राजस्व न्यायालयों की समीक्षा बैठक, विलंब पर फटकार और जवाबदेही तय
जिलाधिकारी सविन बंसल ने गुरुवार को राजस्व अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में अधीनस्थ राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों, मुख्य एवं विविध देयों की वसूली, अंश निर्धारण तथा राजस्व विभाग से जुड़े अन्य प्रमुख कार्यों की गहन समीक्षा की गई। डीएम ने स्पष्ट चेतावनी दी कि एक वर्ष से अधिक पुराने वादों में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने तहसील स्तर पर धारा-34, 143, 33/39 और धारा-41 के अंतर्गत लंबित सभी मामलों का प्राथमिकता आधार पर त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। विशेष रूप से धारा-34 के अविवादित वादों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आदेश दिया गया।
धारा-34 और अन्य वादों पर फोकस: कोई भी वाद लंबित न रहे
डीएम ने निर्देश दिए:
- कृषि भूमि के गैर-कृषि उपयोग (आवासीय, औद्योगिक, व्यावसायिक) से जुड़े कोई भी वाद लंबित न रहें।
- भूमि बंदोबस्त के अंतर्गत खसरा-खतौनी में त्रुटि सुधार कार्यों में तेजी लाई जाए।
- भूमि सीमांकन से संबंधित वादों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए मानक प्रचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जाए।
- फील्ड अधिकारियों से सटीक और तथ्यपरक रिपोर्ट सुनिश्चित की जाए ताकि अनावश्यक विवाद कम हों।
अंश निर्धारण में सुस्ती पर कड़ी फटकार
सदर, विकासनगर और डोईवाला तहसीलों में अंश निर्धारण, लिंकेज और पड़ताल कार्यों की धीमी प्रगति पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिए:
- राजस्व उप-निरीक्षकों को स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर जिम्मेदारी तय की जाए।
- तहसील स्तर पर नियमित समीक्षा अनिवार्य।
- अपर जिलाधिकारी स्तर पर प्रत्येक 10 दिन में प्रगति की समीक्षा हो।
- लापरवाही की स्थिति में कठोर कार्रवाई की जाएगी।
- तकनीकी सहयोग की जरूरत हो तो तुरंत संपर्क किया जाए।
वसूली पर सख्ती: बड़े बकायेदारों पर शिकंजा
विविध देयों की वसूली की समीक्षा में सामने आया कि जनपद में 81% निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 82.84% वसूली हो चुकी है। लेकिन चकराता, त्यूनी और कालसी तहसीलों में लक्ष्य से कम वसूली पर डीएम ने नाराजगी जताई। निर्देश दिए गए:
- सभी बड़े बकायेदारों से वसूली में तेजी लाई जाए।
- जीएसटी सेक्शन से समन्वय कर बकायेदारों के खाता विवरण प्राप्त करें।
- कंपनी/फर्म से बकाया होने पर आरसीएस कार्यालय से संपत्ति विवरण लें और वसूली तेज करें।
अन्य प्रमुख मुद्दों की समीक्षा
- डिजिटल क्रॉप सर्वे के तहत चयनित ग्रामों में चल रही कार्यवाही।
- संग्रह अमीनों की कार्यप्रणाली।
- रिकॉर्ड रूम की स्थिति।
- आरसीएमएस, ई-ऑफिस, ऑडिट आपत्तियां और विभागीय सॉफ्टवेयर का अद्यतनीकरण।
बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
- अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) के.के. मिश्रा
- उप जिलाधिकारी अपूर्वा सिंह, हरिगिरी, योगेश मेहरा, विनोद कुमार
- वर्चुअल माध्यम से अन्य तहसीलों के उप जिलाधिकारी, तहसीलदार एवं राजस्व अधिकारी।
डीएम का संदेश: पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता सर्वोपरि
डीएम सविन बंसल ने कहा कि राजस्व कार्य जनता के हित से सीधे जुड़े हैं। विलंब से आम नागरिकों को परेशानी होती है। इसलिए सभी स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। तकनीकी सहयोग की जरूरत हो तो तुरंत संपर्क करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।