देहरादून, 30 सितंबर 2025 उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम के कपाट इस वर्ष दीपावली के दो दिन बाद भैया दूज के पावन अवसर पर 23 अक्टूबर को बंद हो जाएंगे। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार कपाट पहले बंद हो रहे हैं, जिससे यात्रा सीजन में बचे 25 दिनों में यात्रियों की संख्या बढ़ाने की उम्मीद बंधी है। लेकिन सड़क मार्ग की जर्जर स्थिति और घटते पर्यटकों के कारण यात्रा प्रभावित हो रही है। अभी तक 15 लाख 85 हजार से अधिक भक्तों ने बाबा केदार के दर्शन किए हैं, जबकि पिछले साल पूरे सीजन में लगभग 19 लाख श्रद्धालु पहुंचे थे। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस वर्ष रिकॉर्ड टूटना मुश्किल है।
यात्रा सीजन का अंतिम चरण: 15.85 लाख भक्तों ने किए दर्शन, उम्मीद एक लाख और
केदारनाथ धाम के कपाट 2 मई 2025 को महाशिवरात्रि के बाद खोले गए थे। चालू सीजन में अब तक 15 लाख 85 हजार से अधिक भक्तों ने बाबा केदार के दर्शन किए हैं। औसतन प्रतिदिन चार हजार श्रद्धालु धाम पहुंच रहे हैं। लेकिन पिछले वर्ष की तुलना में यात्रियों की संख्या में कमी दर्ज की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि बचे 25 दिनों में एक लाख और यात्री पहुंचते हैं, तो कुल संख्या करीब 17 लाख तक पहुंच सकती है। हालांकि, वर्तमान रुझान से यह आंकड़ा पार होना चुनौतीपूर्ण लग रहा है।
हेलीकॉप्टर सेवाओं में भी सवारियों की कमी देखी जा रही है, जिसका कारण बढ़ा किराया और सड़क मार्ग की समस्याएं मानी जा रही हैं। घोड़े-खच्चर, मजदूर और अन्य सेवाएं भी धीरे-धीरे वापस लौटने लगी हैं। धाम पहुंचने वाले यात्रियों को अब सुबह से शाम तक आसानी से दर्शन हो रहे हैं, लंबी लाइनों की समस्या नहीं है। स्थानीय व्यापारियों को उम्मीद है कि अंतिम दिनों में पर्यटकों की संख्या में उछाल आएगा।
हाईवे की बदहाल स्थिति: सोनप्रयाग-गौरीकुंड मार्ग जानलेवा, बोल्डर गिरने का खतरा
मानसून समाप्त होने के बावजूद केदारनाथ हाईवे की हालत चिंताजनक बनी हुई है। सोनप्रयाग-गौरीकुंड मोटर मार्ग, विशेष रूप से सोनप्रयाग और मुनकटिया के पास, लगातार बोल्डर गिरने के कारण जानलेवा साबित हो रहा है। यात्रा सीजन के दौरान इन स्थानों पर पहाड़ी से पत्थर गिरने से कई दिनों तक यात्रा स्थगित रही। मुनकटिया में तो कई वाहन बोल्डरों की चपेट में आ चुके हैं।
रामपुर और डोलिया देवी के पास हाईवे का बुरा हाल है। रामपुर में सड़क हर साल नीचे की ओर धंस रही है, जिससे भारी वाहन फंस जा रहे हैं। इन्हें धक्का देकर या जेसीबी की मदद से पार कराया जा रहा है। फाटा के पास रामपुर में विभाग द्वारा मानसूनी बाद लाखों रुपये खर्च कर सड़क का ट्रीटमेंट किया जाता है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी रहती है। डोलिया देवी के पास हाल ही में डामरीकरण के बावजूद बोल्डर गिरने से डामर उखड़ गया है, जिससे बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं। यात्री और स्थानीय वाहन हिचकोले खाते हुए आवागमन कर रहे हैं।
केदारनाथ होटल एसोसिएशन के सचिव नितिन जमलोकी ने चिंता जताते हुए कहा, “बरसाती सीजन खत्म होने के बाद भी हाईवे की स्थिति सुधरी नहीं है। कुंड से आगे कई स्थान खतरनाक हैं। रामपुर, डोलिया देवी जैसे इलाकों में आवाजाही जोखिम भरी है। अगली यात्रा से पहले एनएचआई को सड़क दुरुस्त करनी चाहिए, ताकि भविष्य में यात्रियों को परेशानी न हो।”
यात्रियों पर असर: कम भीड़, लेकिन सुरक्षा चिंता बढ़ी
सड़क की खराब स्थिति के कारण गाड़ियों की भीड़ कम हो गई है। यात्रियों को धाम तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है, जिससे कुल संख्या प्रभावित हुई है। जुलाई तक के आंकड़ों के अनुसार, केदारनाथ में 14 लाख 39 हजार से अधिक यात्री पहुंच चुके थे, लेकिन सड़क समस्याओं ने अंतिम चरण को प्रभावित किया। प्रशासन ने भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं, लेकिन स्थायी समाधान की मांग तेज हो रही है।
यात्रा समाप्ति की ओर बढ़ते हुए स्थानीय लोग आशावादी हैं कि बचे दिनों में मौसम सुहावना होने से पर्यटक बढ़ेंगे। लेकिन सड़क मरम्मत न होने पर अगले सीजन की तैयारी पर सवाल उठ रहे हैं।