हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान नभ नेत्र ड्रोन से निगरानी
- गंगा घाट, सड़कों, पुलों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष नजर
- राज्य और जिला नियंत्रण कक्ष से ड्रोन फुटेज की लाइव मॉनिटरिंग
- सचेत एप और मॉक ड्रिल के जरिये आपातकालीन तैयारी
- SDRF, NDRF, जल पुलिस और आपदा मित्रों की तैनाती
ड्रोन से निगरानी का निर्णय
उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) ने कांवड़ यात्रा 2025 के दौरान हरिद्वार में नभ नेत्र ड्रोन की तैनाती का निर्णय लिया है।
- ड्रोन की मदद से भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा निगरानी और आपदा प्रतिक्रिया में सहूलियत
- नियंत्रण कक्षों से निरंतर विजुअल मॉनिटरिंग की जाएगी
बैठक और निर्देश
- यूएसडीएमए में आयोजित बैठक की अध्यक्षता अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन आनंद स्वरूप ने की
- IRS प्रणाली को अपनाने और आपदा प्रबंधन योजना बनाने के निर्देश
- सभी विभागों को सिंगल प्वाइंट ऑफ कॉन्टैक्ट अधिकारी नामित करने के आदेश
- जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को मास्टर कंट्रोल रूम बनाया गया
30 जून को मॉक ड्रिल
- हरिद्वार में बाढ़ और घाटों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल
- कांवड़ यात्रा और घाट सुरक्षा पर रहेगा विशेष फोकस
सचेत एप से मिलेगा अलर्ट
- सभी कांवड़ यात्रियों के मोबाइल में सचेत एप डाउनलोड कराया जाएगा
- एप से मिलेगी मौसम, अलर्ट और आपातकालीन सूचना
- एंट्री प्वाइंट्स पर QR कोड और होर्डिंग्स लगेंगे
- टोल फ्री नंबर 112, 1070, 1077 की जानकारी दी जाएगी
गंगा घाटों पर सुरक्षा तैनाती
- SDRF, NDRF, जल पुलिस के साथ 60 आपदा मित्र रहेंगे तैनात
- कांगड़ा घाट सहित संवेदनशील घाटों पर विशेष सुरक्षा
- आपात स्थिति में देहरादून से अतिरिक्त टीमें भेजी जाएंगी
संभावित आपदाएं और तैयारियां
- भगदड़, डूबना, भंडारों और टेंट में आग, बारिश-बाढ़, जलभराव, बीमारियां, ट्रैफिक जाम, दुर्घटनाएं
- इन सभी परिस्थितियों से निपटने को राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से संपर्क सुनिश्चित करने के निर्देश
वन्य जीवों और बिजली तारों से सुरक्षा
- वन विभाग को संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान और सुरक्षा उपायों के निर्देश
- ऊंची कांवड़ के लिए बिजली विभाग को सुरक्षित वायरिंग व्यवस्था सुनिश्चित करने का आदेश