देहरादून, 29 सितंबर 2025 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को देहरादून में भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित “आत्मनिर्भर भारत: स्वदेशी संकल्प, हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी” कार्यक्रम में स्वदेशी के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वदेशी केवल एक नारा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत की नींव है। यह हमारी सनातन संस्कृति का अभिन्न अंग है, जो प्राचीन काल से हमारी जीवन पद्धति रही है।
स्वदेशी आंदोलन: स्वतंत्रता संग्राम से आत्मनिर्भर भारत तक
मुख्यमंत्री ने स्वदेशी आंदोलन के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि इसने स्वतंत्रता संग्राम में नई ऊर्जा भरी थी। लोकमान्य तिलक, महर्षि अरविंदो और महात्मा गांधी जैसे नेताओं ने स्वदेशी को राष्ट्रनिर्माण का आधार बनाया। स्वतंत्रता के बाद दत्तोपंत ठेंगड़ी और पं. दीनदयाल उपाध्याय ने स्वदेशी आधारित आर्थिक दृष्टिकोण को आगे बढ़ाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वदेशी का यह संकल्प “वोकल फॉर लोकल” और “मेक इन इंडिया” जैसे अभियानों के माध्यम से नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
“स्वदेशी हमारी मातृभूमि के प्रति प्रेम और समर्पण का प्रतीक है। यह न केवल आर्थिक मजबूती का साधन है, बल्कि हमारी संस्कृति और अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का मार्ग है।” — मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
स्वदेशी का आधुनिक स्वरूप
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वदेशी का दायरा अब केवल खादी और दीयों तक सीमित नहीं है। यह ब्रह्मोस मिसाइल, तेजस विमान, सेमीकंडक्टर, डिजिटल इंडिया और यूपीआई जैसी आधुनिक तकनीकों तक विस्तारित हो चुका है। कोविड संकट के दौरान भारत में निर्मित पीपीई किट और वैक्सीन इसका जीवंत उदाहरण हैं। पहले आयात की जाने वाली पीपीई किट अब स्वदेश में बन रही हैं। ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंक के ठिकानों को नष्ट करने की क्षमता भी स्वदेशी शक्ति का प्रमाण है।
जीएसटी दरों में कमी: व्यापारियों और आम जनता को लाभ
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 15 अगस्त को लाल किले से की गई जीएसटी दरों में कमी की घोषणा का उल्लेख किया। 22 सितंबर से लागू इस निर्णय से व्यापारियों और आम जनता को लाभ हुआ है। मुख्यमंत्री ने स्वयं कई स्थानों पर जाकर व्यापारियों और उपभोक्ताओं से इस संबंध में बातचीत की और इसके प्रति उत्साह देखा।
उत्तराखंड में स्वदेशी को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में स्वदेशी को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि स्थानीय उत्पादों के विपणन के लिए “हाउस ऑफ हिमालयाज” नामक अंब्रेला ब्रांड शुरू किया गया है, जिसकी गुणवत्ता उच्च स्तर की है। इसके अलावा, “एक जिला, दो उत्पाद” योजना के माध्यम से जमीनी स्तर पर कार्य हो रहा है। उत्तराखंड के किसान और काश्तकार शहद, मंडुवा, झंगोरा, रागी, मसालों और औषधीय पौधों की खेती के जरिए आत्मनिर्भर भारत के संकल्प में योगदान दे रहे हैं।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्वरोजगार को प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और लघु उद्योगों को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि युवाओं को स्टार्टअप और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्वदेशी उद्यमिता की ओर प्रेरित किया जाएगा। “हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी” अभियान के तहत उत्तराखंड में जन जागरण किया जाएगा।
त्योहारों में स्वदेशी को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने नवरात्रि, दशहरा, दीपावली और विवाह के अवसरों पर स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दैनिक उपयोग की वस्तुओं में स्वदेशी को अपनाने से न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने में भी मदद करेगा।
“हमें मेक इन इंडिया और मेक फॉर द वर्ल्ड के मंत्र को आत्मसात करना होगा। स्वदेशी को अपनाकर हम 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करेंगे।” — मुख्यमंत्री