इंडोनेशिया में इस्लामिक बोर्डिंग स्कूल की इमारत ढहने से हाहाकार: एक छात्र की मौत, 99 घायल, 65 मलबे में दबे

सिदोअर्जो (ईस्ट जावा), 30 सितंबर 2025 इंडोनेशिया के ईस्ट जावा प्रांत के सिदोअर्जो शहर में सोमवार को एक इस्लामिक बोर्डिंग स्कूल की निर्माणाधीन इमारत अचानक ढह गई, जिसमें कम से कम एक 13 वर्षीय छात्र की मौत हो गई और 99 अन्य घायल हो गए। घटना के समय 100 से अधिक छात्र दोपहर की नमाज अदा कर रहे थे, जब अनाधिकृत विस्तार के कारण पुरानी दो मंजिला इमारत पर दो अतिरिक्त मंजिलें ढह गईं। बचाव दल ने रातभर मलबे में फंसे छात्रों को ऑक्सीजन और पानी पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन अस्थिर कंक्रीट और भारी मलबे के कारण भारी मशीनरी का उपयोग नहीं किया जा सका। अधिकारियों ने अनुमान जताया है कि 65 छात्र अभी भी मलबे में दबे हो सकते हैं, जिनमें अधिकांश 12 से 17 वर्ष की आयु के हैं। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है।


घटना का विवरण: नमाज के दौरान अनाधिकृत निर्माण से इमारत धराशायी

सिदोअर्जो के अल खोजिनी इस्लामिक बोर्डिंग स्कूल में सोमवार दोपहर को यह दर्दनाक हादसा हुआ। प्रांतीय पुलिस के प्रवक्ता जूल्स अब्राहम अबास्ट ने बताया कि छात्र पुराने प्रार्थना कक्ष में दोपहर की नमाज पढ़ रहे थे। यह इमारत मूल रूप से दो मंजिला थी, लेकिन बिना अनुमति के दो अतिरिक्त मंजिलें बनाई जा रही थीं। निर्माण के दौरान कंक्रीट डालने की प्रक्रिया में फाउंडेशन कमजोर पड़ गया, जिससे पूरा ढांचा ढह गया।

लड़के छात्र प्रार्थना कक्ष में फंस गए, जबकि लड़कियां इमारत के दूसरे हिस्से में प्रार्थना कर रही थीं और किसी तरह बच निकलने में सफल रहीं। जीवित बचे छात्रों ने बताया कि मलबा इतना भारी था कि कई लोग तुरंत दब गए। घटना स्थल पर चीख-पुकार मच गई, और स्थानीय निवासी, शिक्षक तथा प्रशासक तुरंत सहायता के लिए दौड़े। कई घायलों के सिर में चोटें आईं और हड्डियां टूट गईं।


बचाव अभियान: रातभर की मशक्कत, ऑक्सीजन और पानी पहुंचाया लेकिन मलबा बाधा

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, सेना और बचाव दल युद्ध स्तर पर राहत कार्य में जुट गए। रातभर मलबे को हाथों से हटाने का प्रयास किया गया। बचाव अधिकारी नानंग सिगित ने बताया कि भारी कंक्रीट की स्लैब और अस्थिर मलबे ने कार्य को कठिन बना दिया। भारी उपकरण उपलब्ध थे, लेकिन आगे गिरावट की आशंका से उनका उपयोग नहीं किया गया।

12 घंटे से अधिक समय बाद मंगलवार सुबह भी प्रयास जारी रहे। आठ घायलों को बाहर निकाला गया, जो कमजोर और घायल अवस्था में थे। बचावकर्मियों ने मलबे में फंसे छात्रों तक ऑक्सीजन सिलेंडर और पानी पहुंचाया। परिवारजन अस्पतालों और घटना स्थल पर इंतजार करते रहे, जहां रोते-बिलखते परिजनों के दृश्य दिल दहला देने वाले थे। अधिकारियों का कहना है कि कुछ छात्र अभी भी जीवित हैं, लेकिन स्थिति गंभीर है।


घायलों की स्थिति: 99 अस्पताल में, कई की हालत नाजुक

घटना में 99 छात्र घायल हो गए, जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है, खासकर सिर और हड्डी की चोटों वाले। एक 13 वर्षीय छात्र की मौत हो चुकी है, और बचावकर्मियों को मलबे में और शव दिखे हैं, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने का खतरा है। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, 102 लोगों को निकाला गया है, लेकिन 65 अभी भी लापता हैं।

परिवारों को लगातार अपडेट दिया जा रहा है, लेकिन चिंता का माहौल बना हुआ है। एक परिजन ने कहा, “हमारा बच्चा नमाज पढ़ रहा था, अचानक सब कुछ ढह गया। बस प्रार्थना है कि बाकी बच्चे सुरक्षित निकल आएं।”


जांच शुरू: अनाधिकृत निर्माण पर सवाल, दोषियों पर कार्रवाई की मांग

अधिकारी इमारत ढहने के कारणों की गहन जांच कर रहे हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट में अनाधिकृत विस्तार को मुख्य वजह बताया गया है। पुराने फाउंडेशन पर अतिरिक्त भार सहन न कर पाने से यह हादसा हुआ। स्थानीय प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। पूर्वी जावा के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कहा कि निर्माण नियमों का उल्लंघन स्पष्ट है, और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना इंडोनेशिया में स्कूलों और सार्वजनिक भवनों के निर्माण मानकों पर सवाल खड़े कर रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि जर्जर इमारतों की नियमित जांच जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी न हो।

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