ब्रेक फेल होने की आशंका; पुलिस, एसडीआरएफ, आईटीबीपी और फायर टीम ने चलाया घंटों रेस्क्यू अभियान
मसूरी। मसूरी-देहरादून मार्ग पर झड़ीपानी-कोल्हूखेत रोड शनिवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे का गवाह बना। एक पर्यटक कार अनियंत्रित होकर लगभग 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरी, जिससे उसमें सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और सूचना मिलते ही पुलिस, फायर सर्विस, एसडीआरएफ, आईटीबीपी तथा 108 एम्बुलेंस की टीमें मौके पर पहुंचीं।
ढलान पर अचानक बेकाबू हुई कार
पुलिस के अनुसार सुबह करीब 9:15 बजे 112 कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि झड़ीपानी रोड क्षेत्र में एक कार गहरी खाई में गिर गई है। सूचना मिलते ही कोतवाली मसूरी की टीम आपदा राहत उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सफेद रंग की मारुति सिलेरियो कार (डीएल-5सीएस-4610) में सवार लोग पास की दुकान से सामान खरीदकर लौटे थे। जैसे ही वाहन आगे बढ़ा, तेज ढलान पर कार अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क से नीचे खाई में जा गिरी।
चारों यात्रियों की मौके पर मौत
हादसे में कार सवार सभी चार लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है—
- सत्यप्रकाश, निवासी सोनीपत
- मनीत (19 वर्ष)
- सविता (48 वर्ष), पत्नी धर्मवीर, नेहरू नगर, गाजियाबाद
- संगीता (46 वर्ष), पत्नी टीटू, करोलबाग, दिल्ली
पुलिस ने शवों को खाई से निकालकर मोर्चरी में रखवा दिया है तथा परिजनों को सूचना दे दी गई है।
कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन
खाई की गहराई और दुर्गम भूभाग के कारण रेस्क्यू अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। एसडीआरएफ, आईटीबीपी और पुलिस कर्मियों ने संयुक्त रूप से कई घंटों तक अभियान चलाकर शवों को बाहर निकाला।
स्थानीय लोगों ने बताया कि वाहन अत्यधिक गति से ढलान की ओर बढ़ा और चालक उसे नियंत्रित नहीं कर सका। प्रारंभिक जांच में ब्रेक फेल होने की आशंका जताई जा रही है।
हादसे की जांच शुरू
पुलिस ने बताया कि प्रथम दृष्टया वाहन के ब्रेक फेल होने के कारण दुर्घटना हुई प्रतीत होती है। हालांकि तकनीकी जांच के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
पहाड़ी मार्गों पर सतर्कता की जरूरत
यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता को रेखांकित करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि तीव्र ढलानों पर वाहन की ब्रेक प्रणाली की नियमित जांच बेहद आवश्यक है, विशेषकर पर्यटन सीजन के दौरान जब बाहरी राज्यों से बड़ी संख्या में वाहन पहाड़ों में पहुंचते हैं।