मुख्यमंत्री धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज देहरादून में राज्य कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में कुल 8 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। फैसले स्वास्थ्य कर्मियों के तबादले, भूमि क्रय प्रक्रिया, औद्योगिक भूमि उपयोग, हरित हाइड्रोजन उत्पादन, भू-जल प्रभार, निजी विश्वविद्यालय संशोधन, हवाई पट्टियों का हस्तांतरण और जनजातीय कल्याण से जुड़े पदों पर केंद्रित रहे। अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी ने पत्रकारों को इन निर्णयों की विस्तृत जानकारी दी। ये फैसले राज्य के पर्यावरण संरक्षण, औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और जनकल्याण को नई गति देने वाले हैं।
स्वास्थ्य कर्मियों के लिए बड़ी राहत: आपसी सहमति से जनपद परिवर्तन
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत कार्यरत स्वास्थ्य कार्यकर्ता/स्वास्थ्य पर्यवेक्षक जिन्होंने अपने मूल संवर्ग में न्यूनतम 5 वर्ष की संतोषजनक सेवा पूरी कर ली है, उन्हें पूरी सेवा अवधि में एक बार आपसी सहमति (म्यूचुअल अंडरस्टैंडिंग) के आधार पर जनपद परिवर्तन की अनुमति मिलेगी। कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इससे स्वास्थ्य सेवाओं में कर्मचारियों की संतुष्टि बढ़ेगी और दूरस्थ क्षेत्रों में भी बेहतर सेवाएं सुनिश्चित होंगी।
भूमि क्रय में नई सुविधा: आपसी समझौते से सीधे खरीद संभव
भूमि अर्जन, पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की प्रक्रिया में लगने वाले समय और मुकदमेबाजी से बचने के लिए कैबिनेट ने लघु, मध्यम और वृहद परियोजनाओं के लिए भू-स्वामियों से आपसी समझौते के आधार पर भूमि क्रय की व्यवस्था को मंजूरी दी। इससे परियोजनाओं की लागत कम होगी, विवाद घटेंगे और लोकहित की योजनाएं समय पर पूरी होंगी।
उत्तराखंड ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2026 को हरी झंडी
राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन नीति 2022 और राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन 2023 के अनुरूप राज्य में हरित हाइड्रोजन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2026 को मंजूरी दी गई।
- राज्य में प्रचुर जल विद्युत संसाधनों का उपयोग कर ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन।
- नेट जीरो लक्ष्य, कार्बन उत्सर्जन में कमी और रोजगार सृजन पर फोकस।
- बाजार निर्माण और मांग बढ़ाने के लिए विशेष प्रावधान।
- सब्सिडी पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में निर्णय। यह नीति उत्तराखंड को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
प्राग फार्म भूमि सिडकुल को: उप-पट्टा देने की अनुमति
उधम सिंह नगर में प्राग फार्म की 1354.14 एकड़ भूमि को औद्योगिक आस्थान के लिए सिडकुल को हस्तांतरित करने वाले शासनादेश में संशोधन को मंजूरी।
- भूमि को बेचने या पट्टे पर देने का अधिकार नहीं।
- लेकिन समान प्रयोजन के लिए उप-पट्टा (sub-lease) की अनुमति।
- आवंटन से 3 वर्ष में उपयोग अनिवार्य, अन्यथा आवंटन निरस्त।
भू-जल व्यावसायिक उपयोग पर जल मूल्य/प्रभार लागू
गैर-कृषि उपयोग (उद्योग, आवासीय सोसाइटी, होटल, वॉटर पार्क, स्वीमिंग पूल आदि) के लिए भू-जल निकास पर जल मूल्य/प्रभार लागू करने का फैसला।
- सुरक्षित, अर्ध-गंभीर, गंभीर और अतिदोहित क्षेत्रों में अलग-अलग दरें।
- पंजीकरण शुल्क ₹5000।
- उद्देश्य: भू-जल संरक्षण और अनियंत्रित दोहन रोकना।
अन्य महत्वपूर्ण फैसले
- उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन कर जीआरडी उत्तराखंड विश्वविद्यालय स्थापित करने का प्रस्ताव। आगामी बजट सत्र में अध्यादेश लाया जाएगा।
- चिन्यालीसौड़ और गौचर हवाई पट्टियां को संयुक्त रूप से रक्षा मंत्रालय को देने की सहमति।
- देहरादून, उधम सिंह नगर समेत चार जिलों में जनजातीय कल्याण अधिकारी के पद स्वीकृत।
बैठक का महत्व और प्रभाव
ये फैसले राज्य में हरित ऊर्जा, औद्योगिक विकास, भूमि प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और जनजातीय कल्याण को नई गति देंगे। ग्रीन हाइड्रोजन नीति से उत्तराखंड जलवायु परिवर्तन लक्ष्यों में योगदान देगा और रोजगार बढ़ेगा। भूमि क्रय प्रक्रिया से परियोजनाएं तेज होंगी और विवाद कम होंगे।