कांवड़ मेला 2025: मुख्यमंत्री ने तैयारियों की समीक्षा की, ‘क्लीन और ग्रीन कांवड़ यात्रा’ का दिया संदेश

उत्तराखंड कांवड़ सेवा ऐप बनाने के निर्देश

  • कांवड़ यात्रा को कुंभ मेला का ट्रायल मानते हुए चाकचौबंद इंतज़ामों पर जोर
  • यात्रा मार्ग पर स्वच्छता, चिकित्सा, सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण को प्राथमिकता
  • अतिक्रमण हटाने, फूड सेफ्टी और सोशल मीडिया निगरानी के निर्देश
  • कांवड़ मेला 11 से 23 जुलाई 2025 तक, 134 सेक्टरों में बंटेगा क्षेत्र

देहरादून।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को हरिद्वार स्थित मेला नियंत्रण भवन में कांवड़ मेला-2025 की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कांवड़ मेला को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और स्वच्छ बनाने में कोई कोताही न बरती जाए। उन्होंने इस बार की यात्रा को आगामी 2027 के कुंभ मेले का पूर्वाभ्यास (ट्रायल रन) बताते हुए हर पहलू पर विशेष ध्यान देने को कहा।


उत्तराखंड कांवड़ सेवा ऐप होगा लॉन्च

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समर्पित “उत्तराखंड कांवड़ सेवा ऐप” तैयार किया जाए जिसमें कांवड़ यात्रियों की पूरी जानकारी, स्वास्थ्य सुविधाएं, मार्गदर्शन, आपातकालीन सेवाएं और यातायात अलर्ट आदि शामिल हों। यह ऐप भविष्य की हर कांवड़ यात्रा में उपयोगी होगा।


क्लीन एंड ग्रीन यात्रा पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष कांवड़ यात्रा का संदेश “क्लीन एंड ग्रीन कांवड़ यात्रा” होना चाहिए। हर 1-2 किलोमीटर पर मोबाइल टॉयलेट, कूड़ा निस्तारण गाड़ियाँ, और सतत सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। साथ ही, RO टैंकर, वाटर एटीएम, और स्वच्छता जागरूकता अभियान की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।


सुरक्षा और तकनीकी निगरानी

कांवड़ मार्ग की CCTV और ड्रोन निगरानी, AI आधारित ट्रैफिक मॉनिटरिंग, GIS आधारित ट्रैफिक प्लान, और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए SDRF और NDRF की तैनाती की भी बात कही गई। संवेदनशील घाटों पर एनाउंसमेंट सिस्टम और खोया-पाया केंद्रों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए।


अन्य प्रमुख निर्देश:

  • यात्रा मार्ग पर अतिक्रमण पूरी तरह हटाया जाए
  • ढाबों-होटलों में फूड लाइसेंस, रेट लिस्ट और होटल स्वामी का नाम प्रदर्शित हो
  • ओवररेटिंग, शराब और मीट SOP का सख्ती से पालन
  • रैन बसेरे, टेंट सिटी, आश्रय स्थल, और हेल्पलाइन नंबर की व्यवस्था
  • सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर कठोर कार्रवाई
  • जगह-जगह “क्या करें और क्या न करें” बोर्ड लगाए जाएं

प्रशासन की तैयारी और जोनिंग

जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित ने जानकारी दी कि मेला 11 से 23 जुलाई 2025 तक आयोजित होगा। इसे 16 सुपर जोन, 37 जोन, और 134 सेक्टरों में बांटा गया है। यात्रियों, स्थानीय नागरिकों और चारधाम यात्रियों के लिए अलग-अलग ट्रैफिक प्लान लागू किया जाएगा।


उपस्थित गणमान्य लोग

बैठक में राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी, विधायक मदन कौशिक, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी व जनप्रतिनिधि शामिल रहे।

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