श्री गुरु राम राय लक्ष्मण इंटर कॉलेज में दो दिवसीय आयोजन शुरू
देहरादून जिले में आज दिनांक 9 फरवरी 2026 को श्री गुरु राम राय लक्ष्मण इंटर कॉलेज, पथरी बाग में दो दिवसीय जनपद स्तरीय इंस्पायर अवार्ड विज्ञान प्रदर्शनी एवं प्रोजेक्ट प्रतियोगिता (DLEPC-2025) का शानदार शुभारंभ हुआ। यह आयोजन राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) के तत्वावधान में तथा जिला विज्ञान समन्वयक सुधीर कांति के संयोजन में संपन्न हो रहा है। कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. मुकुल कुमार सती (निदेशक, माध्यमिक शिक्षा उत्तराखंड) एवं विशिष्ट अतिथि विनोद कुमार ढोंडियाल (मुख्य शिक्षा अधिकारी, देहरादून) ने किया। दोनों अतिथियों ने आयोजक विद्यालय के प्रधानाचार्य राकेश मोहन डबराल तथा राजकीय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुभाष झलडियाल के साथ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान
उद्घाटन के दौरान मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढोंडियाल ने मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथिगणों को अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका हार्दिक स्वागत एवं सम्मान किया। कार्यक्रम में जनपद के छह विकासखंडों से लगभग 140 नवोन्मेषी बाल वैज्ञानिकों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
मुख्य अतिथि का संबोधन: शिक्षकों की भूमिका पर जोर
मुख्य अतिथि डॉ. मुकुल कुमार सती ने बाल वैज्ञानिकों एवं उनके मार्गदर्शक शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा:
- उत्तराखंड सरकार एवं भारत सरकार विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर महत्वाकांक्षी योजनाएं संचालित कर रही हैं।
- इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचाने में शिक्षकों की भूमिका सर्वोपरि है।
- इंस्पायर अवार्ड योजना विद्यार्थियों को अपने नवाचारों को वैज्ञानिक मंच तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम प्रदान करती है।
- नवीन सत्र से उत्तराखंड के लगभग दस हजार विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी कराने की दिशा में शिक्षा विभाग तेजी से कार्य कर रहा है।
मुख्य शिक्षा अधिकारी का संदेश: शिक्षा से राष्ट्र निर्माण
मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढोंडियाल ने अतिथियों, बाल वैज्ञानिकों एवं मार्गदर्शक शिक्षकों का स्वागत करते हुए कहा:
- राष्ट्र के चरित्र निर्माण एवं समग्र विकास में शिक्षा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- सभी से अपने दायित्वों का निष्ठा से निर्वहन करने की अपील।
- भारत अपने “सोने की चिड़िया” होने के गौरव को बनाए रख सके, इसके लिए शिक्षा सबसे मजबूत आधार है।
प्रदर्शनी एवं प्रोजेक्ट का अवलोकन: नवाचारों की झलक
प्रदर्शनी का उद्घाटन डॉ. मुकुल कुमार सती, विनोद कुमार ढोंडियाल, खंड शिक्षा अधिकारी रायपुर हेमलता गौड़ एवं खंड शिक्षा अधिकारी विकासनगर विनीता कठैत नेगी ने रिबन काटकर किया। बाल वैज्ञानिकों ने कई अनूठे प्रोटोटाइप प्रस्तुत किए, जिनमें शामिल हैं:
- ऑक्सीजन लीकेज डिटेक्टर
- इको-फ्रेंडली स्मार्ट कॉन्टैक्ट लेंस
- बहुउद्देशीय पहाड़ी घराट
- सेल्फ-क्लीनिंग टॉयलेट
अतिथियों ने इन नवाचारों का गहन अवलोकन किया और बाल वैज्ञानिकों की सराहना करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
जिला समन्वयक का आशीर्वाद: भविष्य के लिए शुभकामनाएं
जिला समन्वयक सुधीर कांति ने सभी बाल वैज्ञानिकों एवं मार्गदर्शक शिक्षकों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी न केवल वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देती है, बल्कि बच्चों में नवाचार की भावना को भी जागृत करती है।
उपस्थित गणमान्य व्यक्ति
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे:
- प्रबंधक चंद्र मोहन सिंह पायल
- जिला शिक्षा अधिकारी भुवनेश्वर प्रसाद जड़ली
- खंड शिक्षा अधिकारी (विभिन्न खंड)
- राजकीय शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष सुभाष झलडियाल
- इंस्पायर अवार्ड खंड समन्वयक संजय मौर्य
- सरदार दलजीत सिंह, महावीर सेमवाल, पवन शर्मा, आशीष डबराल, वीरेंद्र यादव, राजीव अग्रवाल
- मीडिया प्रभारी सुरेंद्र कुमार सहगल
- अंजना बिष्ट, भावना नैथानी, आरती ममगांई, रिचा जुयाल, धनंजय उनियाल, महावीर सिंह मेहता, नरेश कोटला, दिगंबर सिंह नेगी, स्मिता सेमवाल, योगिता भट्ट, सी.एम. कोठियाल
समापन: विज्ञान एवं नवाचार से उज्ज्वल भविष्य
यह दो दिवसीय प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिता बाल वैज्ञानिकों के लिए मंच प्रदान कर रही है, जहां वे अपने नवाचारों को प्रस्तुत कर रहे हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य विज्ञान के प्रति रुचि जगाना, प्रयोगात्मक शिक्षा को बढ़ावा देना और बच्चों में रचनात्मक सोच विकसित करना है।