान के तहत अनाधिकृत पटरी व्यवसायियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही थी। इसी दौरान कुछ लोगों द्वारा पालिका कर्मचारियों के साथ अभद्रता, गाली-गलौज और सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया गया। मामले को लेकर दोनों पक्षों ने कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
पालिका कर्मचारियों के साथ अभद्रता और धमकी का आरोप
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन द्वारा कोतवाली में दी गई तहरीर में बताया गया कि 20 जून की रात मालरोड पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान संजय टम्टा और उनके साथ मौजूद कुछ लोगों ने पालिका टीम का विरोध किया तथा ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज की।
तहरीर में यह भी कहा गया कि कर्मचारियों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई, जिससे मौके पर कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई। आरोप है कि पालिका कर्मचारी रोबिन को मोबाइल फोन पर धमकी देते हुए कहा गया कि “ईओ साहब तो चले जाएंगे, अध्यक्ष जी भी पांच साल के लिए हैं, लेकिन तुम्हें तो यहीं रहना है।” इस घटना से कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना पैदा हो गई है। आवश्यकता पड़ने पर ऑडियो रिकॉर्डिंग भी साक्ष्य के रूप में उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
जब्त सामान ले जा रही गाड़ी को रोकने का भी आरोप
ईओ गौरव भसीन ने बताया कि कार्रवाई के दौरान कुछ महिलाओं और संजय टम्टा ने पालिका की टीम को रोकने का प्रयास किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए जब्त सामान ले जा रहे वाहन को बलपूर्वक रोका गया तथा मालरोड पर दोबारा पटरी लगाने की धमकी भी दी गई। उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से कर्मचारियों में आक्रोश है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
कर्मचारियों ने जताया रोष, कार्रवाई की मांग
नगर पालिका कार्यालय अधीक्षक सीपी बड़ोनी और संजीव कवि ने कहा कि यदि पालिका के सर्वोच्च अधिकारी और कर्मचारियों के साथ इस प्रकार का व्यवहार किया जाएगा तो कर्मचारियों का मनोबल टूटेगा और वे भयमुक्त होकर काम नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्य में बाधा और कर्मचारियों को धमकी देना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
इस दौरान कोतवाली में बड़ी संख्या में पालिका कर्मचारी मौजूद रहे। इनमें सीपी बड़ोनी, संजीव कवि, वीरेंद्र बिष्ट, वीरेंद्र बुटोला सहित अन्य कर्मचारी शामिल थे।
रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों ने भी दी तहरीर
वहीं दूसरी ओर रेहड़ी पटरी कमजोर वर्ग जनकल्याण समिति ने भी कोतवाली में तहरीर देकर नगर पालिका अधिकारियों पर अभद्रता का आरोप लगाया है। समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि रात के समय जब महिलाएं अपना सामान लेकर घर लौट रही थीं, तब पालिका अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया।
संजय टम्टा बोले, हमें डराया नहीं जा सकता
रेहड़ी पटरी कमजोर वर्ग जनकल्याण समिति के महामंत्री संजय टम्टा ने कहा कि नगर पालिका द्वारा उनके खिलाफ दर्ज कराई गई शिकायत पूरी तरह बेबुनियाद है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले उनकी रोजी-रोटी छीनी जा रही है और अब उन्हें डराने के लिए रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।
उन्होंने कहा कि यह सब पालिका अध्यक्ष के संरक्षण में किया जा रहा है, लेकिन वे डरने वाले नहीं हैं और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।
महिलाओं के साथ अभद्रता का आरोप
समिति से जुड़े प्रकाश राणा ने आरोप लगाया कि पालिका अधिकारियों ने महिला रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों के साथ भी अभद्र व्यवहार किया। उन्होंने कहा कि यदि न्याय के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा तो वे उससे भी पीछे नहीं हटेंगे।
इस अवसर पर प्रकाश राणा, समिति अध्यक्ष राम किशन राही, महामंत्री संजय टम्टा, गोविंद नौटियाल सहित बड़ी संख्या में रेहड़ी-पटरी व्यवसायी मौजूद रहे।