उत्तराखंड में बच्चों की सुरक्षा का कवच: कफ सिरप पर सख्ती, 350 से अधिक सैंपल जांच के दायरे में

देहरादून, 11 अक्टूबर 2025 उत्तराखंड सरकार ने बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण को सबसे ऊपर रखते हुए प्रतिबंधित और असुरक्षित कफ सिरपों के खिलाफ राज्य स्तर पर व्यापक कार्रवाई अभियान तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के कठोर निर्देशों के अनुपालन में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफ.डी.ए.) की संयुक्त टीमें सभी जिलों में सक्रिय हैं। अब तक 350 से अधिक दवाओं के नमूने गुणवत्ता जांच हेतु प्रयोगशालाओं में भेजे जा चुके हैं, जबकि एक दर्जन से अधिक मेडिकल दुकानों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं। राजस्थान, मध्य प्रदेश, केरल और तमिलनाडु में विषैले कफ सिरपों से 20 से अधिक बच्चों की मौत की घटनाओं के बाद केंद्र सरकार की चेतावनी को तुरंत लागू करते हुए यह अभियान शुरू किया गया है। स्वास्थ्य सचिव एवं एफ.डी.ए. आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने चिकित्सकों से विशेष अपील की है कि दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को बिना सलाह कोई सिरप न दें। अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि निर्माण इकाइयों से भी कच्चे माल के नमूने लिए जा रहे हैं, ताकि उत्पादन स्तर पर गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित हो।

केंद्र चेतावनी का फौरी असर: विषैले रसायनों वाली दवाओं पर पूर्ण प्रतिबंध

केंद्र सरकार ने 4 अक्टूबर को जारी सलाह में डायथाइलीन ग्लाइकॉल जैसे घातक रसायनों से युक्त कफ सिरपों पर तत्काल रोक लगाई है। इसमें दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों को बिना चिकित्सक की सलाह कोई खांसी-जुकाम की दवा न देने तथा पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में इनका सामान्य उपयोग न करने का आदेश दिया गया। केवल विशेषज्ञ की सलाह पर, सही मात्रा और सीमित अवधि के लिए ही अनुमति है।

स्वास्थ्य सचिव एवं एफ.डी.ए. आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) को तुरंत आदेश जारी किया। उन्होंने कहा, “बच्चों की सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य से बड़ा कोई मुद्दा नहीं। निरीक्षकों को सैंपलिंग और लैब जांच का निर्देश है। दोषपूर्ण दवाएं बाजार से तुरंत हटाई जाएंगी।” कुमार ने डॉक्टरों से अपील की कि वे सलाह का पालन करें, क्योंकि डॉक्टरों द्वारा लिखी गई दवा दुकानदार बेचते हैं। “डॉक्टरों की जिम्मेदारी से अभियान सफल होगा,” उन्होंने जोर दिया। राज्य सरकार ने अभिभावकों के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया, जिसमें घरेलू उपाय (भाप, शहद) और डॉक्टर सलाह पर फोकस है।

सघन निरीक्षण का विस्तार: 350 सैंपल लैब भेजे, दर्जनों दुकानों पर कार्रवाई

अपर आयुक्त एवं ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी के नेतृत्व में टीमें फील्ड में सक्रिय हैं। बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में जग्गी ने बताया कि अब तक 350 औषधियों के नमूने एकत्र हो चुके हैं, जिनकी जांच प्रगति पर है। छापे मेडिकल स्टोर्स, थोक विक्रेताओं और अस्पताल फार्मेसियों पर हो रहे हैं। निर्माण कंपनियों से पॉलीइथाइलीन ग्लाइकॉल, सॉर्बिटॉल जैसे कच्चे माल के सैंपल लिए जा रहे हैं।

देहरादून में औषधि निरीक्षक मानेंद्र सिंह राणा की टीम ने पलटन बाजार, घंटाघर, ऋषिकेश रोड, जॉलीग्रांट, अजबपुर और नेहरू कॉलोनी में छापे मारे। 11 सिरप के नमूने लिए गए, और 7 स्टोर्स के लाइसेंस रद्द कर दिए गए। संदिग्ध सिरप जब्त कर सील किए गए। कई विक्रेताओं ने पहले ही स्टॉक हटा लिया था। उधम सिंह नगर में 40 सैंपल, हरिद्वार में 39, पौड़ी (कोटद्वार) में 3, अल्मोड़ा में 4, रुद्रप्रयाग में 4, और उत्तरकाशी में 4 सैंपल भेजे गए। दर्जनों प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी हुए।

“राजस्थान-मध्य प्रदेश की घटनाओं के बाद एहतियाती कार्रवाई है। दोषी पाए जाने पर आईपीसी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज होगा,” जग्गी ने कहा। ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स रूल्स 1945 के तहत 10 वर्ष तक कैद और जुर्माने की सजा हो सकती है।

अभिभावकों और चिकित्सकों के लिए दिशानिर्देश: घरेलू उपचार पर जोर, पुरानी दवाओं का निपटान

अपर आयुक्त जग्गी ने अभिभावकों से अपील की कि बिना डॉक्टर सलाह के बच्चों को कोई सिरप न दें। “घरों में पुरानी या खुली दवाएं नष्ट करें, क्योंकि वे प्रभावहीन होकर हानिकारक साबित हो सकती हैं। दवाओं की एक्सपायरी डेट जांचें,” उन्होंने कहा। यदि लक्षण दिखें, तो योग्य चिकित्सक से परामर्श लें।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा, “बच्चों की दवाओं से लापरवाही बर्दाश्त नहीं। डॉक्टर और विक्रेता प्रतिबंधित सिरप न लिखें या बेचें।” केंद्र स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिल श्रीवास्तव ने राज्यों के साथ बैठक में सख्ती पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री का संकल्प: गुणवत्ता निगरानी मजबूत, कोई समझौता नहीं

मुख्यमंत्री धामी ने कहा, “बच्चों के स्वास्थ्य से कोई खिलवाड़ नहीं। हर दवा सुरक्षित हो, यह सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है।” राज्य औषधि गुणवत्ता निगरानी प्रणाली को मजबूत करने का प्रयास कर रहा है। एफ.डी.ए. ने दीपावली से पहले मिलावटी खाद्य पदार्थों पर भी विशेष अभियान शुरू किया है। जग्गी ने कहा, “मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और आयुक्त अभियान की अपडेट ले रहे हैं। हर घर की थाली शुद्ध रहेगी।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *