उत्तराखंड को वैश्विक वेडिंग डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में तेज़ी से बढ़ रही पहल : मुख्यमंत्री धामी

राष्ट्रीय वेडिंग प्रोफेशनल्स सम्मेलन में बोले मुख्यमंत्री, वेडिंग टूरिज्म के साथ आध्यात्मिक और वेलनेस पर्यटन को भी मिल रहा बढ़ावा

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को देश ही नहीं, बल्कि विश्व के प्रमुख वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि वेडिंग टूरिज्म के साथ-साथ स्पिरिचुअल और वेलनेस टूरिज्म को भी विशेष प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे पर्यटन उद्योग के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के नए अवसरों को भी मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री बुधवार को मसूरी-देहरादून मार्ग स्थित पुनर्नवा वेलनेस रिजॉर्ट, किमाड़ी में इंटरनेशनल कन्वेंशन ऑफ इवेंट इंडस्ट्रीज द्वारा आयोजित ‘ग्रेस हिन्दुस्थान 2.0 उत्तराखंड राष्ट्रीय वेडिंग प्रोफेशनल्स सम्मेलन’ को संबोधित कर रहे थे।

पर्यटन विकास के लिए महत्वपूर्ण मंच साबित होगा सम्मेलन

मुख्यमंत्री ने देशभर से आए वेडिंग प्लानर्स, इवेंट विशेषज्ञों, पर्यटन उद्यमियों और अन्य अतिथियों का देवभूमि उत्तराखंड में स्वागत करते हुए कहा कि यह सम्मेलन राज्य में पर्यटन और विशेष रूप से वेडिंग टूरिज्म को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण मंच है।

उन्होंने कहा कि दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान विशेषज्ञों के अनुभव, सुझाव और विचार-मंथन से राज्य के पर्यटन क्षेत्र को नई ऊर्जा और नई संभावनाएं प्राप्त होंगी। मुख्यमंत्री ने आयोजन के लिए इंटरनेशनल कन्वेंशन ऑफ इवेंट इंडस्ट्रीज की टीम तथा पुनर्नवा वेलनेस रिजॉर्ट के संस्थापक आचार्य आशीष सेमवाल को बधाई देते हुए विश्वास जताया कि इस आयोजन के सकारात्मक परिणाम भविष्य में उत्तराखंड के पर्यटन उद्योग के लिए लाभकारी सिद्ध होंगे।

‘वेड इन उत्तराखंड’ अभियान को मिल रही नई गति

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘वेड इन उत्तराखंड’ परिकल्पना को साकार करने के लिए राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि वेडिंग और इवेंट इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञों के सहयोग से उत्तराखंड को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक विशिष्ट डेस्टिनेशन वेडिंग हब के रूप में विकसित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में विवाह केवल सामाजिक आयोजन नहीं, बल्कि दो परिवारों और दो आत्माओं का पवित्र मिलन होता है। उत्तराखंड की आध्यात्मिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक समृद्धि इस अवसर को और अधिक यादगार एवं दिव्य बना देती है।

त्रियुगीनारायण सहित कई स्थानों को बनाया जा रहा विश्वस्तरीय वेडिंग डेस्टिनेशन

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह स्थल के रूप में प्रसिद्ध त्रियुगीनारायण मंदिर उत्तराखंड को विशेष पहचान प्रदान करता है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार त्रियुगीनारायण, ओंकारेश्वर (ऊखीमठ), रामनगर, टिहरी, मसूरी सहित कई अन्य उपयुक्त स्थलों को विश्वस्तरीय डेस्टिनेशन वेडिंग केंद्रों के रूप में विकसित कर रही है।

उन्होंने कहा कि इन स्थलों पर आधुनिक सुविधाओं के विकास के साथ स्थानीय संस्कृति और धार्मिक विरासत को भी संरक्षित रखा जाएगा।

