नई दिल्ली: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने साफ कर दिया है कि रूस से कच्चे तेल की खरीदारी भारत की ऊर्जा सुरक्षा और व्यावसायिक जरूरतों के हिसाब से तय होती है। अमेरिका द्वारा दी गई छूट समाप्त होने या बढ़ने से भारत की नीति पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
भारत का अडिग रुख
सुजाता शर्मा ने कहा, “रूस से तेल खरीदारी पहले भी जारी थी, छूट के दौरान भी जारी रही और अब भी जारी रहेगी। यह कंपनियों का व्यावसायिक फैसला है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि देश में कच्चे तेल की कोई कमी नहीं है और सप्लाई का पूरा इंतजाम किया गया है। छूट मिले या न मिले, भारत अपनी जरूरत के अनुसार रूस से तेल खरीदता रहेगा।
अमेरिका ने 30 दिन बढ़ाई छूट
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने रूसी तेल खरीद पर लगे प्रतिबंधों में दी गई छूट को 30 दिन और बढ़ा दिया है। यह छूट 17 जून तक वैध रहेगी। अमेरिका ने यह फैसला वैश्विक तेल बाजार में स्थिरता बनाए रखने और सबसे कमजोर देशों को ऊर्जा संकट से बचाने के उद्देश्य से लिया है।
LPG पर OMC की अंडर-रिकवरी 750 करोड़ रुपये प्रतिदिन
सुजाता शर्मा ने बताया कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMC) को पेट्रोल-डीजल और LPG की बिक्री पर रोजाना 750 करोड़ रुपये की अंडर-रिकवरी हो रही है। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए जाने के बावजूद अभी भी पेट्रोल पर 11 रुपये/लीटर और डीजल पर 39 रुपये/लीटर की अंडर-रिकवरी बनी हुई है।
होर्मुज़ संकट के बीच रूस पर बढ़ी निर्भरता
हाल के महीनों में भारत का रूस से कच्चा तेल आयात बढ़ा है। फरवरी में यह 1 मिलियन बैरल प्रति दिन (bpd) था, जो मार्च में बढ़कर 2 मिलियन bpd हो गया। अप्रैल में थोड़ी कमी आई, लेकिन मई में फिर 2 मिलियन bpd के स्तर पर पहुंच गया। रूस वर्तमान में भारत का सबसे बड़ा कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता बना हुआ है।
भारत की ऊर्जा सुरक्षा रणनीति
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत अपनी आयात रणनीति को विविधता प्रदान कर रहा है, लेकिन रूस से खरीदारी ऊर्जा सुरक्षा और कीमत स्थिरता को ध्यान में रखकर की जा रही है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य में उत्पन्न संकट के बीच रूसी तेल ने भारत की आपूर्ति को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पहले ही कहा था कि OMC को रोजाना 1000 करोड़ रुपये की अंडर-रिकवरी हो रही थी, जिसके बाद दाम बढ़ाए गए। सरकार फिलहाल कंपनियों को अतिरिक्त राहत पैकेज देने की योजना पर विचार नहीं कर रही है।