हरिद्वार में डाट काली मंदिर पहाड़ी पर भूस्खलन: रेल यातायात ठप, राहत कार्य शुरू

हरिद्वार, उत्तराखंड: हरिद्वार के भीमगौड़ा क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध डाट काली मंदिर के पास पहाड़ी पर सोमवार, 8 सितंबर 2025 को सुबह भयानक भूस्खलन हुआ। इस घटना में पहाड़ी से बड़े-बड़े बोल्डर और मलबा रेलवे ट्रैक पर गिर गया, जिससे हरिद्वार-देहरादून और हरिद्वार-ऋषिकेश रेल मार्ग पूरी तरह बाधित हो गए। लोहे की सुरक्षा जालियों को तोड़ते हुए पत्थर ट्रैक पर जमा हो गए, जिसके चलते ट्रेनों का संचालन ठप हो गया। यह दूसरी बार है जब इस स्थान पर भूस्खलन ने रेल यातायात को प्रभावित किया है, इससे पहले अगस्त 2025 में भी इसी तरह की घटना हुई थी।

भूस्खलन का प्रभाव

रेल यातायात पर असर

भूस्खलन के कारण हरिद्वार-देहरादून और हरिद्वार-ऋषिकेश रेल मार्गों पर ट्रेनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई है। कई ट्रेनें रेलवे स्टेशनों पर रोक दी गई हैं, जिससे यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। रेलवे प्रशासन के अनुसार, निम्नलिखित ट्रेनें प्रभावित हुई हैं:

  • 22458 (देहरादून-आनंदविहार टर्मिनल वंदेभारत एक्सप्रेस): 8 सितंबर 2025 को रद्द।

  • 54342 (देहरादून-सहारनपुर पैसेंजर): 8 सितंबर 2025 को रद्द।

  • 18478 (योगनगरी ऋषिकेश-पुरी एक्सप्रेस): 8 सितंबर 2025 को शाम 5:00 बजे योगनगरी ऋषिकेश से संचालित होगी।

  • 54483 (हरिद्वार-ऋषिकेश पैसेंजर): 8 सितंबर 2025 को रद्द।

  • 13009 (हावड़ा-योगनगरी ऋषिकेश एक्सप्रेस): 6 सितंबर 2025 को हरिद्वार स्टेशन पर शॉर्ट टर्मिनेट।

इसके अलावा, ओवरहेड इलेक्ट्रिक (OHE) लाइनों को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे रेल संचालन को बहाल करने में और समय लग सकता है।

यात्रियों की परेशानी

भूस्खलन के कारण स्टेशनों पर फंसे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। कई यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, और रेलवे स्टेशनों पर भीड़ बढ़ गई है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से धैर्य बनाए रखने और वैकल्पिक व्यवस्थाओं का उपयोग करने की अपील की है।

राहत और बचाव कार्य

त्वरित कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF), सरकारी रेलवे पुलिस (GRP), और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। ट्रैक से मलबा हटाने के लिए जेसीबी मशीनें और कर्मचारी तैनात किए गए हैं। जिला प्रशासन भी राहत कार्यों में सक्रिय रूप से शामिल है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि ट्रैक को जल्द से जल्द खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं।

बार-बार भूस्खलन की समस्या

यह पहली बार नहीं है जब डाट काली मंदिर के पास की पहाड़ी से भूस्खलन हुआ है। अगस्त 2025 में भी इसी स्थान पर मलबा गिरा था, जिसके बाद कई घंटों की मेहनत से ट्रैक को साफ किया गया था। स्थानीय लोगों और प्रशासन के बीच इस क्षेत्र में बार-बार होने वाले भूस्खलन को लेकर चिंता बढ़ रही है।

उत्तराखंड में मानसून का कहर

व्यापक प्रभाव

इस साल उत्तराखंड में मानसून ने भारी तबाही मचाई है। बारिश, बाढ़, और भूस्खलन ने पूरे राज्य को प्रभावित किया है। गंगोत्री और यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग भूस्खलन के कारण बार-बार बंद हो रहे हैं। रुद्रप्रयाग में केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग और ऋषिकेश-बदरीनाथ राजमार्ग भी कई खतरनाक स्लाइडिंग जोन के कारण बाधित हो रहे हैं। कुमाऊं क्षेत्र में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। 1 सितंबर से 5 सितंबर तक चारधाम यात्रा को भी सुरक्षा कारणों से स्थगित करना पड़ा था।

बारिश और भूस्खलन का असर

उत्तराखंड में लगातार बारिश ने सड़क और रेल मार्गों को बुरी तरह प्रभावित किया है। उत्तरकाशी में गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग डबरानी के पास बंद है, और सीमा सड़क संगठन (BRO) मलबा हटाने में जुटा है। हरिद्वार में डाट काली मंदिर के पास भूस्खलन ने न केवल रेल यातायात को प्रभावित किया, बल्कि स्थानीय लोगों में भी डर का माहौल पैदा कर दिया है।

भविष्य के लिए चिंताएं

सुरक्षा उपायों की आवश्यकता

डाट काली मंदिर के पास बार-बार हो रहे भूस्खलन ने इस क्षेत्र में स्थायी समाधान की आवश्यकता को उजागर किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि पहाड़ी की संरचना और भारी बारिश इस क्षेत्र को भूस्खलन के लिए संवेदनशील बनाते हैं। लोहे की जालियां मलबे को रोकने में असफल रही हैं, जिससे सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की मांग उठ रही है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

जिला प्रशासन और रेलवे अधिकारियों ने स्थिति को जल्द सामान्य करने का आश्वासन दिया है। हालांकि, बार-बार होने वाली ऐसी घटनाओं ने प्रशासन के सामने दीर्घकालिक योजना बनाने की चुनौती खड़ी कर दी है। स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि पहाड़ी को स्थिर करने के लिए बर्म तकनीक जैसे उपायों पर विचार किया जाए।

हरिद्वार में डाट काली मंदिर के पास हुए भूस्खलन ने एक बार फिर उत्तराखंड में मानसून की चुनौतियों को उजागर किया है। रेलवे ट्रैक पर मलबा गिरने से हरिद्वार-देहरादून और हरिद्वार-ऋषिकेश मार्गों पर यातायात ठप हो गया, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे और जिला प्रशासन मलबा हटाने में जुटे हैं, लेकिन बार-बार होने वाली ऐसी घटनाएं इस क्षेत्र में स्थायी समाधान की आवश्यकता को दर्शाती हैं। उत्तराखंड में मानसून के कारण सड़क और रेल मार्गों पर बार-बार बाधाएं आ रही हैं, जिसके लिए दीर्घकालिक उपायों की जरूरत है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *