राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पतंजलि विश्वविद्यालय के दीक्षांत में विद्यार्थियों को दी जीवन-मूल्यों की सीख

वसुधैव कुटुंबकम की भावना अपनाएं, राष्ट्र-निर्माण में योगदान दें: राष्ट्रपति

हरिद्वार, 3 नवंबर 2025: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पतंजलि विश्वविद्यालय हरिद्वार के दूसरे दीक्षांत समारोह में 1454 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान कीं और स्वर्ण पदक विजेताओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम में 62 शोधार्थियों को विद्या वारिधि (पीएचडी), 3 को विद्या वाचस्पति (डी.लिट.) तथा 615 को परास्नातक और 774 को स्नातक की डिग्री दी गई। राज्यपाल ले. जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने राष्ट्रपति को ‘फ्लोरा ऑफ राष्ट्रपति भवन’ और ‘मेडिसिनल प्लांट्स ऑफ राष्ट्रपति भवन’ पुस्तकों की प्रतियां भेंट कीं। राष्ट्रपति ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए शिक्षकों और अभिभावकों का आभार व्यक्त किया।

महिलाओं की बढ़ती भागीदारी: विकसित भारत का प्रतीक

64% बेटियां उपाधि प्राप्त, पदक में 4 गुना अधिक छात्राएं

राष्ट्रपति ने प्रसन्नता जताई कि इस वर्ष उपाधि प्राप्त करने वालों में 64 प्रतिशत लड़कियां हैं और पदक विजेताओं में छात्राओं की संख्या छात्रों से चार गुना अधिक है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि विकसित भारत की उस छवि को दर्शाती है जहां महिलाएं नेतृत्व कर रही हैं। पतंजलि विश्वविद्यालय महर्षि पतंजलि की तपस्या और ज्ञान परंपरा को आधुनिक समाज तक पहुंचा रहा है। योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से यह स्वस्थ भारत के निर्माण में योगदान दे रहा है।

शिक्षा का उद्देश्य: सदाचार और कर्तव्यनिष्ठा

वसुधैव कुटुंबकम पर आधारित जीवन-मूल्य अपनाएं

राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्ति नहीं, बल्कि सदाचार, तपस्या, सरलता और कर्तव्यनिष्ठा जैसे मूल्यों को आत्मसात करना है। विद्यार्थी न केवल आत्म-विकास बल्कि राष्ट्र-निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। हरिद्वार की गंगा तट पर स्थित सांस्कृतिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि यह ज्ञान और अध्यात्म का संगम है। पतंजलि के विद्यार्थी स्वाध्याय और तपस्या से स्वस्थ, संस्कारित और समरस समाज बनाएंगे। विश्वविद्यालय की भारत-केंद्रित शिक्षा में विश्व बंधुत्व, वैदिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान का समन्वय है।

राज्यपाल: उत्तराखंड योग-आयुर्वेद का प्राण-केंद्र

देवभूमि से विश्व कल्याण का संदेश

राज्यपाल गुरमीत सिंह ने राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए कहा कि उत्तराखंड केवल राज्य नहीं, बल्कि योग, आयुर्वेद और अध्यात्म का केंद्र है। इसकी ऋषि परंपरा विश्व कल्याण की प्रेरणा देती है।

मुख्यमंत्री धामी: राष्ट्रपति का साहस प्रेरणादायक

राज्य स्थापना के 25 वर्ष पर गौरव

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए कहा कि उन्होंने अंतिम पंक्ति के व्यक्ति के कल्याण को प्राथमिकता दी है। राफेल उड़ान से उनका साहस और राष्ट्रभक्ति प्रेरक है। राज्य के 25 वर्ष पूरे होने पर उनका मार्गदर्शन सौभाग्य है।

कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति

पतंजलि कुलाधिपति स्वामी रामदेव, कुलपति आचार्य बालकृष्ण, सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, डॉ. कल्पना सैनी सहित अन्य उपस्थित रहे।

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