लोगों की आस्था से खिलवाड़ पर सख्ती, दूसरे दिन 23 फर्जी साधु गिरफ्तार
देहरादून।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर देवभूमि उत्तराखंड में धर्म की आड़ में लोगों की भावनाओं और आस्था से ठगी करने वाले ढोंगी बाबाओं के खिलाफ “ऑपरेशन कालनेमि” नामक सघन अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत दूसरे दिन देहरादून पुलिस ने विभिन्न थाना क्षेत्रों से 23 छद्म साधुओं को गिरफ्तार किया है।
एसएसपी की सख्त चेतावनी: आस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) देहरादून ने सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जो भी व्यक्ति साधु-संतों का भेष धारण कर विशेषकर महिलाओं व युवाओं को धोखा देकर ठगी कर रहे हैं, उन्हें चिन्हित कर कठोर कार्रवाई की जाए। पुलिस ने जनता को भी सतर्क रहने और ऐसे फर्जी बाबाओं की जानकारी देने की अपील की है।
बाबा के भेष में चल रही ठगी की दुकानें
इन फर्जी साधुओं द्वारा घरेलू और व्यक्तिगत समस्याओं के समाधान का झूठा दावा कर भोली-भाली जनता को ठगा जा रहा था। ये लोग धर्म का चोला पहनकर वशीकरण, तंत्र-मंत्र व टोने-टोटके के नाम पर पैसे ऐंठते थे।
23 फर्जी साधु गिरफ्तार, कई अन्य राज्यों से भी शामिल
पुलिस ने जो 23 ढोंगी बाबा गिरफ्तार किए, उनमें से 10 अन्य राज्यों से हैं। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार और बंगाल से आए ये लोग देहरादून में धार्मिक स्वरूप में घूमकर ठगी का कारोबार कर रहे थे।
गिरफ्तार ढोंगी बाबाओं में कुछ प्रमुख नाम और पते:
- सरदारों पुत्र सुखलाल, मद्रासी कॉलोनी, देहरादून
- मनोज जोशी, हुसैनपुर, बिजनौर, यूपी
- सोहन सिंह, कावली रोड, देहरादून
- महेंद्र, नूरपुर, बिजनौर, हाल निवासी राजपुर रोड
- गुलशन नाथ, बिजलीघर पट्टी चतरगढ़, सिरसा, हरियाणा
- गुलाब चंद्र विश्वास, कोलकाता, बंगाल
- पामती नाथ व बल्लू, सहसपुर, देहरादून
इनके खिलाफ संबंधित थानों में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
‘ऑपरेशन कालनेमि’ का उद्देश्य: आस्था की रक्षा, समाज को ठगों से मुक्त करना
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य देवभूमि में धार्मिक आस्था की शुचिता बनाए रखना और धोखेबाज बाबाओं से जनता को बचाना है। इसके तहत पुलिस टीम हर इलाके में फर्जी साधुओं की पहचान कर रही है और लगातार गिरफ्तारी कर रही है।