मसूरी, 16 मई 2026: मसूरी की ऐतिहासिक तिलक लाइब्रेरी परिसर में दुकानों के निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। लोगों ने निर्माण स्थल पर पहुंचकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया, निर्माण कार्य रुकवा दिया और लगाए गए शटर उखाड़ दिए। साथ ही लाइब्रेरी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।
विरोध का कारण
स्थानीय लोगों ने एमडीडीए को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि तिलक लाइब्रेरी आजादी से पहले निर्मित एक महत्वपूर्ण संस्थान है, जहां आम जनता अध्ययन करने आती है। उन्होंने आरोप लगाया कि परिसर में पहले भी कई अवैध निर्माण हो चुके हैं और अब मुख्य मार्ग पर दीवार तोड़कर दुकानें बनाई जा रही हैं।
मुख्य आपत्तियां:
- सड़क पहले से संकरी है, दुकानों से दुर्घटना की आशंका बढ़ जाएगी।
- लाइब्रेरी का ऐतिहासिक और सार्वजनिक चरित्र प्रभावित होगा।
- यदि तत्काल निर्माण कार्य बंद नहीं किया गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
ज्ञापन देने वालों में मेघ सिंह कंडारी, गौरव गुप्ता, शहनवाज, प्रताप पंवार, संजय नेगी, अमित गुप्ता, विजय कुमार, महेश, मनोज नेगी, दिनेश सेमवाल, मोहन चैहान, राहुल उनियाल, प्रशांत छाबड़ा, वीर सिंह कंडारी, सलीम अहमद, मुकेश पंवार, रकम सिंह गुनसोल, अनिल गोदियाल आदि शामिल रहे।
लाइब्रेरी प्रबंधन का पक्ष
तिलक लाइब्रेरी के सचिव राकेश अग्रवाल ने विरोध का जवाब देते हुए कहा कि परिसर में एक लाइब्रेरी स्टोर और दो दुकानें बनाई जा रही थीं। इन दुकानों का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराना और लाइब्रेरी की आय बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि उनका कोई व्यक्तिगत स्वार्थ नहीं है।
एमडीडीए को सौंपी मांग
स्थानीय लोगों ने मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) से तत्काल निर्माण कार्य पर रोक लगाने और मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
यह विवाद मसूरी के प्रमुख सार्वजनिक स्थल तिलक लाइब्रेरी को लेकर होने से स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। एमडीडीए की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।