एमडीडीए की 113वीं बोर्ड बैठक में जनहित, हरियाली और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर विशेष फोकस

देहरादून, 16 अप्रैल 2026: मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की 113वीं बोर्ड बैठक में देहरादून शहर के सुनियोजित विकास, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। आयुक्त गढ़वाल मंडल एवं प्राधिकरण अध्यक्ष विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 968 करोड़ रुपये का बजट पास किया गया। साथ ही 48 प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई।

बैठक के प्रमुख फैसले

  • 968 करोड़ का बजट स्वीकृत: इस बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, सौंदर्यीकरण, पर्यावरण संरक्षण और जनसुविधाओं को प्राथमिकता दी गई है।
  • ईको-रिजॉर्ट, होटल, व्यावसायिक और आवासीय निर्माण प्रस्तावों को स्वीकृति।
  • भवन निर्माण एवं विकास उपविधि 2011 (संशोधित) को राज्य सरकार की अधिसूचना के अनुरूप अंगीकृत किया गया, जिससे निर्माण कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी।
  • शहर में हरियाली बढ़ाने, वृक्षारोपण, जल संरक्षण और नए पार्क विकसित करने पर विशेष जोर।

पर्यावरण और हरियाली पर जोर

बैठक में बढ़ते तापमान और पर्यावरणीय दबाव को देखते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। डिवाइडरों पर पौधारोपण, गमलों की व्यवस्था और रखरखाव के लिए ट्रैक्टर, एमपीवी 333 (प्रेशर पंप सहित) तथा हाइड्रोलिक ट्रॉली खरीदने की मंजूरी दी गई। साथ ही वृक्षारोपण, जल संरक्षण और पार्क निर्माण को युद्धस्तर पर करने के निर्देश दिए गए।

अध्यक्ष विनय शंकर पांडेय का बयान

आयुक्त गढ़वाल मंडल एवं एमडीडीए अध्यक्ष विनय शंकर पांडेय ने कहा, “प्राधिकरण का लक्ष्य केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं है। हम देहरादून को एक संतुलित, हरित और व्यवस्थित शहर के रूप में विकसित करना चाहते हैं। बजट और स्वीकृत योजनाओं के माध्यम से इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जाएगा तथा आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। सभी परियोजनाओं को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा किया जाएगा।”

उपाध्यक्ष का दृष्टिकोण

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि एमडीडीए जनहित के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। स्वीकृत प्रस्तावों से न केवल शहर का भौतिक विकास होगा, बल्कि रोजगार और निवेश के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में देहरादून एक आदर्श और पर्यावरण-अनुकूल शहर के रूप में स्थापित होगा।

सचिव का बयान

प्राधिकरण सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि बैठक में कुल 48 प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा हुई, जिनमें अधिकांश जनहित और विकास से जुड़े थे। भवन निर्माण उपविधियों में संशोधन से निर्माण कार्यों में पारदर्शिता आएगी और अवैध निर्माण पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।

बैठक की शुरुआत उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी द्वारा अध्यक्ष और सदस्यों के स्वागत से हुई। पिछली 112वीं बैठक की अनुपालन रिपोर्ट को भी बोर्ड ने मंजूरी दी।

यह बैठक देहरादून के भविष्य के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसमें शहर को स्मार्ट, हरित और रहने योग्य बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।

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