लोकतंत्र की मजबूती के लिए राजनीतिक दलों के सहयोग पर जोर, विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में आई तेजी
देहरादू। भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखण्ड के निर्देशानुसार चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 अभियान को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में सोमवार को जिला कार्यालय स्थित ऋषिपर्णा सभागार में जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्षों, प्रतिनिधियों तथा सचिवों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है। इस प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष एवं समयबद्ध ढंग से पूरा करने के लिए राजनीतिक दलों, बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) तथा बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) के समन्वित सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रह जाए।
घर-घर पहुंच रहे हैं गणना प्रपत्र
जिलाधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 1 जुलाई 2026 को अर्हता तिथि मानते हुए उत्तराखण्ड सहित देश के विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके तहत बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र उपलब्ध करा रहे हैं तथा प्राप्त प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन भी किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि जनपद के कुल 13,76,813 मतदाताओं में से 13,55,948 (98.48 प्रतिशत) मतदाताओं तक गणना प्रपत्र पहुंचाए जा चुके हैं। इनमें से 10,98,179 (79.76 प्रतिशत) प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूर्ण हो चुका है, जबकि 1,42,485 (10.35 प्रतिशत) प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन अभी शेष है। वर्तमान में केवल 1,36,149 (9.89 प्रतिशत) मतदाताओं से गणना प्रपत्र प्राप्त होना बाकी है।
राजनीतिक दलों से मांगा सक्रिय सहयोग
जिलाधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे अपने-अपने बूथ लेवल एजेंटों के माध्यम से मतदाताओं से गणना प्रपत्र समय पर भरवाकर जमा कराने में सक्रिय सहयोग करें। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों की सहभागिता से अभियान और अधिक प्रभावी होगा तथा प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची में शामिल किया जा सकेगा।
अनुपस्थित, मृत एवं डुप्लीकेट मतदाताओं की होगी अलग सूची
बैठक में बताया गया कि जिन मतदाताओं तक किसी कारणवश गणना प्रपत्र नहीं पहुंच पाए हैं, उनके संबंध में बीएलओ स्थानीय जांच के आधार पर अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत अथवा डुप्लीकेट जैसी श्रेणियों में पृथक सूची तैयार करेंगे। यह सूची पंचायत भवनों, नगर निकाय कार्यालयों, मुख्य निर्वाचन अधिकारी तथा जिला निर्वाचन कार्यालय की वेबसाइट पर सार्वजनिक की जाएगी और राजनीतिक दलों को भी उपलब्ध कराई जाएगी।
निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में सभी राजनीतिक दलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सभी दलों से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन और निर्वाचन विभाग का पूर्ण सहयोग करने का आग्रह किया, ताकि निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता बनी रहे।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेन्द्र देवली, भाजपा से अरविन्द कुमार जैन, कांग्रेस से डॉ. जसविन्दर, सुनील जायसवाल एवं सतेन्द्र, बसपा से सतेन्द्र सिंह एवं सतेन्द्र चोपड़ा, सीपीआई (एम) से अनन्त आकाश तथा आम आदमी पार्टी से कमल राना सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
प्रदेश में एसआईआर के 92 प्रतिशत से अधिक प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूरा
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिलों की समीक्षा बैठक में दिए आवश्यक निर्देश
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने सोमवार को सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी जनपद शेष गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन का कार्य शीघ्र पूरा करें तथा “अन कलेक्टेबल” श्रेणी में दर्ज मतदाताओं का एक बार पुनः सत्यापन किया जाए।
उन्होंने कहा कि जिन जिलों में डिजिटाइजेशन का कार्य लगभग पूरा हो चुका है, वे मतदान केंद्रों के पुनर्गठन की तैयारी भी प्रारंभ करें। साथ ही डीईओ एवं ईआरओ को एएसडी सूची की बूथवार समीक्षा स्वयं करने के निर्देश दिए गए।
कई जिलों ने हासिल किया उल्लेखनीय प्रदर्शन
बैठक में बताया गया कि पूरे प्रदेश में 99 प्रतिशत से अधिक गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं, जबकि 92 प्रतिशत से अधिक प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है।
जनपद अल्मोड़ा और चम्पावत ने डिजिटाइजेशन का कार्य शत-प्रतिशत पूरा कर लिया है। बागेश्वर और पिथौरागढ़ में 97 प्रतिशत, टिहरी गढ़वाल में 96 प्रतिशत, उत्तरकाशी में 95 प्रतिशत, चमोली और पौड़ी गढ़वाल में 94 प्रतिशत, रुद्रप्रयाग में 93 प्रतिशत, नैनीताल एवं ऊधमसिंह नगर में 91 प्रतिशत तथा देहरादून और हरिद्वार में 88 प्रतिशत डिजिटाइजेशन कार्य पूरा हो चुका है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने सभी जिलों की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को बधाई दी तथा शेष कार्य भी निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चन्द्र दुम्का, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास सहित सभी जनपदों के जिलाधिकारी एवं निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी मौजूद रहे।