स्थानीय लोगों के लिए बढ़ेंगे रोजगार और स्वरोजगार के अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि डेस्टिनेशन वेडिंग केवल होटल और रिसॉर्ट उद्योग तक सीमित नहीं होती, बल्कि इसका लाभ स्थानीय कारीगरों, लोक कलाकारों, होमस्टे संचालकों, टैक्सी चालकों, फूल सजावट, कैटरिंग, फोटोग्राफी और अन्य छोटे व्यवसायों से जुड़े लोगों को भी मिलता है।

उन्होंने कहा कि वेडिंग टूरिज्म ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करने का प्रभावी माध्यम बन सकता है।

उत्तराखंड को बनाया जा रहा समग्र पर्यटन का केंद्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड आने वाले पर्यटक केवल प्राकृतिक सौंदर्य का ही आनंद न लें, बल्कि यहां की संस्कृति, आध्यात्मिक वातावरण और पारंपरिक आतिथ्य का भी अनुभव लेकर जाएं।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड प्रकृति, संस्कृति, योग, अध्यात्म और वेलनेस का अद्भुत संगम है, जो पर्यटकों को एक संपूर्ण और विशिष्ट पर्यटन अनुभव प्रदान करता है।

वेलनेस टूरिज्म को भी मिल रहा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने पुनर्नवा वेलनेस रिजॉर्ट की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा और आधुनिक सुविधाओं के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वेडिंग टूरिज्म के साथ-साथ वेलनेस और स्पिरिचुअल टूरिज्म को भी समान महत्व दे रही है, ताकि उत्तराखंड वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य एवं आध्यात्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन सके।

आध्यात्मिक परियोजनाओं पर भी तेजी से हो रहा कार्य

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार केदारखंड और मानसखंड मंदिर क्षेत्रों के विकास एवं सौंदर्यीकरण के साथ हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर, विवेकानंद कॉरिडोर, गोल्ज्यू कॉरिडोर, यमुना कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा देकर वर्षभर पर्यटन गतिविधियों को सक्रिय रखने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में स्पिरिचुअल इकोनॉमिक जोन विकसित करने की दिशा में भी कार्य चल रहा है, जिससे योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा आधारित पर्यटन को नई पहचान मिलेगी।

बेहतर कनेक्टिविटी से पर्यटन को मिलेगा नया विस्तार

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड आज कानून-व्यवस्था, सुशासन और निवेश के अनुकूल वातावरण के कारण निवेशकों के लिए भरोसेमंद राज्य बन चुका है।

उन्होंने बताया कि चारधाम ऑल वेदर रोड परियोजना, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन, विभिन्न रोपवे परियोजनाएं, जौलीग्रांट और पंतनगर हवाई अड्डों का विस्तार तथा सभी जिलों में हेलीपोर्ट विकास जैसे बुनियादी ढांचा परियोजनाएं पर्यटकों की आवाजाही को अधिक आसान बनाएंगी और पर्यटन क्षेत्र को नई गति देंगी।

निवेशकों से सुझाव देने का किया आह्वान

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को प्रभावी ढंग से लागू कर रही है। सिंगल विंडो क्लीयरेंस व्यवस्था के माध्यम से निवेशकों, वेडिंग प्लानर्स और इवेंट आयोजकों को आवश्यक प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है।

उन्होंने सम्मेलन में उपस्थित विशेषज्ञों और निवेशकों से उत्तराखंड के पर्यटन विकास के लिए अपने सुझाव देने का आग्रह करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से उत्तराखंड को विश्व के सबसे आकर्षक और पसंदीदा वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित किया जा सकता है।

इस अवसर पर इंटरनेशनल कन्वेंशन ऑफ इवेंट इंडस्ट्रीज के पदाधिकारी, पुनर्नवा वेलनेस रिजॉर्ट के संस्थापक आचार्य आशीष सेमवाल, देशभर से आए वेडिंग प्लानर्स, पर्यटन एवं इवेंट उद्योग से जुड़े विशेषज्ञ, निवेशक और अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

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