देहरादून, 20 सितंबर 2025 (संवाददाता): उत्तराखंड में हालिया प्रलयंकारी आपदा के बाद राज्य सरकार ने राहत एवं पुनर्वास कार्यों को गति देने के लिए कमर कस ली है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को हल्द्वानी के सर्किट हाउस काठगोदाम में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित कर अधिकारियों को सख्त हिदायतें दीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रभावित जनता के दर्द को कम करने के लिए त्वरित कार्रवाई अनिवार्य है, अन्यथा जिम्मेदारी तय की जाएगी। बैठक में नैनीताल, बागेश्वर सहित कुमाऊं मंडल के जिलों में हुई क्षति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया, जहां कुल नुकसान 443 करोड़ रुपये से अधिक आंका गया है। सीएम धामी ने केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेजे जाने की पुष्टि की और राज्य संसाधनों के साथ केंद्रीय सहायता का उपयोग कर पुनर्निर्माण तेज करने का आह्वान किया। इस वर्ष असामान्य मानसून ने राज्य के अधिकांश जिलों को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिसका असर दो से तीन गुना अधिक रहा।
हल्द्वानी बैठक में क्षति का व्यापक आकलन: नैनीताल लोअर मॉल रोड धंसाव, बागेश्वर पुल क्षतिग्रस्त
बैठक की शुरुआत में मंडलायुक्त और जिलाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को कुमाऊं क्षेत्र में आपदा के कहर की पूरी तस्वीर पेश की। नैनीताल की लोअर मॉल रोड के धंसने से पर्यटन और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जबकि बागेश्वर में महत्वपूर्ण पुलों की क्षति ने स्थानीय संपर्क को चरमरा दिया। रानीबाग पावर हाउस में उत्पन्न समस्याओं ने बिजली आपूर्ति को बाधित किया, वहीं ओखलकांडा और धारी ब्लॉकों के मार्ग भूस्खलन से अवरुद्ध हो गए। राष्ट्रीय राजमार्गों पर बार-बार मलबा गिरने से स्थिति और जटिल बनी हुई है। नैनीताल जिला प्रशासन के अनुसार, मानसून अवधि में कुल क्षति 443 करोड़ रुपये के आसपास है, जिसकी विस्तृत रिपोर्ट भारत सरकार की आपदा विश्लेषण टीम को सौंप दी गई है।
प्रस्तुति के दौरान जिलाधिकारियों ने संवेदनशील स्थलों, सड़क मार्गों, गांवों, नदियों-नालों की स्थिति पर प्रकाश डाला। चुकम और खुपी गांवों सहित खतरे वाले सड़क मार्गों के विस्थापन, ट्रीटमेंट कार्यों तथा लालकुआं, बिंदुखत्ता, गोला, नंधौर और कोसी नदियों से हो रहे नुकसान के स्थायी समाधान हेतु तैयार डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) की जानकारी साझा की। विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्तावों की स्वीकृति के लिए शासन को भेजे गए अनुरोधों पर भी चर्चा हुई। सीएम धामी ने इन सभी मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई का भरोसा दिलाया, खासकर लोअर मॉल रोड और बागेश्वर पुलों के मरम्मत कार्यों पर।
सीएम के सख्त निर्देश: विभागीय जिम्मेदारी तय, लापरवाही पर कार्रवाई, जल निकायों से अतिक्रमण हटाव
मुख्यमंत्री धामी ने बैठक में अधिकारियों को चेतावनी भरा संदेश दिया कि हर विभाग और प्रत्येक अधिकारी अपनी भूमिका निभाए, वरना लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने एक माह के भीतर सभी क्षतिग्रस्त सड़कों का पैचवर्क पूरा करने, जल निकायों के मार्गों को सुरक्षित बनाने तथा अतिक्रमण हटाने का अल्टीमेटम जारी किया। “राज्य सरकार प्रभावित नागरिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है, लेकिन समयबद्धता और पारदर्शिता अनिवार्य है,” उन्होंने कहा। पुनर्निर्माण में प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय समुदाय की संयुक्त भूमिका पर बल देते हुए केंद्र से प्राप्त सहायता और राज्य संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए।
सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता को जलाशयों में कमजोर संरचनाओं की मजबूती हेतु ठोस योजना तैयार करने और कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा गया। इसके अलावा, सुशीला तिवारी अस्पताल के चिकित्सा कर्मियों के लंबित वेतन मुद्दे पर तत्काल समाधान के आदेश जारी किए। सीएम ने जोर दिया कि मानसून के बाद जलभराव से उत्पन्न जलजनित रोगों की रोकथाम स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता हो—सभी चिकित्सा केंद्रों में आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करें, स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन करें। जन समस्याओं के निवारण हेतु जन निवारण शिविर, बहुउद्देशीय कार्यक्रम चलाएं, और अधिकारी पंचायत बैठकों तथा जन मिलन कार्यक्रमों में सक्रिय रहें।
हल्द्वानी-नैनीताल हाईवे पर घटिया निर्माण: ठेकेदारों व अधिकारियों पर शिकंजा, जवाबदेही तय
बैठक में एक प्रमुख मुद्दा हल्द्वानी-नैनीताल हाईवे पर घटिया हॉट मिक्स कार्य का उठा, जिसकी वजह से बारिश में सड़कें जल्दी क्षतिग्रस्त हो गईं। सीएम धामी ने ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों को सीधे जवाबदेह ठहराते हुए जांच के आदेश दिए। “ऐसी लापरवाही से जनता को दोहरा नुकसान हो रहा है, इसे बिल्कुल सहन नहीं किया जाएगा,” उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा। इस दिशा में तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने और गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। यह कदम न केवल वर्तमान आपदा से उबरने में सहायक होगा, बल्कि भविष्य की आपदाओं से निपटने की क्षमता भी मजबूत करेगा।
चुनौतियों के बीच आशा की किरण: सीएम का भरोसा, जनता के साथ सरकार का हर कदम
इस वर्ष की असामान्य वर्षा और भूस्खलन ने उत्तराखंड को अभूतपूर्व चुनौतियों से रूबरू कराया है, लेकिन मुख्यमंत्री धामी ने भरोसा जताया कि समन्वित प्रयासों से सभी क्षेत्रों—सड़कें, जल निकाय, आवास—में पुनर्निर्माण तेजी से होगा। “यह विपत्ति की घड़ी है, लेकिन हम सब मिलकर इससे उबरेंगे। प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत पहुंचाना हमारा संकल्प है,” उन्होंने कहा। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, विधायक बंशीधर भगत, डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, दीवान सिंह बिष्ट, राम सिंह केड़ा, प्रमोद नैनवाल तथा दायित्वधारी डॉ. अनिल डब्बू, दीपक महरा, शंकर कोरंगा सहित सभी मंडलीय अधिकारी मौजूद रहे।
यह बैठक न केवल क्षति आकलन का मंच बनी, बल्कि पुनर्वास की रूपरेखा भी तैयार करने में सफल रही। राज्य सरकार की प्रतिबद्धता से प्रभावित क्षेत्रों में जल्द ही सामान्यcy बहाल होने की उम्मीद है।