काशीपुर, 23 सितंबर 2025: उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के काशीपुर शहर में रविवार रात को बिना प्रशासनिक मंजूरी के निकाले गए ‘आई लव मोहम्मद’ जुलूस के दौरान हिंसक घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। लगभग 400-500 लोगों की भीड़ ने पुलिस टीम पर लाठियां, डंडे और पत्थरों से हमला किया, जिससे सरकारी वाहनों को भारी क्षति पहुंची। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मणिकांत मिश्रा के सख्त निर्देशों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने जुलूस के मुख्य सूत्रधार नदीम अख्तर समेत सात उपद्रवियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा दस अन्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। घटना के बाद इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, और शांति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 163 बीएनएसएस लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
जुलूस की शुरुआत से हिंसा तक: घटना का पूरा ब्योरा
काशीपुर कोतवाली के बांसफोड़ान चौकी क्षेत्र में अल्ली खां चौक पर नदीम अख्तर ने रविवार रात करीब 10 बजे अपने 400-500 साथियों के साथ एक सभा का आयोजन किया। सभा खत्म होने के बाद भीड़ ने अचानक ‘आई लव मोहम्मद’ के नारे लगाते हुए बैनर-पोस्टर लहराते जुलूस निकालना शुरू कर दिया, जो वाल्मीकि बस्ती से होते हुए शहर की मुख्य सड़कों की ओर बढ़ा। यह जुलूस बिना किसी पूर्व अनुमति के निकाला गया था, जो स्थानीय प्रशासन के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन था।
मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने भीड़ को तितर-बितर होने और जुलूस रोकने का आदेश दिया। लेकिन उपद्रवियों ने पुलिस के निर्देशों की अनदेखी की और सीधे हमले की ठान ली। लाठी-डंडों, ईंट-पत्थरों से लैस भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर जमकर प्रहार किए। इस दौरान वरिष्ठ उपनिरीक्षक अनिल जोशी पर भी मारपीट की गई। उपद्रवियों ने सरकारी वाहनों पर तोड़फोड़ की, जिसमें शीशे तोड़ना, डेंट मारना और अन्य क्षति शामिल थी। घटना में कोई गंभीर चोट तो नहीं लगी, लेकिन इलाके में तनाव फैल गया। स्थानीय निवासियों ने बताया कि रात के अंधेरे में यह हमला इतना आकस्मिक था कि आसपास के लोग दहशत में घरों में दुबक गए।
पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया: एफआईआर से लेकर गिरफ्तारियां तक
घटना की गंभीरता को भांपते हुए वरिष्ठ उपनिरीक्षक अनिल जोशी ने तुरंत कोतवाली काशीपुर में जुलूस के लीडर नदीम अख्तर समेत लगभग 400 अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया। एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने रात ही घटनास्थल का दौरा किया और आसपास के सभी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज तथा मोबाइल वीडियो की बारीकी से जांच करने के आदेश दिए। उन्होंने उपद्रवियों की शिनाख्त कर गिरफ्तारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
इन निर्देशों के क्रम में एसपी काशीपुर और डीएसपी काशीपुर के नेतृत्व में विशेष पुलिस दलों का गठन किया गया। रविवार रात से ही अभियान चलाया गया, जिसके नतीजे सोमवार सुबह तक सामने आने लगे। मुख्य आरोपी नदीम अख्तर (47 वर्ष, निवासी राजा कॉलोनी, थाना कुंडा) को उसके ठिकाने से दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया गया। नदीम पर जुलूस का नेतृत्व करने और हिंसा भड़काने का मुख्य आरोप है। उसके अलावा अन्य छह गिरफ्तार उपद्रवियों में मौ. अशद (18 वर्ष, निवासी मझरा गली नं. 5), कामरान (19 वर्ष, निवासी लक्ष्मीपुर पट्टी मझरा), मोईन रजा (26 वर्ष, निवासी मौ. मझरा वार्ड नं. 26), दानिश अली (28 वर्ष, निवासी बांसफोड़ान) और दो अन्य शामिल हैं। ये सभी स्थानीय निवासी हैं और घटना में सक्रिय भूमिका निभाने के आरोपी हैं।
इसके अतिरिक्त, दस अन्य संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। पुलिस इनसे गहन पूछताछ कर रही है, ताकि पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश हो सके। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी से जुड़े नदीम अख्तर और उसके साथियों की भूमिका की भी जांच चल रही है। गिरफ्तारियां जारी हैं, और पुलिस ने चेतावनी दी है कि कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा।
प्रशासनिक कदम: अवैध निर्माण पर छापेमारी और सुरक्षा बल तैनाती
घटना के बाद प्रशासन ने इलाके में कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए तत्काल कदम उठाए। नगर निगम, बिजली विभाग और अन्य एजेंसियों ने बांसफोड़ान क्षेत्र में अवैध निर्माणों और अतिक्रमणों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। धारा 163 बीएनएसएस (शांति भंग की आशंका) लागू करने के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा गया है। अल्ली खां चौक और आसपास के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है, जिसमें एसपी सिटी अभय सिंह की अगुवाई वाली टीमें शामिल हैं।
स्थानीय व्यापारियों और निवासियों ने बताया कि घटना के बाद बाजारों में सन्नाटा पसर गया था, लेकिन पुलिस की सक्रियता से अब स्थिति नियंत्रण में है। एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने कहा, “कानून व्यवस्था को किसी भी सूरत में बाधित नहीं होने दिया जाएगा। पुलिस पर हमला करने वालों और सार्वजनिक शांति भंग करने वालों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।” उन्होंने जनता से अपील की कि वे शांति बनाए रखें, अफवाहों से बचें और प्रशासन का सहयोग करें।
सामाजिक प्रभाव और भविष्य की चुनौतियां
यह घटना काशीपुर जैसे संवेदनशील शहर में धार्मिक जुलूसों और अनुमतिहीन सभाओं से जुड़े विवादों को फिर से उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ‘आई लव मोहम्मद’ जैसे अभियान, जो सोशल मीडिया पर वायरल होते हैं, अक्सर तनाव बढ़ा देते हैं। पुलिस ने साफ किया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पूर्वानुमति प्रक्रिया को और सख्त किया जाएगा। इलाके में तनाव बरकरार है, लेकिन प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से विश्वास बहाल हो रहा है।