‘राष्ट्र प्रथम, सदैव प्रथम’ को जीवन का आधार बनाएं : डॉ. अतुल कृष्ण

राष्ट्रीय चरित्र निर्माण अभियान के तहत दो विद्यालयों में विद्यार्थियों को राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और नैतिक मूल्यों का संदेश

देहरादून। राष्ट्रीय चरित्र निर्माण अभियान के अंतर्गत देहरादून के दो प्रमुख शिक्षण संस्थानों में प्रेरणादायी कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। पी.एम. श्री केंद्रीय विद्यालय, आई.एम.ए., प्रेमनगर तथा एस.जी.आर.आर. इंटर कॉलेज, भाऊवाला में आयोजित इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को राष्ट्रप्रेम, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और आदर्श नागरिक बनने की प्रेरणा दी गई। कार्यक्रमों में शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुभारती समूह के संस्थापक एवं प्रख्यात शिक्षाविद् डॉ. अतुल कृष्ण ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “राष्ट्र प्रथम, सदैव प्रथम” केवल एक नारा नहीं, बल्कि प्रत्येक भारतीय के जीवन का मूल सिद्धांत होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की उन्नति तभी संभव है जब युवा पीढ़ी अपने जीवन में ईमानदारी, अनुशासन, नैतिकता और उत्कृष्ट चरित्र को अपनाए। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

व्यक्तित्व विकास के लिए ऐसे अभियान आवश्यक

पी.एम. श्री केंद्रीय विद्यालय, आई.एम.ए. के प्रधानाचार्य माम चन्द ने राष्ट्रीय चरित्र निर्माण अभियान की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान समय में केवल शैक्षणिक उपलब्धियां पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि विद्यार्थियों में देशभक्ति, सामाजिक उत्तरदायित्व, अनुशासन और नैतिक मूल्यों का विकास भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं तथा उनमें राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध को मजबूत बनाते हैं।

विद्यार्थियों में संस्कार और राष्ट्रप्रेम विकसित करने की प्रभावी पहल

एस.जी.आर.आर. इंटर कॉलेज, भाऊवाला की प्रधानाचार्या दमयंती प्रेन्द्रियाल ने अभियान की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल विद्यार्थियों के भीतर संस्कार, अनुशासन, चरित्र निर्माण और राष्ट्रप्रेम की भावना विकसित करने में अत्यंत प्रभावी साबित हो रही है। उन्होंने ऐसे आयोजनों को समय की आवश्यकता बताते हुए इनके नियमित आयोजन पर बल दिया।

चरित्रवान नागरिक ही राष्ट्र की वास्तविक शक्ति

राष्ट्रीय चरित्र निर्माण अभियान, देहरादून के निदेशक एवं राज्य पुरस्कार प्राप्त सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य डॉ. रवीन्द्र कुमार सैनी ने अभियान के उद्देश्य स्पष्ट करते हुए कहा कि किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी उसके चरित्रवान और जिम्मेदार नागरिक होते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से सत्य, सेवा, अनुशासन, संस्कार और राष्ट्रभक्ति को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आग्रह किया।

उन्होंने अभियान के चार मूल मंत्र—“राष्ट्र प्रथम”, “जय हिन्द”, “वन्दे मातरम्” और “भारत माता की जय”—को जीवन में आत्मसात करने का संदेश देते हुए कहा कि इन्हीं मूल्यों के माध्यम से सशक्त, संस्कारित और विकसित भारत का निर्माण संभव है।

गणमान्य अतिथियों ने भी किया प्रेरित

कार्यक्रम में सुभारती अस्पताल के ओएसडी बलवंत बोहरा, समाजसेवी एवं सेवानिवृत्त शिक्षक अर्जुन लाल कोहली तथा समाजसेवी जगदीश गुप्ता भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने विद्यार्थियों को अपने उत्कृष्ट आचरण, सेवा भावना, नैतिक मूल्यों और सकारात्मक सोच के माध्यम से समाज तथा राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत बनने का संदेश दिया।

विद्यार्थियों ने लिया राष्ट्र सेवा का संकल्प

दोनों विद्यालयों में उपस्थित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर सभी ने “राष्ट्र प्रथम, सदैव प्रथम” के संकल्प को दोहराते हुए देश सेवा, नैतिक मूल्यों के पालन, अनुशासित जीवन और आदर्श नागरिक बनने का प्रण लिया।

निरंतर चल रहा है राष्ट्रीय जागरूकता का अभियान

आयोजकों ने बताया कि राष्ट्रीय चरित्र निर्माण अभियान के तहत जिले के विभिन्न विद्यालयों में लगातार ऐसे प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन आयोजनों का उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, सामाजिक उत्तरदायित्व, नैतिकता, अनुशासन और राष्ट्रीय चेतना का विकास करना है, ताकि भविष्य में वे एक जिम्मेदार, संस्कारित और चरित्रवान नागरिक बनकर देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।

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