नई दिल्ली: भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत के बेरोजगार युवाओं को “कॉकरोच” और “परजीवी” कहे जाने वाले विवादित बयान ने सोशल मीडिया पर तूफान खड़ा कर दिया है। इस बयान के खिलाफ युवाओं ने एक अनोखा और व्यंग्यात्मक जवाब दिया है — कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)। लॉन्च होने के महज 24 घंटे के अंदर इस पार्टी से 5 लाख से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं।
CJI के बयान से शुरू हुई कहानी
कुछ दिनों पहले मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने एक सुनवाई के दौरान कहा था कि कुछ बेरोजगार युवा “तिलचट्टे” (कॉकरोच) की तरह होते हैं, जिन्हें नौकरी नहीं मिलती और वे सोशल मीडिया, मीडिया या RTI एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमला करते हैं।
इस बयान पर भारी आलोचना हुई, जिसके बाद CJI ने सफाई देते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी फर्जी डिग्री वाले लोगों के लिए थी, न कि आम बेरोजगार युवाओं के लिए। लेकिन तब तक विवाद बहुत बढ़ चुका था।
16 मई को हुई पार्टी की शुरुआत
16 मई 2026 को बोस्टन यूनिवर्सिटी के छात्र अभिजीत दीपके (जो पहले आम आदमी पार्टी की सोशल मीडिया टीम में सक्रिय रह चुके हैं) ने X (पूर्व ट्विटर) पर “कॉकरोच जनता पार्टी” की घोषणा की।
अभिजीत ने कहा, “अगर युवाओं को अपनी आवाज उठाने के लिए कॉकरोच बनना पड़े, तो हम इस पहचान को गर्व से अपनाते हैं। यह पार्टी बेरोजगार, हताश और सिस्टम से त्रस्त युवाओं की आवाज है।”
मैनिफेस्टो — होश उड़ा देने वाला
कॉकरोच जनता पार्टी का मैनिफेस्टो पूरी तरह व्यंग्यपूर्ण है, लेकिन इसमें युवाओं की असली समस्याओं को भी जोरदार तरीके से उठाया गया है। पार्टी के 5 प्रमुख वादे इस प्रकार हैं:
- जजों के लिए राज्यसभा पर रोक — रिटायरमेंट के बाद किसी भी CJI या जज को राज्यसभा नहीं भेजा जाएगा।
- महिलाओं को 50% आरक्षण — संसद और कैबिनेट दोनों में 50% आरक्षण, सिर्फ 33% नहीं।
- दल-बदलू नेताओं पर 20 साल का प्रतिबंध — पार्टी बदलने वाले सांसद-विधायकों को 20 साल तक चुनाव लड़ने की मनाही।
- मीडिया पर सख्ती — बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों के चैनलों के लाइसेंस रद्द करने और एंकरों के बैंक अकाउंट्स की जांच।
- वोट डिलीट करने पर UAPA — अगर किसी का वैध वोट गायब किया गया तो चुनाव आयोग के अधिकारियों पर UAPA के तहत कार्रवाई।
TMC सांसद महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद भी शामिल
इस व्यंग्यात्मक पार्टी में राजनीतिक हस्तियों ने भी दिलचस्पी दिखाई है।
- तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने पोस्ट कर कहा कि वह पहले से “एंटी-नेशनल पार्टी” की सदस्य हैं, अब CJP में भी शामिल होना चाहती हैं।
- कीर्ति आजाद ने पार्टी जॉइन करने की योग्यता पूछी, तो पार्टी ने मजाक में जवाब दिया — “1983 वर्ल्ड कप जीतना काफी है।”
युवाओं में भारी चर्चा
पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके का कहना है कि यह आंदोलन युवाओं की बढ़ती हताशा, बेरोजगारी, शिक्षा व्यवस्था की खामियों और सिस्टम की नाकामी के खिलाफ है। उन्होंने कहा, “हम कोई चुनाव नहीं लड़ रहे, हम सिर्फ सिस्टम को आईना दिखा रहे हैं।”
सोशल मीडिया पर CJP अब टॉप ट्रेंड में है। युवा इसे “Gen-Z का सबसे स्मार्ट विरोध” बता रहे हैं।