केदारनाथ धाम में बर्फीली ठंड और भारी हिमपात के बीच सुरक्षा बलों की अथक मुस्तैदी

उच्च हिमालय में कड़ाके की सर्दी, धाम बर्फ की चादर में लिपटा

रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ धाम और उसके आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बर्फबारी ने पूरी पावन नगरी को सफेद चादर में ढक दिया है। वर्तमान में धाम परिसर में 3-4 फीट तक बर्फ जमी हुई है, जबकि तापमान शून्य से 16 डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंच गया है। तेज बर्फीली हवाओं और विषम मौसम के बावजूद आईटीबीपी और पुलिस के जवान पूरी निष्ठा, साहस और कर्तव्यनिष्ठा के साथ धाम की सुरक्षा संभाल रहे हैं। कपाट बंद होने के बाद भी ये हिमवीर केदारनाथ मास्टर प्लान के तहत बनी सरकारी संपत्तियों की निगरानी और परिसर की सुरक्षा में डटे हुए हैं।

सुरक्षा बलों का अदम्य साहस: गणतंत्र दिवस पर भी तिरंगा फहराया

कड़ाके की ठंड, तेज हवाओं और बर्फीले तूफान के बीच आईटीबीपी और पुलिस के जवान दिन-रात गश्त कर रहे हैं। धाम परिसर के साथ ही आसपास के संवेदनशील इलाकों में लगातार पैनी नजर रखी जा रही है। विशेष रूप से गणतंत्र दिवस के अवसर पर इन हिमवीरों ने भारी बर्फबारी के बीच तिरंगा फहराकर देशभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। मौसम विभाग के हिमस्खलन अलर्ट के बावजूद जवानों का मनोबल ऊंचा है और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद बनी हुई है।

एसपी अक्षय प्रहलाद का बयान: मनोबल ऊंचा, व्यवस्था मजबूत

एसपी अक्षय प्रहलाद ने बताया:

“विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद सुरक्षा बलों का मनोबल पूरी तरह ऊंचा है। केदारनाथ धाम की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद है।”

उन्होंने कहा कि हिमस्खलन की आशंका को देखते हुए जवानों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

चोपता राजमार्ग अवरुद्ध: सैकड़ों यात्री फंसे

कुंड-चोपता राजमार्ग (एनएच-107) के 50-57 किमी हिस्से में लगातार हो रही बर्फबारी के कारण मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। मिनी स्विट्जरलैंड के नाम से मशहूर चोपता क्षेत्र में भी भारी हिमपात जारी है। इससे सैकड़ों यात्री फंस गए हैं। संबंधित विभाग लगातार मार्ग खोलने के प्रयास कर रहे हैं।

चुनौतियां और तैयारी: हिमस्खलन अलर्ट के बीच सतर्कता

मौसम विभाग ने हिमस्खलन की आशंका जताई है। सुरक्षा बलों को अतिरिक्त अलर्ट पर रखा गया है। धाम में बर्फबारी और शून्य से नीचे तापमान के बीच भी व्यवस्था पुख्ता रखी जा रही है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।

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