एमडीडीए की कठोर कार्रवाई: सेलाकुई में 10 बीघा अवैध प्लॉटिंग पर चला बुलडोजर, संरचनाएं ध्वस्त

जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अवैध निर्माण पर सख्ती

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ अपना अभियान और तेज कर दिया है। इसी क्रम में देहरादून के सेलाकुई क्षेत्र में लगभग 10 बीघा भूमि पर बिना मानचित्र स्वीकृति और प्राधिकरण अनुमति के की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर आज भारी कार्रवाई की गई। बुलडोजर चलाकर अवैध रूप से बनाए गए आंतरिक मार्ग, बाउंड्री वॉल, चिन्हांकन और अन्य संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई एमडीडीए की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य सुनियोजित शहरी विकास, पर्यावरण संरक्षण और आम नागरिकों के हितों की रक्षा करना है।

कार्रवाई का विवरण: नोटिस के बाद भी नहीं मानी अनियमितता

प्राप्त जानकारी के अनुसार:

  • वीरू भण्डारी एवं अन्य द्वारा जी.डी. गोयंका स्कूल बस स्टॉप के निकट सेलाकुई क्षेत्र में करीब 10 बीघा भूमि पर अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी।
  • एमडीडीए ने पहले ही नियमों का उल्लंघन बताते हुए नोटिस जारी किए थे।
  • नोटिस के बावजूद अनियमित गतिविधियां जारी रहने पर आज मौके पर ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया।
  • कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता शशांक सक्सेना, अवर अभियंता सिद्धार्थ सेमवाल एवं मनीष नौटियाल, सुपरवाइजर तथा पर्याप्त पुलिस बल की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से पूरी की गई।

अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने के बाद क्षेत्र में साफ-सफाई भी कराई गई।

एमडीडीए का स्पष्ट संदेश: भविष्य में भी कठोर कदम

प्राधिकरण ने दो टूक कहा:

  • एमडीडीए क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और निर्माण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
  • बिना मानचित्र स्वीकृति और नियमानुसार अनुमति के कोई भी विकास कार्य अवैध माना जाएगा।
  • भविष्य में भी ऐसी गतिविधियों के खिलाफ इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई की जाएगी।
  • आम नागरिकों से अपील: भूमि क्रय-विक्रय या निर्माण से पहले एमडीडीए से विधिवत अनुमति अवश्य लें, अन्यथा सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।

प्राधिकरण द्वारा लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। जहां भी अवैध प्लॉटिंग या निर्माण की शिकायत मिल रही है, वहां त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

उद्देश्य: ठगी से बचाव, नियोजित विकास और पर्यावरण संरक्षण

एमडीडीए का स्पष्ट उद्देश्य है:

  • लोगों को अवैध प्लॉटिंग की ठगी से बचाना
  • नियोजित और योजनाबद्ध शहरी विकास को बढ़ावा देना
  • पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना
  • नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना

प्राधिकरण ने पुनः नागरिकों से आग्रह किया है कि वे किसी भी प्रकार की अवैध प्लॉटिंग में निवेश करने से पहले एमडीडीए से जानकारी अवश्य लें। केवल प्राधिकरण द्वारा जारी मानचित्र स्वीकृति और अनुमति ही वैध मानी जाएगी।

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