उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने का विकल्प रहित संकल्प: मुख्यमंत्री धामी ने विधानसभा विशेष सत्र में दोहराई प्रतिबद्धता

राज्य गठन से अब तक की यात्रा और भावी विजन

उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के 25 वर्षों के सफर का विस्तृत चित्रण करते हुए, सवा करोड़ जनता के सहयोग से उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का अपना ‘विकल्प रहित संकल्प’ दोहराया। सदन में आयोजित परिचर्चा में उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में राज्य निर्माण से लेकर वर्तमान डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों तक का खाका खींचा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का आभार व्यक्त करते हुए, सीएम ने अमर शहीदों, राज्य आंदोलनकारियों और पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी को नमन किया। यह संबोधन न केवल इतिहास का पुनरावलोकन था, बल्कि भविष्य की मजबूत नींव का घोषणापत्र भी बना।

राज्य निर्माण से प्रगति तक: पूर्व मुख्यमंत्रियों का योगदान

मुख्यमंत्री ने राज्य गठन की पृष्ठभूमि से शुरुआत की। अटल सरकार द्वारा दिए गए विशेष आर्थिक पैकेज के तहत नित्यानंद स्वामी और भगत सिंह कोश्यारी ने पर्यटन, उद्योग और आर्थिक सुधारों की नींव रखी। नारायण दत्त तिवारी के कार्यकाल में प्रशासनिक स्थिरता, शिक्षा-स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे पर जोर रहा। भुवन चंद्र खंडूड़ी ने सुशासन और पारदर्शिता को प्राथमिकता दी, जबकि डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने चहुंमुखी विकास सुनिश्चित किया। 2012 में कांग्रेस की अस्थिर सरकार और 2013 की केदारनाथ आपदा के बावजूद पुनर्निर्माण कार्य शुरू हुए। त्रिवेंद्र सिंह रावत ने तकनीकी सुशासन, तीरथ सिंह रावत ने कोरोना काल में कुंभ का सफल आयोजन कराया। जुलाई 2021 में धामी को मुख्य सेवक का दायित्व मिला, जिसके बाद 2022 में जनता ने भाजपा को ऐतिहासिक दूसरा कार्यकाल दिया।

आर्थिक क्रांति: 26 गुना बड़ी अर्थव्यवस्था, 18 गुना प्रति व्यक्ति आय

धामी सरकार ने 30 से अधिक नई नीतियों के माध्यम से समग्र विकास का विजन पेश किया। परिणामस्वरूप:

  • नीति आयोग SDG इंडेक्स 2023-24: उत्तराखंड देश में प्रथम
  • अर्थव्यवस्था का आकार: 2000 में 14,501 करोड़ → 2024-25 में 3.78 लाख करोड़
  • प्रति व्यक्ति आय: 15,285 रुपये → 2.74 लाख रुपये
  • बेरोजगारी दर: राष्ट्रीय औसत से बेहतर
  • ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट 2023: 3.56 लाख करोड़ के निवेश समझौते
  • गैरसैंण: ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित, सीएम ने सारकोट गांव गोद लिया

कृषि, पर्यटन और खेल: समृद्धि के नए आयाम

  • किसानों के लिए: 3 लाख तक ब्याजमुक्त ऋण, फार्म मशीनरी बैंक में 80% सब्सिडी
  • पर्यटन: धार्मिक, ईको, वेलनेस, एग्रो, फिल्म टूरिज्म को बढ़ावा
    • केदारखंड-मानसखंड मंदिर सौंदर्यीकरण
    • ऋषिकेश-हरिद्वार कॉरिडोर
  • खेल: राष्ट्रीय खेलों में 103 पदक, 7वां स्थान
    • देवभूमि को खेलभूमि बनाने का संकल्प

मातृशक्ति सशक्तिकरण और कनेक्टिविटी क्रांति

  • महिलाओं को: सरकारी नौकरियों में 30% आरक्षण
  • रेल-रोपवे-हवाई संपर्क:
    • ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन
    • केदारनाथ, हेमकुंड रोपवे शीघ्र शुरू
    • उड़ान योजना: 18 हेलीपोर्ट्स में से 12 सक्रिय

स्वास्थ्य और शिक्षा: हर जिले में मेडिकल कॉलेज

  • प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज
  • देहरादून, हल्द्वानी, श्रीनगर में सुपर स्पेशियलिटी विभाग
  • हल्द्वानी में राज्य का पहला आधुनिक कैंसर संस्थान

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस: नकल माफिया की कमर टूटी

  • सख्त नकल कानून: देश का सबसे कठोर
  • 26,000+ सरकारी नौकरियां: पिछले साढ़े 4 वर्षों में
  • 200+ भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई: पहली बार IAS/PCS स्तर तक

ऐतिहासिक निर्णय: UCC से भू-कानून तक

  • समान नागरिक संहिता (UCC): देश में पहला राज्य
  • धर्मांतरण विरोधी कानून
  • लव जिहाद, लैंड जिहाद, थूक जिहाद पर सख्त कार्रवाई
  • दंगारोधी कानून: नुकसान की भरपाई दंगाइयों से
  • सख्त भू-कानून: देवभूमि के मूल स्वरूप की रक्षा
  • मदरसा बोर्ड समाप्त

समापन: सवा करोड़ जनता के साथ श्रेष्ठ उत्तराखंड का सपना

मुख्यमंत्री ने कहा, “25 वर्षों में अनेक उतार-चढ़ाव आए, पर सवा करोड़ जनता के सहयोग से हम उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य अवश्य बनाएंगे।” यह संकल्प न केवल सरकार का, बल्कि पूरे राज्य की सामूहिक इच्छाशक्ति का प्रतीक है।

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