बदरीनाथ धाम में धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम

बदरीनाथ। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) और स्थानीय बामणी एवं माणा गांव के सहयोग से बदरीनाथ धाम में इन दिनों धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है। नंदाष्टमी, नारद उत्सव और घंटाकर्ण जी की पूजा के साथ भक्तिमय माहौल बना हुआ है। रविवार को माता मूर्ति उत्सव का आयोजन होगा।

नंदाष्टमी का आयोजन

11 सितंबर से बामणी गांव में नंदाष्टमी कार्यक्रम की शुरुआत हुई। नीलकंठ पर्वत से ब्रह्मकमल लाकर मंदिर में चढ़ाए गए। शुक्रवार को कुबेर जी, जिन्हें देवताओं का खजांची माना जाता है, को समारोहपूर्वक नंदामाता मंदिर, बामणी ले जाया गया। मां नंदा की पूजा और महिला मंगल दल के पारंपरिक नृत्यों के बाद मां नंदा को सांकेतिक रूप से कैलाश के लिए विदा किया गया। इस दौरान देवपश्वाओं का देव स्नान भी संपन्न हुआ।

नारद उत्सव की पूजा-अर्चना

आज प्रातः से नारद उत्सव का भी आयोजन हुआ, जिसमें बीकेटीसी के उपाध्यक्ष किशोर पंवार ने पूर्व रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी का स्वागत किया। नारद कुंड के समीप देवर्षि नारद शिला पर पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल, धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। पूजा-अर्चना के बाद सामूहिक प्रसाद भोज का आयोजन किया गया।

माता मूर्ति उत्सव की तैयारी

बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने जानकारी दी कि कल 15 सितंबर को माता मूर्ति उत्सव का आयोजन होगा। भगवान बदरीविशाल के सखा उद्धव जी माता मूर्ति मंदिर जाकर भगवान की माता के कुशल क्षेम पूछेंगे। इस दौरान बदरीनाथ मंदिर सुबह 10 बजे से तीन बजे तक बंद रहेगा और फिर शाम तीन बजे से पुनः दर्शन शुरू होंगे।

इस मौके पर सीमांत गांव माणा से भगवान बदरीविशाल के क्षेत्रपाल घंटाकर्ण जी भगवान को माता मूर्ति आने का निमंत्रण देंगे। कार्यक्रम देर शाम तक जारी रहेगा।

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