कानपुर के बिठूर में 411 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, वाल्मीकि जयंती कार्यक्रम में कांग्रेस और सपा पर साधा निशाना
कानपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर के बिठूर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। राहुल गांधी और अखिलेश यादव का नाम सीधे लिए बिना उन्हें ‘छोटे मियां’ और ‘बड़े मियां’ कहकर संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि दोनों नेताओं को घुसपैठियों से लगाव है, जबकि वे दलितों, वंचितों, गरीबों, किसानों और युवाओं की समस्याओं की अनदेखी करते हैं।
वाल्मीकि जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 411 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने पिछली सरकारों के कामकाज पर सवाल उठाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में लंबे समय तक शासन करने के बावजूद कांग्रेस और समाजवादी पार्टी जनता की बुनियादी समस्याओं का समाधान करने में सफल नहीं रहीं। उन्होंने राज्य में विकास, कानून-व्यवस्था और धार्मिक स्थलों के पुनर्विकास को लेकर अपनी सरकार के कार्यों का भी उल्लेख किया।
‘दो मियां हैं, जिन्हें घुसपैठियों से बहुत प्यार है’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इन दलों की राजनीति में गरीबों और वंचित वर्गों के हितों को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं दी गई। उन्होंने राहुल गांधी और अखिलेश यादव की ओर संकेत करते हुए दोनों को ‘छोटे मियां’ और ‘बड़े मियां’ कहा।
योगी ने आरोप लगाया कि ये नेता बांग्लादेशी घुसपैठियों के प्रति नरम रुख अपनाते हैं, जबकि दलितों, गरीबों, किसानों और युवाओं की समस्याओं को नजरअंदाज करते हैं। उनके इस बयान को कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के खिलाफ राजनीतिक हमले के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार समाज के वंचित वर्गों के विकास और प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए काम कर रही है। हालांकि, घुसपैठियों को लेकर लगाए गए आरोपों के संबंध में कार्यक्रम में कोई विस्तृत साक्ष्य प्रस्तुत किए जाने का उल्लेख उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
सपा की पिछली सरकारों पर कानून-व्यवस्था को लेकर आरोप
योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी की पिछली सरकारों के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उस समय प्रदेश में अराजकता का माहौल था। उन्होंने दावा किया कि कुछ अपराधियों ने व्यापारियों और गरीबों की जमीनों पर कब्जे किए तथा महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चुनौतियां थीं।
मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रियाओं का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि युवाओं को रोजगार प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और कई मामलों में भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आईं।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने, अपराध पर नियंत्रण करने और युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री के इन बयानों के माध्यम से प्रदेश की पूर्ववर्ती सरकारों और मौजूदा सरकार के कामकाज के बीच अंतर रेखांकित करने का प्रयास किया गया।
अयोध्या के विकास को लेकर पिछली सरकारों पर निशाना
मुख्यमंत्री ने अयोध्या का उल्लेख करते हुए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की पूर्ववर्ती सरकारों की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले अयोध्या में बिजली, साफ-सफाई, सड़क संपर्क और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं थी।
भगवान राम के लंका विजय के बाद अयोध्या लौटने के प्रसंग का उल्लेख करते हुए योगी ने कहा कि इस ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी को लंबे समय तक अपेक्षित विकास नहीं मिल पाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने अयोध्या के विकास को प्राथमिकता नहीं दी और भाजपा सरकार की ओर से शुरू की गई योजनाओं में भी बाधाएं आईं।
मुख्यमंत्री ने अयोध्या में किए जा रहे विकास कार्यों को अपनी सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल करते हुए धार्मिक पर्यटन और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया।
काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर का भी किया उल्लेख
अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वाराणसी में हुए विकास कार्यों का उदाहरण भी दिया। उन्होंने काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर का उल्लेख करते हुए कहा कि इस परियोजना से श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार हुआ है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, धार्मिक स्थलों के विकास से तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों के विकास पर ध्यान दे रही है।
इस संदर्भ में उन्होंने अयोध्या, मथुरा, वृंदावन, प्रयागराज, विंध्याचल, शुकतीर्थ, नैमिषारण्य और बिठूर जैसे स्थलों का उल्लेख किया।
बिठूर में 411 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन
कानपुर के बिठूर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुल 411 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। कार्यक्रम से पहले उन्होंने वाल्मीकि आश्रम में पूजा-अर्चना की और इसके बाद नाना राव पेशवा पार्क में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया।
वाल्मीकि जयंती के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के साथ क्षेत्रीय विकास का विषय भी प्रमुखता से सामने आया। मुख्यमंत्री ने विकास परियोजनाओं को प्रदेश में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों से जोड़ा।
हालांकि, उपलब्ध विवरण में उद्घाटित परियोजनाओं के नाम, उनकी अलग-अलग लागत और उनके कार्यक्षेत्र का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है।
धार्मिक स्थलों के विकास पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास के लिए काम कर रही है। उनके अनुसार, इन स्थानों पर आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, श्रद्धालुओं की सुविधा और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने पर ध्यान दिया जा रहा है।
अयोध्या और काशी के अलावा मथुरा, वृंदावन, प्रयागराज, विंध्याचल, शुकतीर्थ, नैमिषारण्य और बिठूर जैसे स्थलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने धार्मिक पर्यटन को विकास की व्यापक योजना से जोड़ा।
बिठूर में विकास परियोजनाओं के उद्घाटन के साथ मुख्यमंत्री का राजनीतिक संबोधन भी चर्चा में रहा। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर लगाए गए आरोपों के जरिए उन्होंने विपक्षी दलों के शासनकाल, कानून-व्यवस्था और विकास संबंधी नीतियों पर सवाल उठाए। वहीं, विकास परियोजनाओं और धार्मिक स्थलों के पुनर्विकास को अपनी सरकार की प्राथमिकताओं के रूप में प्रस्तुत किया।