देवभूमि उत्तराखंड पहली बार बास्केटबॉल का केंद्र बना: सीएम धामी ने 50वीं सब-जूनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप का किया उद्घाटन

देहरादून, 05 अक्टूबर 2025 उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को परेड ग्राउंड में 50वीं सब-जूनियर राष्ट्रीय बास्केटबॉल चैंपियनशिप का धूमधाम से उद्घाटन किया। 10 अक्टूबर तक चलने वाली इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देश के 28 राज्यों से 54 टीमें और करीब एक हजार युवा खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। यह पहली बार है जब देवभूमि उत्तराखंड इस राष्ट्रीय आयोजन का मेजबान बना है, जो राज्य के खेल क्षेत्र में उभरते कद को रेखांकित करता है। सीएम धामी ने बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) और उत्तराखंड बास्केटबॉल एसोसिएशन को बधाई देते हुए कहा कि खेल न केवल शारीरिक फिटनेस का माध्यम है, बल्कि चरित्र निर्माण, धैर्य, अनुशासन और टीम भावना का भी प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ अभियानों से प्रेरित होकर राज्य खेलों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।

ऐतिहासिक आयोजन: पहली बार उत्तराखंड मेजबान, 1000 से अधिक युवा खिलाड़ी मैदान में

यह चैंपियनशिप बास्केटबॉल के सब-जूनियर वर्ग (अंडर-14) की 50वीं कड़ी है, जो 15 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक निर्धारित है। 28 राज्यों से 54 टीमों के लगभग 1000 खिलाड़ी लड़के और लड़कियों की श्रेणी में प्रतिस्पर्धा करेंगे। उद्घाटन समारोह में खिलाड़ियों ने आकर्षक परेड प्रस्तुत की, और सीएम धामी ने फ्लैग-ऑफ किया।

मुख्यमंत्री ने कहा, “यह आयोजन उत्तराखंड के लिए गौरव का क्षण है। पहली बार राज्य इस राष्ट्रीय स्तर की चैंपियनशिप की मेजबानी कर रहा है, जो युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का माध्यम बनेगा।” बीएफआई महासचिव कुलविंदर सिंह गिल ने बताया कि टूर्नामेंट में उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा होगी, और उत्तराखंड की सुंदरता और खेल सुविधाएं खिलाड़ियों को रोमांचित करेंगी।

खेल का महत्व: चरित्र निर्माण और फिटनेस का माध्यम

सीएम धामी ने जोर देकर कहा कि खेल केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि जीवन के मूल्यों को सीखने का सशक्त साधन है। “यह धैर्य, अनुशासन और टीमवर्क सिखाता है, जो युवाओं के समग्र विकास के लिए आवश्यक है।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खेलो इंडिया और फिट इंडिया पहलों का उल्लेख किया, जिनसे देश में खेल संस्कृति का प्रसार हुआ है। “भारत अब खेल के क्षेत्र में वैश्विक पटल पर नई ऊंचाइयों को छू रहा है,” धामी ने कहा।

उत्तराखंड ने 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन के बाद खेल भूमि के रूप में अपनी पहचान बनाई है। राज्य में 517 करोड़ रुपये की लागत से विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना विकसित हो रही है, जो युवाओं को ओलंपिक स्तर की तैयारी का अवसर प्रदान करेगी।

खेल नीतियां और प्रोत्साहन: पदक विजेताओं को नौकरी, 50 लाख सम्मान राशि

मुख्यमंत्री ने राज्य की नई खेल नीति का जिक्र करते हुए बताया कि राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी, ‘खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना’, खेल किट, राज्य पुरस्कार और 4 प्रतिशत खेल कोटा बहाल किया गया है। हाल ही में राष्ट्रीय खेल दिवस पर उत्कृष्ट खिलाड़ियों को 50-50 लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान की गई।

धामी ने बास्केटबॉल को बढ़ावा देने के लिए विशेष निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारी देहरादून को बास्केटबॉल प्रशिक्षण अकादमी के लिए भूमि चिन्हित करने और हल्द्वानी के निर्माणाधीन खेल विश्वविद्यालय के पास ऐसी अकादमी स्थापित करने का आदेश दिया। “खेल विभाग को बास्केटबॉल प्रतियोगिताओं के लिए आवश्यक कदम उठाने और अन्य खेलों की तरह नियमित आयोजन करने के निर्देश हैं,” उन्होंने कहा।

भविष्य की योजनाएं: 23 खेल अकादमियां, खेल विश्वविद्यालय और महिला कॉलेज

राज्य सरकार खेल विकास के लिए बड़े कदम उठा रही है। शीघ्र ही आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों के साथ स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान लागू होगा। हल्द्वानी में पहला खेल विश्वविद्यालय और लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना हो रही है। ये पहलें युवाओं को पेशेवर स्तर पर तैयार करेंगी और राज्य को खेल हब बनाएंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा, “उत्तराखंड खेलों के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देगा।” यह घोषणा राज्य के खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में एक मील का पत्थर है।

आयोजन में भागीदारी: गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति

उद्घाटन समारोह में विधायक खजान दास, उत्तराखंड बास्केटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील कुमार, बीएफआई महासचिव कुलविंदर सिंह गिल, एसोसिएशन उपाध्यक्ष आदित्य चौहान, मंदीप सिंह ग्रेवाल सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। खिलाड़ियों और दर्शकों ने उत्साह से स्वागत किया।

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