उत्तराखंड में भारी शीतलहर की चेतावनी, आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह अलर्ट

देहरादून, 4 दिसंबर
उत्तराखंड में इस बार असामान्य रूप से कड़ाके की ठंड और शीतलहर की आशंका को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी 13 जिलों को हाई अलर्ट पर डाल दिया है। सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने सभी जिलाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से ‘कोल्ड वेव एक्शन प्लान’ तैयार कर उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) को भेजने के सख्त निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने दी अतिरिक्त धनराशि, जरूरत पड़े तो तुरंत मांगें
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी जिलों को शीतलहर से निपटने के लिए विशेष धनराशि पहले ही जारी कर दी है। सचिव विनोद कुमार सुमन ने कहा कि यदि किसी जिले को और अधिक बजट की आवश्यकता है तो वह बिना देरी किए शासन को अपनी डिमांड भेजें, धनराशि तुरंत उपलब्ध कराई जाएगी।

चारधाम यात्रा और पर्यटकों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता
शीतकालीन चारधाम यात्रा शुरू हो चुकी है। सचिव ने निर्देश दिए कि भारी बर्फबारी या खराब मौसम में यात्रियों को बीच रास्ते में न रोका जाए, बल्कि सुरक्षित स्थानों पर ठहराने की पूरी व्यवस्था रहे। सड़क की स्थिति और मौसम का पूर्वानुमान देखकर ही यात्रियों को आगे बढ़ने दिया जाए।

फरवरी 2026 तक खाद्य सामग्री, ईंधन और दवाओं का पर्याप्त भंडारण अनिवार्य
सचिव ने सभी जिलों को आदेश दिए हैं कि:
– खाद्य सामग्री, पीने का पानी और ईंधन का कम से कम फरवरी 2026 तक का स्टॉक सुनिश्चित किया जाए।
– अस्पतालों, PHC और एम्बुलेंस सेवाएं 24×7 अलर्ट मोड में रहें।
– सभी डॉक्टरों की ड्यूटी लिस्ट, मोबाइल नंबर और जरूरी दवाइयों का भरपूर भंडारण किया जाए।
– रात में आवागमन वाले सभी प्रमुख स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाए।
– रैन बसेरों में कंबल, गर्म कपड़े, गरम पानी और भोजन की समुचित सुविधा उपलब्ध रहे।

बेसहारा पशुओं के लिए भी मानवीय व्यवस्था
आपदा प्रबंधन सचिव ने पशुपालन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर बेसहारा पशुओं को ठंड से बचाने के लिए गोशालाओं और आश्रय स्थलों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। ठंड से पशुओं की मौत न हो, इसके लिए विशेष कार्ययोजना बनाने को कहा गया है।

जन जागरूकता अभियान तेज करने के आदेश
सामान्य नागरिकों को शीतलहर से बचाव के उपाय बताने के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम, रेडियो, सोशल मीडिया और ग्राम पंचायतों के माध्यम से लगातार जागरूकता अभियान चलाने को कहा गया है।

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