विकास, जन शिकायत और प्रशासनिक सुधारों की व्यापक समीक्षा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिलाधिकारियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक में राज्य के विकास कार्यों, जन शिकायत निस्तारण और प्रशासनिक सुधारों की गहन समीक्षा की। सबसे पहले राज्य स्थापना की रजत जयंती पर सफल आयोजन के लिए अधिकारियों को बधाई दी और राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन को याद किया। बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के विजन के तहत उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक राजधानी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
15 प्रमुख निर्देश एक नजर में
- एक जिला, एक मेला: चयनित मेलों को राजकीय मेला घोषित कर विशेष संरक्षण, वित्तीय सहायता और प्रचार। आयोजक स्थानीय ही रहेंगे।
- आध्यात्मिक गांव: प्रत्येक ब्लॉक में एक गांव को पायलट आधार पर योग-आयुर्वेद-ध्यान केंद्र के साथ विकसित किया जाए।
- वाइब्रेंट विलेज: सीमांत गांवों को पर्यटन केंद्र बनाएं, होमस्टे-स्वरोजगार-सौर ऊर्जा पर नियमित मॉनिटरिंग।
- शीतकालीन चारधाम एवं बारहमासी पर्यटन: उत्तरकाशी-चमोली-रुद्रप्रयाग में होटल-होमस्टे के साथ समन्वय, केएमवीएन-जीएमवीएन विशेष छूट पैकेज लॉन्च करें।
- सीएसआर फंड: जनहित के कार्यों में जिला स्तर पर व्यापक उपयोग।
- स्वच्छता एवं सुविधा: अलाव-रेन बसेरा, यात्रा मार्गों का कचरा निस्तारण, बस स्टैंड-रेलवे स्टेशन की सफाई।
- जीआई टैग उत्पाद: निर्यात योग्य बनाने की कार्ययोजना, प्रत्येक जनपद तैयार करे।
- सुरक्षा सुदृढ़ीकरण: सीमा क्षेत्रों में निगरानी, पर्यटन स्थलों पर सीसीटीवी, नशा मुक्ति के लिए समर्पित टीम।
- स्पिरिचुअल इकोनॉमिक जोन: द्वाराहाट (द्रोणगिरी), श्यामलाताल-देवीधूरा आदि क्षेत्रों का सर्वे।
- स्वास्थ्य सेवाएं: जिलाधिकारी नियमित मॉनिटरिंग और औचक निरीक्षण करें।
- जन शिकायत निस्तारण: सीएम हेल्पलाइन, तहसील दिवस, जनसुनवाई चौपाल को प्रभावी बनाएं।
- यातायात जाम: प्रमुख शहरों में समयबद्ध समाधान।
- गड्ढा मुक्त सड़कें: सभी सड़कों की तत्काल मरम्मत, गुणवत्ता पर विशेष ध्यान।
- स्थायी निवास प्रमाण पत्र: पिछले 3 साल में बने प्रमाण पत्रों की जांच, गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई।
- बेसहारा पशु, बागवानी, भूमि अतिक्रमण: प्रभावी प्रबंधन।
विशेष फोकस क्षेत्र
- आध्यात्मिक राजधानी: योग-आयुर्वेद केंद्रों का ब्लॉक स्तर तक विस्तार।
- पर्यटन अर्थव्यवस्था: शीतकालीन पैकेज, होमस्टे, स्थानीय कला-शिल्प को बढ़ावा।
- सुरक्षा एवं नशा मुक्ति: सीसीटीवी नेटवर्क, डीजीपी के नेतृत्व में समर्पित टीम।
- स्वच्छता अभियान: चारधाम मार्गों पर कचरा प्रबंधन, हरित क्षेत्र विकास।
बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
- प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु
- पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ
- अपर पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार
- कुमाऊं मंडलायुक्त दीपक रावत
- सभी जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ अधिकारी
समापन संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि रजत जयंती के बाद अब स्वर्णिम उत्तराखंड की दिशा में तेजी से काम करना है। सभी निर्देशों का समयबद्ध पालन और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।