लाइब्रेरी चौक चौड़ीकरण का फायदा उठा रहे संचालक, जाम और अव्यवस्था से स्थानीय लोग परेशान
मसूरी। पहाड़ों की रानी मसूरी में पर्यटकों की बढ़ती संख्या के बीच शहर की यातायात व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। लाइब्रेरी स्थित गांधी चौक के चौड़ीकरण का उद्देश्य जहां पर्यटकों और स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधा देना था, वहीं अब यह स्थान अवैध रूप से किराये पर दुपहिया वाहन संचालित करने वालों का अड्डा बनता जा रहा है। परिणामस्वरूप चौड़ीकरण से मिली अतिरिक्त जगह पर रेंटल स्कूटी और बाइक संचालकों का कब्जा बढ़ता जा रहा है, जिससे जाम, अव्यवस्था और दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
पर्यटकों की सुविधा के लिए हुआ था चौड़ीकरण
गांधी चौक मसूरी का प्रमुख पर्यटन और सांस्कृतिक केंद्र माना जाता है। यहां विभिन्न उत्सवों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सार्वजनिक आयोजनों का आयोजन होता है। साथ ही बड़ी संख्या में पर्यटक यहां से दून घाटी के विहंगम दृश्य का आनंद लेने पहुंचते हैं।
पूर्व में स्थान की कमी और वाहनों के दबाव के कारण यहां लगातार जाम की स्थिति बनी रहती थी। इसी समस्या के समाधान के लिए चौक का विस्तारीकरण किया गया था ताकि यातायात सुचारू हो सके और पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके।
चौड़ीकरण की जगह बनी रेंटल स्कूटी स्टैंड
स्थानीय लोगों का आरोप है कि चौड़ीकरण से बनी अतिरिक्त जगह पर अब बड़ी संख्या में रेंटल स्कूटी और बाइक खड़ी की जा रही हैं। स्थिति यह है कि कई वाहन दिनभर चौक पर ऐसे खड़े रहते हैं मानो उन्हें स्थायी रूप से जगह आवंटित कर दी गई हो।
इन वाहनों के कारण न केवल यातायात प्रभावित हो रहा है, बल्कि दुकानदारों और पैदल यात्रियों को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। कई दुकानों तक पहुंचने का रास्ता भी बाधित हो रहा है।
सोशल मीडिया पर उठ रहा मुद्दा
स्थानीय व्यवसायियों और नागरिक संगठनों ने कई बार इस समस्या को सोशल मीडिया के माध्यम से उठाया है। रेंटल स्कूटियों के कारण उत्पन्न जाम और अव्यवस्था के वीडियो लगातार साझा किए जा रहे हैं। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।
हालांकि पुलिस और परिवहन विभाग समय-समय पर कार्रवाई करते रहे हैं, लेकिन कार्रवाई के कुछ दिनों बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है।
नियमों की अनदेखी कर चल रहा कारोबार
जानकारों के अनुसार रेंटल स्कूटी व्यवसाय के संचालन के लिए परिवहन विभाग द्वारा स्पष्ट मानक निर्धारित किए गए हैं। लाइसेंस प्राप्त संचालकों को निर्धारित पार्किंग स्थल, शेड, कार्यालय और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था करनी होती है।
नियमों के अनुसार सार्वजनिक स्थानों, मुख्य सड़कों या चौकों पर वाहन खड़े कर किराये का व्यवसाय संचालित नहीं किया जा सकता। लेकिन मसूरी में कई संचालक इन नियमों की खुलेआम अनदेखी कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन स्थानों से इन व्यवसायों को लाइसेंस जारी किए गए हैं, वहां वाहनों की पार्किंग नहीं होती, बल्कि शहर के प्रमुख मार्गों और पर्यटन स्थलों को ही अस्थायी स्टैंड बना दिया गया है।
लाइब्रेरी चौक से लेकर पिक्चर पैलेस तक समस्या
अवैध पार्किंग की समस्या केवल गांधी चौक तक सीमित नहीं है। पिक्चर पैलेस-लंढौर रोड और पिक्चर पैलेस-नगर पालिका रोड पर भी बड़ी संख्या में रेंटल स्कूटियां खड़ी रहती हैं।
इन मार्गों पर पहले से ही यातायात का दबाव अधिक रहता है। ऐसे में सड़क किनारे खड़े वाहनों के कारण मार्ग और संकरा हो जाता है, जिससे जाम के साथ-साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है।
प्रशासन के प्रयास भी साबित हुए नाकाफी
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन द्वारा पूर्व में लाइब्रेरी क्षेत्र में चेन लगाकर वाहनों को रोकने का प्रयास किया गया था। लेकिन स्कूटी संचालकों ने वाहन खड़े करना बंद नहीं किया। बाद में सड़क पर यातायात प्रभावित होने के कारण चेन हटानी पड़ी।
नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने भी पिक्चर पैलेस और लंढौर रोड क्षेत्र में बैरिकेडिंग और डिवाइडर लगाने जैसे कदम उठाए, लेकिन इसके बावजूद समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं हो सकी।
मंत्री की बैठक में भी उठा मुद्दा
हाल ही में आयोजित एक बैठक में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के समक्ष भी यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। बैठक में स्थानीय लोगों ने अवैध रूप से संचालित रेंटल स्कूटी कारोबार और यातायात व्यवस्था पर इसके प्रभाव को लेकर चिंता जताई।
मंत्री ने परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन को इस समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
लाइसेंस निरस्तीकरण की चेतावनी
संभागीय परिवहन विभाग की एआरटीओ डॉ. अनीता चंदोला ने स्पष्ट किया है कि विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि रेंटल स्कूटियां निर्धारित स्थानों के बजाय सड़क किनारे खड़ी की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि यदि जांच में यह पाया जाता है कि लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन किया जा रहा है, तो संबंधित संचालकों के लाइसेंस निरस्त किए जा सकते हैं। विभाग द्वारा समय-समय पर अभियान चलाकर ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है।
स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि केवल चालान या अस्थायी कार्रवाई से समस्या का समाधान नहीं होगा। प्रशासन को लाइसेंस शर्तों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराना होगा और अवैध पार्किंग को पूरी तरह समाप्त करना होगा।
पर्यटन सीजन के चरम पर पहुंचने के साथ यह समस्या और गंभीर होती जा रही है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में यातायात व्यवस्था और अधिक प्रभावित हो सकती है।