मुख्यमंत्री के अपराध मुक्त देवभूमि मिशन के तहत साइबर अपराधियों पर लगातार शिकंजा
देहरादून। पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के दिशा-निर्देशन में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) उत्तराखंड ने साइबर अपराधियों पर कड़ा प्रहार जारी रखा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह के नेतृत्व में एक और साइबर ठग को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी मलकीत सिंह पुत्र श्री बचन सिंह, निवासी वमनपुरी बकैनिया, थाना गदरपुर, जिला उधम सिंह नगर है। यह गिरफ्तारी उधम सिंह नगर निवासी एक पीड़ित की दिसंबर 2025 में साइबर थाना कुमाऊँ में दर्ज शिकायत के बाद हुई। पीड़ित ने आरोप लगाया था कि सोशल मीडिया के माध्यम से एक अज्ञात साइबर फ्रॉड ने ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर उनसे 24.70 लाख रुपये की धोखाधड़ी की।
गिरफ्तारी और बरामदगी
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह के निर्देशन में सहायक पुलिस अधीक्षक साइबर कुश मिश्रा के पर्यवेक्षण में एक डेडिकेटेड टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपी मलकीत सिंह की पहचान की और उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के समय आरोपी के कब्जे से निम्नलिखित बरामद हुए:
- 01 मोबाइल फोन
- 01 सिम कार्ड
- चेक बुक
ठगी का तरीका: फर्जी ट्रेडिंग ऐप और ग्रुप से लालच
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी व्हाट्सएप के माध्यम से पीड़ितों को ट्रेडिंग संबंधी मैसेज भेजता था। वह खुद को प्रतिष्ठित ट्रेडिंग कंपनी का प्रतिनिधि बताकर कम समय में अधिक मुनाफा कमाने का लालच देता था।
- पीड़ितों को अलग-अलग व्हाट्सएप ग्रुपों में जोड़ा जाता था।
- ग्रुप में पहले से जुड़े लोग फर्जी लाभ के स्क्रीनशॉट शेयर करते थे।
- पीड़ित लालच में आकर धनराशि ट्रांसफर कर देते थे।
- आरोपी फर्जी ऐप के डैशबोर्ड पर निवेशित राशि को भारी लाभ दिखाता था।
- वास्तव में धनराशि आरोपी के खातों में ट्रांसफर हो जाती थी और फिर अन्य खातों में शिफ्ट कर दी जाती थी।
प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि आरोपी के खातों में मात्र 4-5 महीनों में करोड़ों रुपये का संदिग्ध लेन-देन हुआ है। आरोपी के बैंक खातों के खिलाफ देश के कई राज्यों में साइबर अपराध की शिकायतें दर्ज हैं। एसटीएफ अन्य राज्यों की पुलिस से समन्वय कर रहा है।
एसएसपी अजय सिंह की अपील: साइबर ठगी से बचाव के उपाय
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह ने जनता से अपील की:
- किसी भी लोकलुभावने ऑफर, फर्जी साइट, धन दोगुना करने, टिकट बुकिंग या अनजान अवसरों के प्रलोभन में न आएं।
- फर्जी निवेश ऑफर जैसे लॉनजॉइन सपोर्ट सब्सक्राइब, टेलीग्राम आधारित निवेश वेबसाइट्स में पैसा न लगाएं।
- अनजान व्यक्ति से सोशल मीडिया पर दोस्ती न करें।
- अनजान कॉल पर लालच में न आएं, कॉलर की सत्यता जांचें।
- किसी भी सूचना/दस्तावेज बिना जांचे न दें।
- ऑनलाइन जॉब अप्लाई करने से पहले कंपनी/साइट का पूरा वैरिफिकेशन करें।
- तेजी से बढ़ रहे इन्वेस्टमेंट स्कैम्स में पहले छोटे इनाम देकर भरोसा जीतते हैं, फिर बड़ी रकम मांगते हैं।
- शक होने पर तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन से संपर्क करें।
- वित्तीय साइबर अपराध होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें।