अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर लागू की गई उत्तराखंड योग नीति 2025
- देश की पहली योग नीति को मिली राज्य मंत्रिमंडल से मंजूरी
- पांच प्रमुख योग हब के विकास का लक्ष्य
- 13,000 से अधिक रोजगार, 2,500 प्रमाणित शिक्षक
- योग निदेशालय की स्थापना, अनुदान और सब्सिडी योजना शुरू
नीति लागू करने की पृष्ठभूमि
उत्तराखंड में योग नीति लागू करने की प्रक्रिया 2023 से चल रही थी।
- प्रारंभिक ड्राफ्ट को संशोधन के बाद 2025 में मंजूरी
- 28 मई 2025 को मंत्रिमंडल ने नीति को स्वीकृति दी
- 21 जून 2025, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर मुख्यमंत्री ने गैरसैंण विधानसभा परिसर से अधिसूचना जारी की
उद्देश्य और प्रभाव
- उत्तराखंड को योग और वेलनेस की वैश्विक राजधानी बनाना
- योग से जनस्वास्थ्य संवर्धन, पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा
- योग की आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित करना
- शिक्षा, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा, और रिसर्च से योग को जोड़ना
- स्कूलों, कॉलेजों, होटलों, कॉरपोरेट में योग सत्रों की शुरुआत
प्रमुख लक्ष्य और योजनाएं
योग हब का विकास:
- 2030 तक जागेश्वर, मुक्तेश्वर, व्यास घाटी, टिहरी झील, कोलीढेक झील में योग हब
हेल्थ एंड वेलनेस:
- मार्च 2026 तक सभी आयुष हेल्थ सेंटर्स में योग सेवाएं
रोजगार और प्रशिक्षक:
- 13,000 से अधिक रोजगार,
- 2,500 प्रमाणित योग शिक्षक,
- 10,000 योग अनुदेशक को होटलों, होमस्टे आदि में रोजगार
पंजीकरण और डिजिटल प्लेटफॉर्म:
- सभी योग संस्थाओं का शत-प्रतिशत रजिस्ट्रेशन
- एक विशेष ऑनलाइन योग प्लेटफॉर्म की स्थापना
शोध और सहयोग:
- योग, ध्यान, प्राकृतिक चिकित्सा में 10 लाख तक अनुदान
- 1 करोड़ रुपए का शोध बजट
- 15-20 राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ साझेदारी का लक्ष्य (मार्च 2028 तक)
अनुदान और सब्सिडी योजना
| क्षेत्र | सब्सिडी प्रतिशत | अधिकतम राशि |
|---|---|---|
| पर्वतीय क्षेत्र | 50% | ₹20 लाख तक |
| मैदानी क्षेत्र | 25% | ₹10 लाख तक |
| वार्षिक बजट | — | ₹5 करोड़ तक सब्सिडी |
अन्य प्रमुख बिंदु
- योग निदेशालय का गठन
- प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना, प्रशिक्षकों का रजिस्ट्रेशन
- स्कूलों में योग पाठ्यक्रम
- लाइव योग प्रसारण
- योग पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु प्रचार अभियान
- अंतरराष्ट्रीय योग सम्मेलनों का आयोजन