सीमावर्ती इलाकों में ‘जीरो-टॉलरेंस’ नीति लागू करने के निर्देश
नई दिल्ली/बीकानेर। अमित शाह ने देश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के 15 किलोमीटर के दायरे में बने सभी अवैध ढांचों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। गृह मंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में ‘जीरो-टॉलरेंस’ नीति को पूरी सख्ती के साथ लागू किया जाए और पिछले कुछ वर्षों में बने सभी अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया जाए।
अधिकारियों के अनुसार, इस फैसले का उद्देश्य सीमा सुरक्षा को मजबूत करना, सीमा पार तस्करी पर लगाम लगाना और वित्तीय अनियमितताओं पर नियंत्रण स्थापित करना है।
बैंकिंग लेनदेन और फर्जी कंपनियों की होगी जांच
गृह मंत्रालय (MHA) ने सीमावर्ती जिलों के जिला मजिस्ट्रेटों को विशेष जिम्मेदारियां सौंपी हैं।
इनमें प्रमुख रूप से:
- सभी बैंकों के लेनदेन का कानूनी और वित्तीय सत्यापन
- बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच
- वित्तपोषण के स्रोतों की पड़ताल
- फर्जी बैंक खातों और शेल कंपनियों की पहचान
- फर्जी आधार कार्डों का पता लगाना
- सीमा पार तस्करी पर नियंत्रण
जैसे कार्य शामिल हैं।
सरकार का मानना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों और संदिग्ध आर्थिक नेटवर्क पर रोक लगाने के लिए यह कदम बेहद जरूरी है।
बीकानेर में हुई उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक
अमित शाह ने राजस्थान के बीकानेर में आयोजित सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए भारत-पाकिस्तान सीमा से जुड़े सुरक्षा हालात का आकलन किया।
बैठक में सीमावर्ती जिलों की सुरक्षा, बुनियादी ढांचे, निगरानी व्यवस्था और सीमा प्रबंधन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
महिला जवानों की सुविधाओं पर विशेष जोर
बीकानेर में सीमा चौकी पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने सीमा सुरक्षा में महिलाओं की भूमिका और उनके लिए आवश्यक सुविधाओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा में महिला कर्मी पुरुषों से “दो कदम आगे” बढ़ चुकी हैं और वर्ष 2030 तक सीमा क्षेत्रों में तैनात महिला जवानों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
राजस्थान में बन रहे हैं सैकड़ों बैरक
गृह मंत्री ने बताया कि राजस्थान में महिला कर्मियों के लिए 79 बैरक स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 67 का निर्माण लगभग 39 करोड़ रुपये की लागत से पूरा हो चुका है।
उन्होंने सोमवार को 14 नए बैरकों का उद्घाटन भी किया।
सीमा सुरक्षा बल (BSF) के सीमावर्ती क्षेत्रों में महिला जवानों की तैनाती को बेहतर बनाने के लिए करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से 356 बैरकों का निर्माण किया जाएगा।
सीमा क्षेत्रों में सड़क और पेयजल परियोजनाएं तेज
अमित शाह ने बताया कि राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में पार्श्व सड़क (Lateral Road) निर्माण कार्य शुरू हो चुका है।
इसके तहत:
- 1,096 किलोमीटर लंबी पार्श्व सड़क
- 520 किलोमीटर लंबी अक्षीय सड़क (Axial Road)
का निर्माण किया जाएगा, जिससे सीमा क्षेत्रों में तैनात जवानों को बेहतर संपर्क और सुविधाएं मिलेंगी।
उन्होंने यह भी बताया कि नई डिजाइन की बाड़बंदी पर काम जारी है और राजस्थान में लगभग 180 सीमा चौकियों तक पाइपलाइन से पेयजल आपूर्ति शुरू कर दी गई है।
पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर
कार्यक्रम के दौरान गृह मंत्री ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी संदेश दिया।
उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों ने लगभग 7.35 करोड़ पौधे लगाए हैं।
अमित शाह ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और बढ़ते तापमान को देखते हुए वृक्षारोपण भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस दौरान उन्होंने खेजड़ी का पौधा भी लगाया और इसे रेगिस्तानी क्षेत्रों के लिए अत्यंत उपयोगी वृक्ष बताया।
सीमा सुरक्षा को लेकर सरकार का बड़ा संदेश
विशेषज्ञों के अनुसार, सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध निर्माणों के खिलाफ यह कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
सरकार का फोकस अब केवल सीमा पर निगरानी बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि आर्थिक गतिविधियों, अवैध नेटवर्क, दस्तावेज़ी धोखाधड़ी और तस्करी के पूरे तंत्र को तोड़ने पर भी है।