पालिका परिषद मसूरी ने ई-रिक्शा सेवा शुरू करने की दिशा में बढ़ाई पहल, ट्रायल रहा सफल, कहां गये सांसद तरूण विजय द्वारा प्रदत्त 25 ई रिक्शा

बढ़ती यातायात समस्या के समाधान की ओर महत्वपूर्ण कदम

मसूरी। पर्यटन नगरी मसूरी में लगातार बढ़ती यातायात समस्या, जाम और पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नगर पालिका परिषद मसूरी, जिला प्रशासन और परिवहन विभाग ने ई-रिक्शा सेवा शुरू करने की दिशा में ठोस पहल शुरू कर दी है। इसी क्रम में शनिवार को उप जिलाधिकारी (एसडीएम) राहुल आनंद के नेतृत्व में शहर के विभिन्न मार्गों पर ई-रिक्शा (ई-ऑटो) का सफल ट्रायल किया गया।

प्रशासन का मानना है कि यदि यह योजना धरातल पर सफलतापूर्वक लागू होती है तो मसूरी में यातायात दबाव कम करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और पर्यटकों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

किंक्रेग से माल रोड तक किया गया परीक्षण

ई-रिक्शा सेवा की व्यवहारिकता और सुरक्षा का आकलन करने के लिए किंक्रेग, लाइब्रेरी चौक, पिक्चर पैलेस, माल रोड, कुलड़ी तथा लंढौर रोड जैसे प्रमुख मार्गों पर ट्रायल किया गया।

इस दौरान एसडीएम राहुल आनंद, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन, एआरटीओ तथा पुलिस विभाग के अधिकारियों ने स्वयं ई-रिक्शा में बैठकर इसके संचालन और प्रदर्शन का निरीक्षण किया। शहर की चढ़ाई और उतराई वाले कठिन मार्गों पर भी वाहन का परीक्षण किया गया, जिसमें ई-रिक्शा पूरी तरह सुरक्षित और सक्षम साबित हुआ।

तीन टीमों ने किया विस्तृत निरीक्षण

उप जिलाधिकारी राहुल आनंद ने बताया कि परीक्षण के लिए तीन अलग-अलग टीमों का गठन किया गया था। प्रत्येक टीम ने शहर के विभिन्न मार्गों पर ई-रिक्शा की क्षमता, संतुलन, गति, ब्रेकिंग सिस्टम और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं का मूल्यांकन किया।

उन्होंने बताया कि परीक्षण के दौरान यह पाया गया कि ई-रिक्शा में पर्याप्त शक्ति है और यह तीन यात्रियों को उनके सामान सहित आसानी से ले जाने में सक्षम है। पहाड़ी मार्गों पर भी वाहन का प्रदर्शन संतोषजनक रहा।

साइकिल रिक्शा संचालकों से होगी बातचीत

एसडीएम राहुल आनंद ने कहा कि अब अगला कदम साइकिल रिक्शा संचालकों से संवाद स्थापित करना होगा। प्रशासन चाहता है कि वर्तमान में शहर में कार्यरत साइकिल रिक्शा चालक भी नई व्यवस्था का हिस्सा बनें और उन्हें ई-रिक्शा संचालन के लिए प्रोत्साहित किया जाए।

उन्होंने कहा कि सभी हितधारकों के साथ बैठक कर ऐसी रणनीति बनाई जाएगी जिससे किसी का रोजगार प्रभावित न हो और आधुनिक परिवहन व्यवस्था भी विकसित हो सके।

तय होंगे रूट और वाहनों की संख्या

प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि ई-रिक्शा स्वयं जाम का कारण न बनें। इसके लिए संचालन से पहले रूट निर्धारण, वाहनों की संख्या तय करना और यातायात प्रबंधन की विस्तृत योजना तैयार की जाएगी।

एसडीएम ने बताया कि शहर में वर्तमान में जितने साइकिल रिक्शा संचालित हो रहे हैं, उन्हें भी नई व्यवस्था में समायोजित करने की योजना बनाई जाएगी। इसके अलावा यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि ई-रिक्शा केवल निर्धारित मार्गों पर ही संचालित हों।

पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा

प्रशासन का मानना है कि ई-रिक्शा पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल परिवहन साधन हैं। मसूरी जैसे संवेदनशील पर्यटन स्थल में इनका संचालन प्रदूषण कम करने और हरित परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

पर्यटकों को भी इससे बेहतर और सुविधाजनक परिवहन सुविधा मिलेगी, जिससे शहर की सकारात्मक छवि मजबूत होगी।

परिवहन विभाग से मिलेगा वैध पंजीकरण

नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन ने बताया कि ई-रिक्शा सेवा को वैधानिक रूप से संचालित करने के लिए सभी वाहनों का पंजीकरण परिवहन विभाग के माध्यम से कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में नगर पालिका कुछ क्षेत्रों में गोल्फ कार्ट संचालित कर रही है, लेकिन उन्हें परिवहन विभाग से लाइसेंस प्राप्त नहीं होता। जबकि ई-रिक्शा को विधिवत अनुमति और पंजीकरण उपलब्ध हो सकता है, जिससे उनका संचालन अधिक व्यवस्थित और कानूनी रूप से मान्य रहेगा।

पर्यटकों और स्थानीय लोगों को मिलेगी सुविधा

यदि ई-रिक्शा सेवा शुरू होती है तो इसका लाभ केवल पर्यटकों को ही नहीं बल्कि स्थानीय नागरिकों को भी मिलेगा। माल रोड, लाइब्रेरी चौक, पिक्चर पैलेस और अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों के बीच आवागमन अधिक आसान और सुविधाजनक हो जाएगा।

विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए यह सेवा राहत का माध्यम बन सकती है, जिन्हें पहाड़ी मार्गों पर पैदल चलने में कठिनाई होती है।

जल्द लिया जाएगा अंतिम निर्णय

प्रशासन और नगर पालिका अब ट्रायल रिपोर्ट का अध्ययन कर संबंधित विभागों, रिक्शा संचालकों और अन्य हितधारकों के साथ बैठक करेगी। सभी पक्षों की सहमति और आवश्यक औपचारिकताओं के बाद ई-रिक्शा सेवा को नियमित रूप से संचालित करने का अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

मसूरी में बढ़ते पर्यटन दबाव और यातायात चुनौतियों को देखते हुए यह पहल शहर की परिवहन व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव साबित हो सकती है।

पूर्व में राज्य सभा सांसद तरूण विजय द्वारा दिये गये 25 ई रिक्शा, फाइलों में खो गये
यहां यह भी लिखना आवश्यक है कि कुछ वर्ष पूर्व जब तरूण विजय राज्यसभा के सांसद थे और मसूरी नगर पालिका के अध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल थे तो तरूण विजय के द्वारा सार्वजनिक रूप से घोषणा की गई थी कि वो मसूरी को 25 ई रिक्शा प्रदान कर रहे हैं। तब नि0रा0से0 ने बाद में तरूण विजय से प्रश्न किया तो तरूण विजय का उत्तर था कि फण्ड रिलीज हो गऐ हैं, नगर पालिका मसूरी ई रिक्शा मंगाा ले। किन्तु उसी समय मसूरी के ही कुछ लोगो द्वारा ये कहकर आपत्ति की गई कि यदि मसूरी में ई रिक्शा आ गये तो यहां तो पैदल चलना भी मुश्किल हो जायेगा। अब शायद वे बुद्धिजीवि खामोश हो गये है।

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