गौमूत्र पिलाने, तांत्रिक के पास ले जाने और मानसिक प्रताड़ना के आरोप; पुलिस ने जांच तेज की, एक आरोपी तांत्रिक गिरफ्तार
मुंबई। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद विनायक राउत के परिवार पर उनकी बहू गिरिजा राउत ने घरेलू हिंसा, मानसिक प्रताड़ना और अंधविश्वास से जुड़े गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने पूर्व सांसद, उनके परिवार के सदस्यों और दो तांत्रिकों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में नामजद एक तांत्रिक को गिरफ्तार भी किया गया है।
बहू ने लगाए गंभीर आरोप
गिरिजा राउत का आरोप है कि विवाह के बाद से उन्हें लगातार मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। उनका कहना है कि उनके पति को संतान संबंधी समस्या थी, लेकिन इसका दोष अप्रत्यक्ष रूप से उन पर डाला गया और उन्हें विभिन्न तांत्रिकों के पास ले जाया गया।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अंधविश्वास के नाम पर उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। उनके बाल खींचे गए, उन्हें जबरन गौमूत्र पिलाया गया और कथित तौर पर काला जादू जैसी गतिविधियों में शामिल होने के लिए मजबूर किया गया। गिरिजा का यह भी कहना है कि कई बार उन्हें भूखा रखा गया तथा परिवार के सदस्यों ने उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें प्रताड़ित किया।
सात वर्षों तक प्रताड़ना झेलने का दावा
अपने बयान में गिरिजा राउत ने दावा किया कि पिछले सात वर्षों से वह लगातार मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न झेलती रही हैं। उनका आरोप है कि परिवार के मुखिया होने के बावजूद विनायक राउत ने उनकी शिकायतों पर कभी ध्यान नहीं दिया और उन्हें न्याय नहीं मिला।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, एक तांत्रिक गिरफ्तार
गिरिजा राउत की शिकायत के बाद पुलिस ने पूर्व सांसद विनायक राउत, उनकी पत्नी, उनके पुत्र एवं पार्षद गीतेश राउत तथा दो तांत्रिकों के खिलाफ घरेलू हिंसा और महाराष्ट्र के अंधविश्वास विरोधी कानून की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने शिकायत में नामजद तांत्रिकों में से एक, फिरोज शेख, को गिरफ्तार कर लिया है। शिकायत के अनुसार, परिवार ने कथित तौर पर फिरोज शेख से अंधविश्वास से जुड़े अनुष्ठान करवाए थे। गिरफ्तार आरोपी और शिकायतकर्ता को अदालत में भी पेश किया गया, जबकि मामले की जांच जारी है।
विनायक राउत ने आरोपों को बताया निराधार
दूसरी ओर, पूर्व सांसद विनायक राउत ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि यह मामला वैवाहिक विवाद और तलाक की प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है तथा उन्हें और उनके परिवार को झूठे मामले में फंसाने की कोशिश की जा रही है।
राउत का दावा है कि उनकी बहू ने समझौते के लिए 12 करोड़ रुपये, तीन कमरों का फ्लैट और एक कार की मांग की थी। मांग पूरी नहीं होने पर उनके परिवार के खिलाफ झूठे आरोप लगाए गए हैं।
शिकायत दर्ज कराने में देरी पर भी उठे सवाल
मामले में शिकायत दर्ज कराने के समय को लेकर सवाल उठाए जाने पर गिरिजा राउत ने कहा कि उनका ससुराल राजनीतिक रूप से प्रभावशाली है। इसी कारण लंबे समय तक वह शिकायत दर्ज कराने का साहस नहीं जुटा सकीं। उनका कहना है कि अब परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने कानूनी कार्रवाई का निर्णय लिया।
पति पर लगाए वैवाहिक जीवन से जुड़े आरोप
गिरिजा राउत ने अपने पति पर वैवाहिक जीवन से जुड़े भी कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि शादी के बाद ऊटी में हनीमून के दौरान उनके पति ने शारीरिक संबंध बनाने से इनकार कर दिया और उन्हें अपने से दूर कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पति ने कहा था कि वह केवल किसी विदेशी स्थान पर ही संबंध बना सकते हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बाद में पारिवारिक कार्यक्रमों के दौरान सार्वजनिक रूप से उनका अपमान किया गया। वर्ष 2018 में ऑस्ट्रेलिया यात्रा के दौरान भी उनके साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है। गिरिजा का दावा है कि इन घटनाओं की जानकारी परिवार के अन्य सदस्यों को भी थी।
जांच जारी, आरोपों की पुष्टि होना बाकी
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों की न्यायिक या पुलिस जांच के माध्यम से अंतिम पुष्टि होना अभी बाकी है। वहीं, आरोपी पक्ष ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए उन्हें राजनीतिक और पारिवारिक विवाद से प्रेरित बताया है।