जन अपेक्षाओं के अनुरूप परिणाम देने पर रहेगा फोकस, योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेः डीएम डॉ. आशीष चौहान

नव नियुक्त जिलाधिकारी ने अधिकारियों को दिए स्पष्ट दिशा-निर्देश

देहरादून।  डॉ. आशीष चौहान ने सोमवार को जनपद के सभी जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर प्रशासनिक प्राथमिकताओं और कार्य संस्कृति को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ वास्तविक रूप से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। यदि योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक नहीं पहुंचता है तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय की जाएगी।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को विभागीय कार्यों में नियमित मॉनिटरिंग और फील्ड उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुशासन का प्रभाव आमजन को प्रत्यक्ष रूप से महसूस होना चाहिए और प्रशासन की मौजूदगी जमीनी स्तर पर दिखाई देनी चाहिए।

मुख्यमंत्री घोषणाओं की होगी नियमित समीक्षा

बैठक में जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री घोषणाओं से जुड़ी परियोजनाओं की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी परियोजनाओं की सतत मॉनिटरिंग की जाए ताकि कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे हो सकें।

पॉक्सो, साइबर क्राइम और नशे के खिलाफ अभियान चलाने पर जोर

डॉ. आशीष चौहान ने पॉक्सो, साइबर क्राइम और नशे के खिलाफ व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विद्यालयों, कॉलेजों और स्थानीय स्तर पर युवाओं और बच्चों को जागरूक करने के लिए प्रभावी कार्यक्रम संचालित किए जाएं।

उन्होंने एन-कोर्ड व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाते हुए नशा नियंत्रण अभियान को तेज करने के निर्देश भी दिए।

सड़क सुरक्षा और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों पर रहेगा विशेष फोकस

बैठक में सड़क सुरक्षा और सड़कों की स्थिति की नियमित समीक्षा के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां सुधारात्मक कार्य किए जाएं।

उन्होंने संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा मामलों में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

भूमि धोखाधड़ी और अवैध कब्जों पर सख्ती

भूमि संबंधी धोखाधड़ी और अवैध कब्जों के मामलों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने राजस्व और संबंधित विभागों को संवेदनशीलता और सतर्कता के साथ कार्य करने को कहा ताकि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

महिला सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता

महिला सुरक्षा को प्रशासन की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल करते हुए जिलाधिकारी ने सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुरक्षित बनाने पर जोर दिया। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां स्ट्रीट लाइट व्यवस्था मजबूत करने और महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

स्वच्छता और डेंगू नियंत्रण पर विशेष जोर

डॉ. आशीष चौहान ने शहर की स्वच्छता व्यवस्था में दृश्य परिवर्तन लाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने जलाशयों और जल स्रोतों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

साथ ही खाद्य पदार्थों में मिलावट के मामलों पर सख्त निगरानी रखने को कहा गया। डेंगू नियंत्रण को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने सक्रिय केस हंटिंग, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान और जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि डेंगू नियंत्रण में जनपद की रैंकिंग बेहतर करने के लिए सभी विभाग समन्वित प्रयास करें।

नए जनहित परियोजनाओं की तैयारी के निर्देश

बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद में संचालित महत्वपूर्ण परियोजनाओं की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को जनहित में कम से कम पांच नए महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट तैयार करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि अन्य जनपदों में संचालित सफल नवाचारों का अध्ययन कर उन्हें देहरादून में लागू करने की संभावनाएं भी तलाशनी चाहिए।

“प्रशासन का उद्देश्य जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना”

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल योजनाओं का क्रियान्वयन करना नहीं, बल्कि जनता के जीवन में सकारात्मक और स्पष्ट बदलाव लाना होना चाहिए।

बैठक में अभिनव शाह, केके मिश्रा, सभी तहसीलों के उप जिलाधिकारी तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।

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