ब्लॉक स्तरीय विज्ञान महोत्सव में 252 विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा, नवाचार और वैज्ञानिक सोच पर रहा जोर

रायपुर में आयोजित विज्ञान महोत्सव में विद्यार्थियों ने मॉडल और नाटकों के जरिए दिया सामाजिक समस्याओं के समाधान का संदेश, विज्ञान नाटक प्रतियोगिता में बन्नू इंटर कॉलेज ने हासिल किया प्रथम स्थान

रायपुर (देहरादून)। विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता और नवाचार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से महादेवी कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज, रायपुर में ब्लॉक स्तरीय विज्ञान महोत्सव आयोजित किया गया। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का संयोजन ब्लॉक विज्ञान समन्वयक सरदार दलजीत सिंह ने किया। महोत्सव की थीम ‘सतत एवं विकसित भारत के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार’ रही। कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने विज्ञान मॉडल, प्रोटोटाइप और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

दीप प्रज्वलन के साथ हुआ महोत्सव का शुभारंभ

कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि एवं हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. के. बी. जोशी ने दीप प्रज्वलित करने और फीता काटने के साथ किया। इस दौरान विद्यालय के एनसीसी कैडेट्स ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। एमकेपी इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य अर्चना पंत, खंड शिक्षा अधिकारी रायपुर हेमलता गौड़ उनियाल और जिला समन्वयक सुधीर कांति ने भी दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत और सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर समारोह का वातावरण उत्साहपूर्ण बनाया। ब्लॉक विज्ञान समन्वयक सरदार दलजीत सिंह और जिला समन्वयक सुधीर कांति ने विद्यार्थियों को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की महत्ता समझाई। उन्होंने बच्चों को जिज्ञासु बनने, सवाल पूछने, प्रयोगों के माध्यम से सीखने और दैनिक जीवन की समस्याओं के व्यावहारिक समाधान तलाशने के लिए प्रेरित किया।

विज्ञान मॉडलों के जरिए प्रदर्शित की तकनीकी समझ

विज्ञान प्रदर्शनी में रायपुर ब्लॉक के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। विद्यार्थियों ने अपने वैज्ञानिक मॉडल और प्रोटोटाइप प्रस्तुत कर तकनीकी ज्ञान, रचनात्मकता और प्रयोगात्मक समझ का परिचय दिया।

मुख्य अतिथि सहित अन्य अतिथियों ने प्रदर्शनी का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यार्थियों से उनके प्रोजेक्ट की कार्यप्रणाली, उपयोगिता और संबंधित वैज्ञानिक अवधारणाओं के बारे में जानकारी ली तथा उनके प्रयासों की सराहना की।

प्रदर्शनी में जूनियर वर्ग के 51 और सीनियर वर्ग के 92 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इस प्रकार कुल 143 छात्र-छात्राओं ने अपनी विज्ञान परियोजनाएं प्रस्तुत कीं।

विज्ञान नाटकों में पर्यावरण, स्वास्थ्य और मानव कल्याण के मुद्दे उठाए

महोत्सव के अंतर्गत ‘मानव जाति के कल्याण के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी’ विषय पर विज्ञान नाटक प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इसमें विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता, सामाजिक समस्याओं और मानव कल्याण में विज्ञान की भूमिका को प्रभावशाली तरीके से सामने रखा।

प्रतियोगिता में 109 विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रस्तुतियों के माध्यम से बच्चों ने बताया कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी का सही उपयोग समाज की अनेक समस्याओं के समाधान में सहायक हो सकता है। नाटकों ने विद्यार्थियों की रचनात्मक अभिव्यक्ति के साथ उनकी सामाजिक समझ को भी प्रदर्शित किया।

निर्णायकों ने मौलिकता और उपयोगिता के आधार पर किया मूल्यांकन

विज्ञान महोत्सव की विभिन्न प्रतियोगिताओं के मूल्यांकन के लिए गठित निर्णायक मंडल में सुनील दत्त रतूड़ी, सुरेश रावत, राजेंद्र बेलवाल, कामना डिमरी, डॉ. वंदना खंडूरी, योगिता भट्ट, रविंद्र भट्ट, अनूप नेगी और हेमवन्ति सती सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।

निर्णायकों ने विद्यार्थियों के मॉडल, प्रोटोटाइप और नाट्य प्रस्तुतियों का आकलन विषय की समझ, मौलिक विचार, प्रस्तुतीकरण और व्यावहारिक उपयोगिता के आधार पर किया। उन्होंने बच्चों की मेहनत की प्रशंसा करते हुए उन्हें विज्ञान से जुड़ी गतिविधियों में आगे भी सक्रिय रहने के लिए प्रोत्साहित किया।

विज्ञान नाटक प्रतियोगिता में इन विद्यालयों ने हासिल किए स्थान

विज्ञान नाटक प्रतियोगिता के परिणामों में सनातन धर्म इंटर कॉलेज (बन्नू), देहरादून ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। एमकेपी इंटर कॉलेज, देहरादून दूसरे स्थान पर रहा, जबकि पीएम श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, राजपुर रोड, देहरादून ने तीसरा स्थान हासिल किया।

इसके अलावा विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और सतत विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्रमाणपत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

स्वच्छता, स्वास्थ्य और नशामुक्त जीवन अपनाने की अपील

मुख्य अतिथि डॉ. के. बी. जोशी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वच्छ पर्यावरण बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए आवश्यक हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने, अपनी सेहत का ध्यान रखने और पढ़ाई के दौरान अनुशासन एवं एकाग्रता बनाए रखने की अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी का उपयोग केवल व्यक्तिगत प्रगति तक सीमित न रहकर समाज की बेहतरी और मानव कल्याण के लिए भी किया जाना चाहिए।

शिक्षकों और आयोजकों ने निभाई अहम भूमिका

कार्यक्रम का संचालन स्मिता सेमवाल, विनीता खर्कवाल और भावना नैथानी ने संयुक्त रूप से किया। आयोजन को सफल बनाने में सह-समन्वयक सुरेंद्र कुमार सहगल, ब्लॉक मंत्री नवीन पुंडीर, अभिषेक गुप्ता, डॉ. रीना अग्रवाल, देवेन्ति प्रजापति, अंशुल वालिया, अंजलि नौटियाल, लता हटाला, गीता वर्मा, उमा शर्मा, कल्पना, लता राणा, शशि, सुमन और किरन सिंह सहित अन्य लोगों का योगदान रहा।

विज्ञान महोत्सव ने विकसित भारत के संकल्प को दी मजबूती

ब्लॉक स्तरीय विज्ञान महोत्सव में विज्ञान प्रदर्शनी के 143 और नाटक प्रतियोगिता के 109 प्रतिभागियों को मिलाकर कुल 252 विद्यार्थियों ने भागीदारी की। आयोजन ने बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने, वैज्ञानिक सिद्धांतों को व्यावहारिक रूप देने और नए विचार साझा करने का मंच उपलब्ध कराया।

महोत्सव के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य संवर्धन तथा सामाजिक कल्याण के लिए महत्वपूर्ण हैं। इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के साथ उन्हें देश के विकास में रचनात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित करते हैं।

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