पुलिस के यातायात प्लान से पर्यटक परेशान, मसूरी में घंटों जाम से बिगड़ी व्यवस्था

देहरादून से मसूरी पहुंचने में लग रहे पांच से छह घंटे

मसूरी।  पर्यटन नगरी मसूरी में लगातार बढ़ते ट्रैफिक जाम और पुलिस की नई यातायात व्यवस्था से पर्यटक और स्थानीय लोग भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। सीजन के दौरान लागू किए गए यातायात प्लान पर अब सवाल उठने लगे हैं। होटल व्यवसायियों और पर्यटकों का आरोप है कि पुलिस की गलत ट्रैफिक योजना के कारण पर्यटकों को अनावश्यक रूप से घंटों मसूरी और आसपास के क्षेत्रों में घुमाया जा रहा है।

पर्यटकों का कहना है कि जहां दिल्ली से देहरादून तक का सफर लगभग ढाई घंटे में पूरा हो रहा है, वहीं देहरादून से मसूरी पहुंचने में पांच से छह घंटे तक लग रहे हैं।

होटल बुक होने के बावजूद पर्यटकों को घुमाया गया

जानकारी के अनुसार, देहरादून से आए एक पर्यटक का होटल कुलड़ी क्षेत्र में पहले से बुक था। जब वह मसूरी पहुंचा तो गज्जी बैंड पर पुलिस ने उसे रोक लिया। पर्यटक द्वारा होटल पिक्चर पैलेस क्षेत्र में होने की जानकारी देने के बावजूद उसे कार्ट मैकेंजी रोड की ओर भेज दिया गया।

इसके बाद पर्यटक हाथी पांव होते हुए जीरो प्वाइंट पहुंचा, लेकिन वहां भी उसे कैंपटी फॉल मार्ग की ओर भेज दिया गया। पर्यटक का आरोप है कि उसे मसूरी में करीब 25 किलोमीटर तक बेवजह घुमाया गया।

इसी प्रकार अन्य पर्यटकों को भी कुलड़ी और पिक्चर पैलेस क्षेत्र में होटल बुक होने के बावजूद हाथी पांव मार्ग की ओर भेजे जाने की शिकायतें सामने आई हैं।

होटल व्यवसायियों ने जताई चिंता

होटल व्यवसायियों का कहना है कि पर्यटन सीजन पूरे वर्ष के कारोबार का महत्वपूर्ण समय होता है, लेकिन पुलिस की वर्तमान व्यवस्था से कुलड़ी, लंढौर और माल रोड क्षेत्र के होटलों में पर्यटकों की आमद कम हो रही है।

संजय अग्रवाल और अजय भार्गव ने कहा कि यदि पर्यटकों को इस तरह परेशान किया जाएगा तो इसका सीधा असर पर्यटन व्यवसाय पर पड़ेगा।

उन्होंने बताया कि इस संबंध में प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को जानकारी दे दी गई है। यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो मामला उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाया जाएगा।

“अतिथि देवो भव” की भावना पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि उत्तराखंड में पर्यटकों को भगवान का दर्जा दिया जाता है और “अतिथि देवो भव” की बात कही जाती है, लेकिन वर्तमान हालात में पर्यटकों को घंटों सड़कों पर भटकना पड़ रहा है।

इससे राज्य की पर्यटन छवि प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

पुलिस ने व्यवस्था सुधारने का दिया भरोसा

इस संबंध में देवेंद्र चौहान ने कहा कि पुलिस यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि पिक्चर पैलेस और लंढौर क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों को सीधे आने की अनुमति दी जानी चाहिए। यदि कहीं पुलिसकर्मी ऐसा नहीं कर रहे हैं तो उन्हें आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि कैंपटी फॉल और अन्य पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाले वाहनों को ही वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाना चाहिए।

पर्यटक और स्थानीय लोग घंटों जाम में फंसे

टिहरी बाईपास रोड और लाइब्रेरी रोड पर लंबा जाम

मसूरी में लगातार बढ़ती पर्यटकों की संख्या के बीच जाम की समस्या गंभीर होती जा रही है। रविवार को भी शहर के कई हिस्सों में पर्यटक और स्थानीय लोग घंटों ट्रैफिक में फंसे रहे।

स्थिति यह रही कि एनएच-707ए टिहरी बाईपास रोड पर तीन से चार किलोमीटर लंबा जाम लगा रहा। वहीं किंक्रेग से लाइब्रेरी रोड तक भी वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं।

विकास कार्य और पार्किंग की कमी बन रही बड़ी वजह

स्थानीय लोगों के अनुसार मसूरी में पार्किंग की कमी और सीजन के दौरान चल रहे विकास कार्य जाम की मुख्य वजह बन रहे हैं।

इन दिनों लंढौर बाजार में भूधंसाव रोकथाम कार्य चल रहा है, जिसके कारण मुख्य सड़क बंद कर दी गई है और पूरा यातायात साउथ रोड से संचालित किया जा रहा है। इससे सुबह और शाम स्कूल समय में भारी जाम लग रहा है।

स्कूली बच्चों को भी समय पर स्कूल पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

लाल टिब्बा मार्ग पर भी बढ़ी परेशानी

लंढौर रोड बंद होने के कारण लाल टिब्बा जाने और वहां से लौटने वाले वाहनों को एनएच-707ए टिहरी बाईपास मार्ग से भेजा जा रहा है।

संकरी सड़क होने के कारण आमने-सामने वाहनों के क्रॉसिंग में दिक्कत हो रही है और बस या टेंपो आने पर जाम और गंभीर हो जा रहा है।

मोतीलाल नेहरू मार्ग और अकादमी रोड सहित शहर के अधिकांश हिस्सों में दिनभर ट्रैफिक दबाव बना रहा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *