उत्तराखंड में ऐतिहासिक क्षण: एशियन कैडेट फेंसिंग कप का धूमधाम से हुआ शुभारंभ, 17 देशों के 250 युवा तलवारबाज मैदान में

हल्द्वानी/देहरादून, 20 सितंबर 2025 (संवाददाता): उत्तराखंड ने खेल जगत में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। शुक्रवार को हल्द्वानी के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम गौलापार के मानसखंड हॉल में एशियन कैडेट फेंसिंग कप इंडिया-2025 का भव्य उद्घाटन हुआ, जो राज्य में पहली बार आयोजित हो रहा अंतरराष्ट्रीय फेंसिंग इवेंट है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीप प्रज्वलन कर इस ‘तलवारबाजी के महासंग्राम’ का शुभारंभ किया। एशियाई फेंसिंग परिसंघ के तत्वावधान में फेंसिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित इस 5 दिवसीय प्रतियोगिता (19 से 23 सितंबर) में 17 देशों से लगभग 250 युवा खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें भारत से 150 प्रतिभागी शामिल हैं। बालक-बालिका वर्ग में ताजाकिस्तान, सीरिया, मलेशिया, श्रीलंका, थाईलैंड, इंडोनेशिया सहित अन्य राष्ट्रों के सितारे अपनी तलवारें आजमाएंगे। यह आयोजन न केवल हल्द्वानी को वैश्विक खेल केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है, बल्कि उत्तराखंड की उभरती खेल क्षमता का प्रतीक भी बन गया है।

सीएम धामी का प्रेरक संदेश: अनुशासन से ऊंचाइयों को छुएं, पर्यावरण व नशा मुक्ति के प्रति सजग रहें

उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री धामी ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि अनुशासन, कठोर परिश्रम और सकारात्मक दृष्टिकोण से वे न केवल खेल क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छूएंगे, बल्कि समाज के लिए भी आदर्श बनेंगे। उन्होंने उत्तराखंड को देश का सर्वोत्तम राज्य बनाने के संकल्प में युवाओं के योगदान पर जोर दिया। धामी ने पर्यावरण संरक्षण पर बल देते हुए खिलाड़ियों से पौधारोपण, जल संरक्षण, स्वच्छता अभियान में सक्रिय रहने और नशे के दुष्प्रभावों से दूर रहने की अपील की। “एक फिट व्यक्ति का नशा मुक्ति संदेश हर युवा तक पहुंचता है,” उन्होंने कहा। यह संदेश राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर और भी प्रासंगिक हो गया, जब राज्य के उत्कृष्ट एथलीटों को 50-50 लाख रुपये की सम्मान राशि से नवाजा गया।

मुख्यमंत्री ने फेंसिंग खेल की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भारत में यह कला आधुनिक रूप में देर से विकसित हुई, लेकिन अर्जुन अवॉर्ड विजेता भवानी देवी के राष्ट्रमंडल एवं एशियाई खेलों में पदकों ने युवाओं में इसका रुझान बढ़ाया है। “जैसे शूटिंग, आर्चरी और जेवलिन थ्रो में भारत विश्व पटल पर चमक रहा है, वैसे ही फेंसिंग में भी हमारे युवा नए कीर्तिमान गढ़ेंगे,” धामी ने आत्मविश्वास से कहा। उन्होंने तलवारबाजी को मानव सभ्यता के प्रारंभिक काल से जोड़ते हुए इसकी ऐतिहासिक महत्ता पर चर्चा की।

राज्य सरकार की खेल प्रोत्साहन योजनाएं: 4% कोटा, आउट ऑफ टर्न नौकरी, 517 करोड़ का इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश

उत्तराखंड सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए कृतसंकल्पित है। सीएम धामी ने बताया कि मुख्यमंत्री खेल विकास निधि, खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना, उदीयमान खिलाड़ी योजना और खेल किट योजना से उभरते सितारों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उत्तराखंड खेल रत्न एवं हिमालय खेल रत्न पुरस्कारों से उपलब्धियों को सम्मानित किया जा रहा है। विशेष रूप से, राजकीय सेवाओं में 4 प्रतिशत खेल कोटा पुनः लागू कर खिलाड़ियों को अवसर प्रदान किए गए हैं। नई खेल नीति के तहत राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी दी जा रही है।

राज्य ने 517 करोड़ रुपये की लागत से विश्वस्तरीय खेल बुनियादी ढांचे का निर्माण किया है, जिसका फलस्वरूप राष्ट्रीय खेलों में 103 पदकों के साथ उत्तराखंड ने पहली बार 7वां स्थान हासिल किया। धामी ने आगामी स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान का जिक्र किया, जिसमें 8 प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खेलो इंडिया एवं फिट इंडिया अभियानों का सराहना करते हुए कहा कि इनके नेतृत्व में भारत वैश्विक खेल पटल पर अपनी पहचान बना रहा है।

हल्द्वानी का खेल परिदृश्य परिवर्तन: प्रथम खेल विश्वविद्यालय व महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना, बेहतर कनेक्टिविटी

यह आयोजन हल्द्वानी को अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन का केंद्र बनाने की दिशा में मील का पत्थर है। सीएम धामी ने राज्य के प्रथम खेल विश्वविद्यालय एवं महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना के संकल्प को दोहराया, जो खेल शिक्षा में उत्तराखंड को विशिष्ट स्थान दिलाएगा। इससे स्थानीय व्यापारियों को लाभ होगा और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तार पर कार्य चल रहा है, तथा रेल मंत्री से नई ट्रेनों की मांग की गई है, ताकि खिलाड़ी, पर्यटक और यात्री बेहतर सुविधा प्राप्त करें।

आयोजन की झलक: 250 से अधिक प्रतिभागी, 17 राष्ट्रों का सहभाग, 23 सितंबर तक मुकाबले

राष्ट्रीय फेंसिंग महासंघ के महासचिव राजीव मेहता ने स्वागत भाषण में बताया कि यह 5 दिवसीय स्पर्धा बालक-बालिका वर्ग में विभिन्न मुकाबलों पर केंद्रित है। ताजाकिस्तान, सीरिया, मलेशिया, श्रीलंका, थाईलैंड, इंडोनेशिया आदि देशों के अलावा भारत के 150 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। इससे पूर्व हल्द्वानी में ही राष्ट्रीय कैडेट चैंपियनशिप आयोजित हुई थी, जो एशियन इवेंट के लिए ट्रायल का कार्य भी कर रही थी। यह आयोजन न केवल खेल उत्साह जगाएगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति देगा।

समारोह में विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, राम सिंह कैड़ा, प्रमोद नैनवाल, उत्तरांचल ओलंपिक संघ अध्यक्ष महेश नेगी, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, दायित्वधारी डॉ. अनिल कपूर डब्बू, शंकर कोरंगा, नवीन वर्मा, दीपक महरा, काशीपुर मेयर दीपक बाली, कुमाऊं मंडल आयुक्त, मुख्यमंत्री सचिव दीपक रावत, जिलाधिकारी वंदना, एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा सहित जनप्रतिनिधि, विदेशी खिलाड़ी और खेल प्रेमी उपस्थित रहे। यह इवेंट उत्तराखंड के खेल इतिहास में स्वर्णिम अध्याय जोड़ रहा है।

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