जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सुनियोजित विकास पर जोर
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण, अनधिकृत प्लॉटिंग और नियमों के उल्लंघन के खिलाफ अभियान को और तेज कर दिया है। राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के अनुरूप ऋषिकेश और मसूरी में सीलिंग तथा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि बिना मानचित्र स्वीकृति, भूमि उपयोग परिवर्तन अनुमति या अन्य वैधानिक प्रक्रियाओं के बिना कोई भी निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि सुनियोजित शहरी विकास, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधाओं की सुरक्षा के लिए भवन निर्माण नियमों का कड़ाई से पालन अनिवार्य है।
मसूरी में अवैध व्यवसायिक निर्माण पर सीलिंग
मसूरी के किमाड़ी मोटर मार्ग पर रोहित पुंडीर द्वारा किए जा रहे अवैध व्यवसायिक निर्माण पर प्राधिकरण ने त्वरित कार्रवाई की। जांच में पाया गया कि निर्माण बिना स्वीकृत मानचित्र के व्यवसायिक उपयोग के लिए किया जा रहा था, जो भवन निर्माण उपविधियों का स्पष्ट उल्लंघन है।
- कार्रवाई: निर्माण को सील कर दिया गया।
- टीम: सहायक अभियंता अजय मलिक, अवर अभियंता अनुराग नौटियाल, सुपरवाइजर और पुलिस बल की मौजूदगी में।
- उद्देश्य: पर्वतीय क्षेत्रों में अनियोजित निर्माण से पर्यावरणीय जोखिम को रोकना।
ऋषिकेश में कई निर्माण सील
ऋषिकेश क्षेत्र में प्रवर्तन दल ने अवैध व्यवसायिक निर्माणों पर लगातार कार्रवाई की:
- गली नंबर 5, वीरपुर खुर्द (सीमा डेंटल कॉलेज के निकट): रीतु गुप्ता (पत्नी अनिल गुप्ता) द्वारा किए जा रहे निर्माण को बिना वैध स्वीकृति के पाया गया, जिसे सील किया गया।
- गली नंबर 10, निर्मल बाग ब्लॉक-बी, पशुलोक: करमवीर सिंह द्वारा किए जा रहे निर्माण को भी अवैध पाया गया और सीलिंग की गई।
- कारण: सभी निर्माण बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे थे।
वीरभद्र रोड पर अवैध बहुमंजिला भवन का ध्वस्तीकरण
ऋषिकेश के वीरभद्र रोड (शिव मंदिर के निकट) में भावेश जोशी द्वारा निर्मित अवैध बहुमंजिला भवन को पूर्ण रूप से ध्वस्त कर दिया गया।
- पूर्व में नोटिस जारी कर दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया था, लेकिन समयसीमा में कोई वैध स्वीकृति नहीं दी गई।
- कार्रवाई: सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, अवर अभियंता पूनम सकलानी, अमित भारद्वाज, सुपरवाइजर और पुलिस बल की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्वक संपन्न।
- उद्देश्य: अनियोजित निर्माण से यातायात, जल निकासी और पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को रोकना।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान: नियमों का उल्लंघन अस्वीकार्य
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा:
- अवैध निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं।
- सुनियोजित शहरी विकास और नागरिक सुविधाओं की सुरक्षा के लिए भवन निर्माण नियमों का कड़ाई से पालन जरूरी।
- बिना स्वीकृति के निर्माण यातायात, पर्यावरण और आधारभूत संरचना पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं।
- भविष्य में भी अवैध निर्माण, अतिक्रमण और अनियमित विकास पर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान: पारदर्शिता और गुणवत्ता पर जोर
प्राधिकरण सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा:
- विकास कार्यों में गुणवत्ता और गति दोनों सुनिश्चित की जा रही है।
- सभी कार्रवाइयां नियमानुसार और पुलिस की उपस्थिति में पारदर्शी तरीके से हो रही हैं।
- नागरिकों से अनुरोध: निर्माण शुरू करने से पहले एमडीडीए से विधिवत स्वीकृति अवश्य लें।
एमडीडीए का स्पष्ट संदेश
- प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग, निर्माण या अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- बिना मानचित्र स्वीकृति और वैधानिक अनुमति के कोई कार्य अवैध माना जाएगा।
- अभियान निरंतर जारी रहेगा।
- नागरिकों से अपील: भूमि क्रय-विक्रय या निर्माण से पहले प्राधिकरण से जानकारी और अनुमति लें।