मसूरी: भारत केमिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर देशव्यापी हड़ताल के तहत मसूरी में सभी दवा विक्रेताओं ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। जिसके कारण मसूरी में दवाओं की भारी किल्लत देखने को मिली। न केवल स्थानीय रोगी, बल्कि पर्यटक भी दवा खरीदने के लिए भटकते रहे। जन औषधि केंद्र भी बंद रहने से समस्या और बढ़ गई।
हड़ताल के प्रमुख कारण
दवा विक्रेताओं ने जन स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए हड़ताल का आयोजन किया। उनकी मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:
- AI से तैयार की जा रही फर्जी पर्चियों पर तत्काल रोक
- फर्जी डॉक्टरों और बिना जांच के ऑनलाइन परामर्श पर प्रतिबंध
- ऑनलाइन ऑर्डर में असली प्रिस्क्राइबर की पहचान अनिवार्य
- एंटीबायोटिक्स, ओपिऑइड्स और साइकोट्रॉपिक दवाओं की बिना प्रिस्क्रिप्शन बिक्री पर रोक
- एक ही पर्चे के बार-बार दुरुपयोग को रोका जाए
- ऑनलाइन नशीली दवाओं की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध
- फार्मासिस्ट के पेशेवर सम्मान और भूमिका की रक्षा
- दवाओं को मात्र व्यावसायिक वस्तु न बनाया जाए
जन स्वास्थ्य पर पड़ा असर
हड़ताल के कारण मसूरी की लगभग सभी दवा दुकानें बंद रहीं। पर्यटकों की भारी आवाजाही वाले इस हिल स्टेशन में दवा न मिलने से कई लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जन औषधि केंद्रों के बंद रहने से सस्ती दवाओं की उपलब्धता भी प्रभावित हुई।
दवा विक्रेताओं का कहना है कि बिना उचित नियमों के दवाओं की अनियंत्रित बिक्री जन स्वास्थ्य के लिए खतरा बन रही है। वे सरकार से इन समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं।