वॉशिंगटन/रोम। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। ट्रंप ने दावा किया है कि इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी उनके साथ तस्वीर खिंचवाने के लिए बेहद उत्सुक थीं और उन्होंने बार-बार आग्रह किया था। हालांकि, मेलोनी ने ट्रंप के इस दावे को तुरंत खारिज करते हुए इसे पूरी तरह मनगढ़ंत और निराधार बताया है।
जी-7 सम्मेलन के दौरान हुई थी मुलाकात
डोनाल्ड ट्रंप और जॉर्जिया मेलोनी की मुलाकात 15 से 17 जून के बीच फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान को लेकर वैश्विक चिंताओं के बीच दोनों नेताओं के संबंधों में सुधार के संकेत भी दिखाई दिए थे। दोनों नेताओं को दक्षिणपंथी विचारधारा का प्रतिनिधि माना जाता है और हाल के वर्षों में उनके बीच कई मुद्दों पर समानता भी देखी गई है।
ट्रंप ने क्या कहा?
एक इतालवी मीडिया संस्थान को दिए फोन इंटरव्यू में ट्रंप ने दावा किया कि जॉर्जिया मेलोनी उनके साथ तस्वीर खिंचवाने के लिए काफी उत्सुक थीं। उन्होंने कहा,
“शायद वह खुश थीं कि मैंने उनसे बात की। मुझे उनसे बात करने की कोई आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने मेरे साथ फोटो खिंचवाने की गुजारिश की। वह मेरे साथ तस्वीर के लिए बहुत बेताब थीं। मैं सामान्यतः तस्वीरें नहीं खिंचवाता, लेकिन मुझे उन पर तरस आ गया और मैंने हामी भर दी।”
ट्रंप के इस बयान ने दोनों नेताओं के व्यक्तिगत संबंधों और कूटनीतिक शिष्टाचार को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है।
मेलोनी ने दिया तुरंत जवाब
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए ट्रंप के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति की बातें पूरी तरह काल्पनिक हैं।
मेलोनी ने कहा,
“डोनाल्ड ट्रंप के बयान पूरी तरह से मनगढ़ंत हैं। मैं वास्तव में हैरान हूं। समझ नहीं आता कि अमेरिका के राष्ट्रपति अपने सहयोगियों के बारे में इस तरह की बातें क्यों करते हैं। दुर्भाग्य से, ऐसा पहली बार नहीं हुआ है।”
उन्होंने संकेत दिया कि ट्रंप पहले भी अपने सहयोगी नेताओं के बारे में विवादास्पद और अपमानजनक टिप्पणियां करते रहे हैं।
रिश्तों में सुधार की कोशिशों के बीच नया तनाव
विश्लेषकों का मानना है कि ईरान और पश्चिम एशिया के मुद्दों पर बढ़ते तनाव के बीच ट्रंप और मेलोनी के संबंधों में सुधार की कोशिशें चल रही थीं। लेकिन इस बयानबाजी ने दोनों नेताओं के बीच असहजता बढ़ा दी है।
हालांकि, दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक संबंध मजबूत हैं और इस विवाद से आधिकारिक स्तर पर किसी बड़े असर की संभावना फिलहाल नहीं मानी जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों की राय
विशेषज्ञों के अनुसार, ट्रंप की राजनीतिक शैली अक्सर व्यक्तिगत टिप्पणियों और तीखे बयानों के कारण चर्चा में रहती है। वहीं, मेलोनी भी अपने स्पष्ट और मुखर रुख के लिए जानी जाती हैं। ऐसे में दोनों नेताओं के बीच सार्वजनिक बयानबाजी भविष्य में भी सुर्खियां बटोर सकती है।
क्या है विवाद का सार?
- ट्रंप ने दावा किया कि जॉर्जिया मेलोनी उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए “बेताब” थीं।
- उन्होंने कहा कि उन्होंने “तरस खाकर” तस्वीर खिंचवाने की अनुमति दी।
- मेलोनी ने इस दावे को “पूरी तरह मनगढ़ंत” बताया।
- उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा सहयोगी देशों के नेताओं के बारे में इस प्रकार की टिप्पणी करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
- इस बयानबाजी ने दोनों नेताओं के रिश्तों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
फिलहाल यह विवाद बयान बनाम बयान तक सीमित है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय राजनीति में व्यक्तिगत टिप्पणियों का असर अक्सर कूटनीतिक रिश्तों पर भी दिखाई देता है। ऐसे में आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की ओर से और प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।