रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में कई दिनों की खराबी के बाद मौसम ने करवट ली है। केदारनाथ और बद्रीनाथ धामों की ओर जाने वाली पवित्र यात्रा अब पूरी तरह से पटरी पर लौट आई है। सोनप्रयाग से भक्तों का पहला जत्था रवाना हो चुका है, जबकि बर्फीली चोटियों ने ठंडक को और गहरा कर दिया है। यात्रियों की खुशी का ठिकाना नहीं है, क्योंकि बाबा केदारनाथ के दर्शन अब बिना किसी रुकावट के संभव हो गए हैं।
यात्रा का पुनरारंभ: भक्तों की लंबी प्रतीक्षा समाप्त
पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बर्फबारी और भारी वर्षा के कारण केदारनाथ धाम की यात्रा 1 सितंबर से ही बंद पड़ी हुई थी। लेकिन शनिवार को सुबह होते ही आकाश साफ हो गया, जिससे यात्रा मार्ग पर यातायात बहाल हो सका। सोनप्रयाग और गौरीकुंड में जमा हुए हजारों श्रद्धालुओं को अब पैदल मार्ग से धाम की ओर रवाना किया जा रहा है। जिला प्रशासन और बद्री-केदार मंदिर समिति ने यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम कर लिए हैं।
वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित उमेश पोस्ती ने बताया कि धाम में मौसम पूरी तरह से सुहावना हो चुका है। भक्त अब बिना किसी परेशानी के बाबा केदारनाथ के दर्शन प्राप्त कर रहे हैं। यात्रा खुलते ही देश के कोने-कोने से श्रद्धालु पहुंचने लगे हैं, हालांकि कुछ जगहों पर अभी भी मौसम की अनिश्चितता बनी हुई है। पोस्ट ने कहा कि आने वाले दिनों में मौसम स्थिर रहने पर यात्रियों की संख्या में भारी उछाल देखने को मिलेगा। विभिन्न राज्यों से फोन कॉल्स की बौछार हो रही है, लेकिन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही यात्रा को अनुमति दी जा रही है।
बर्फीली चोटियां: सौंदर्य के साथ ठंड का बढ़ता असर
केदारनाथ धाम की ऊंची-ऊंची चोटियां अब सफेद बर्फ की मोटी परत से ढक चुकी हैं, जो दृश्य को और भी मनमोहक बना रहा है। श्रद्धालु इस प्राकृतिक सौंदर्य को देखकर आनंदित हो रहे हैं। हालांकि, बर्फबारी के कारण धाम में सुबह-शाम ठंड का कहर बढ़ गया है। नगर पंचायत केदारनाथ ने भक्तों की सुविधा के लिए अलाव जलाने की व्यवस्था कर दी है, ताकि यात्रियों को गर्माहट मिल सके।
बद्री केदार मंदिर समिति के उपाध्यक्ष विजय कपरवाण ने जानकारी दी कि भक्तों में धाम दर्शन की उत्सुकता चरम पर है, लेकिन मौसम की बिगड़ती स्थितियों के कारण यात्रा को कभी-कभी अस्थायी रूप से रोकना पड़ता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। गौरीकुंड से केदारनाथ तक के पैदल मार्ग पर सभी व्यवस्थाएं मजबूत हैं, जिसमें चिकित्सा सुविधाएं, जल आपूर्ति और आवास शामिल हैं।
बद्रीनाथ यात्रा भी पटरी पर: अतिरिक्त सुविधाओं की घोषणा
केदारनाथ के साथ-साथ बद्रीनाथ धाम की यात्रा भी सुचारू रूप से चल रही है। बीकेटीसी (बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति) के सदस्य विनीत पोस्ट ने बताया कि मौसम सुधारते ही यात्रा को हरी झंडी दे दी गई है। बिगड़ते मौसम का यात्रा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा था, लेकिन अब जिला प्रशासन द्वारा विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जल्द ही केदारनाथ धाम में स्थित ध्यान गुफा का संचालन भी शुरू किया जाएगा, जो भक्तों को शांतिपूर्ण ध्यान और आराम की सुविधा प्रदान करेगा।
यात्रा मार्ग पर वीरानी अब धीरे-धीरे दूर हो रही है। भक्तों के पहुंचने से धाम में चहल-पहल लौट आई है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि मौसम ऐसे ही साफ रहा, तो इस सीजन में रिकॉर्ड संख्या में तीर्थयात्री दर्शन के लिए आ सकेंगे। प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे मौसम की जानकारी लेते रहें और आवश्यक सावधानियां अपनाएं।