विश्व कप में ऐतिहासिक जीत पर फोन कॉल, राज्य की शान बढ़ाने पर सराहना
महिला क्रिकेट विश्व कप 2025 में भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद उत्तराखंड की स्टार ऑलराउंडर स्नेह राणा को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फोन पर बधाई दी। नवीन मुंबई में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 52 रनों से खेले गए फाइनल में भारत की पहली आईसीसी महिला विश्व कप ट्रॉफी जीतने वाली टीम का हिस्सा बनीं स्नेह ने अपनी शानदार गेंदबाजी और बल्लेबाजी से टीम को कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में योगदान दिया। मुख्यमंत्री ने न केवल उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की, बल्कि 50 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि की घोषणा भी की। यह पुरस्कार न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि पर, बल्कि उत्तराखंड की बेटी के रूप में राज्य का नाम रोशन करने पर दिया गया। स्नेह, जो नानकमत्ता क्षेत्र से ताल्लुक रखती हैं, ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद लगन से सफलता हासिल की, जो पूरे प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा बनी।
स्नेह राणा का सफर: संघर्ष से विश्व कप विजेता तक की प्रेरक कहानी
स्नेह राणा का क्रिकेट सफर उत्तराखंड के देहरादून के पहाड़ी इलाकों से शुरू हुआ, जहां महिलाओं के लिए क्रिकेट के अवसर सीमित थे। उन्होंने पंजाब और रेलवे के माध्यम से घरेलू क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई। 2014 में अंतरराष्ट्रीय डेब्यू करने वाली स्नेह एक दाहिनी हाथ की ऑफ-स्पिन गेंदबाज और बल्लेबाज हैं। विश्व कप 2025 से पहले अप्रैल 2025 में श्रीलंका त्रिकोणीय सीरीज में 5 मैचों में 15 विकेट लेने वाली प्लेयर ऑफ द सीरीज बनीं, जिसने उन्हें विश्व कप टीम में जगह दिलाई। विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ 8 ओवर में 2 विकेट लेकर 2025 की सबसे अधिक वनडे विकेट लेने वाली गेंदबाज बनीं, जहां उन्होंने कुल 25 विकेट हासिल किए। फाइनल में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा, भले ही वे शुरुआती मैचों में प्लेइंग इलेवन का हिस्सा न हों। स्नेह ने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट में 80 रनों की नाबाद पारी खेलकर ड्रॉ कराने में अहम भूमिका निभाई, जो उनकी बहुमुखी प्रतिभा का प्रमाण है। वीमेंस प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) 2025 में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के लिए खेलते हुए चोट के बावजूद वापसी की, जो उनकी मानसिक मजबूती को दर्शाता है। स्नेह ने कहा, “मैं देश और उत्तराखंड का सम्मान बढ़ाने का प्रयास जारी रखूंगी।”
मुख्यमंत्री का संदेश: उत्तराखंड की बेटियां विश्व पटल पर चमक रही, खेल नीति को मजबूत करेंगे
मुख्यमंत्री धामी ने फोन पर बातचीत में स्नेह के प्रदर्शन को “खेल भावना का अद्भुत उदाहरण” बताया। उन्होंने कहा:
“स्नेह राणा ने समर्पण, मेहनत और संघर्ष से साबित किया कि उत्तराखंड की बेटियां किसी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। उनकी सफलता युवाओं के लिए प्रेरणा है।”
सीएम ने स्नेह को भारत की आगामी प्रतियोगिताओं में शुभकामनाएं दीं और कहा कि राज्य सरकार ऐसी प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। उन्होंने स्नेह को “उत्तराखंड की असली ब्रांड एंबेसडर” करार दिया, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। धामी ने जोर दिया कि स्नेह का प्रदर्शन उन युवाओं के लिए संदेश है जो बड़े सपने देखते हैं। “उत्तराखंड की शक्ति केवल पर्वतों तक सीमित नहीं, बल्कि विश्व पटल पर चमकने के लिए तैयार है।” उन्होंने राज्य सरकार की खेल नीति का उल्लेख किया, जिसमें खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, उपकरण, छात्रवृत्ति और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए सहयोग प्रदान किया जा रहा है। यह घोषणा न केवल स्नेह की व्यक्तिगत उपलब्धि पर, बल्कि पूरे महिला क्रिकेट को बढ़ावा देने का संकेत है।
राज्य सरकार की प्रतिबद्धता: खेल विकास पर फोकस, युवाओं को नई ऊर्जा
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार खिलाड़ियों के समग्र विकास के लिए कृतसंकल्प है। खेल नीति को प्रभावी बनाने के प्रयासों में:
- प्रशिक्षण केंद्र: राज्य स्तर पर आधुनिक सुविधाएं।
- उपकरण और छात्रवृत्ति: जरूरतमंद खिलाड़ियों को वित्तीय सहायता।
- अंतरराष्ट्रीय सहयोग: विदेशी दौरे और कोचिंग के लिए समर्थन।
- महिला सशक्तिकरण: विशेष रूप से लड़कियों के खेल को प्रोत्साहन।
स्नेह की सफलता से नई पीढ़ी को ऊर्जा मिलेगी, जो पलायन रोकने और खेल को रोजगार का माध्यम बनाने में मददगार साबित होगी। यह पुरस्कार उत्तराखंड सरकार की “खेलो भारत” जैसी पहलों का हिस्सा है, जो राज्य को खेल भूमि बनाने की दिशा में कदम है।
प्रभाव: स्नेह की जीत से प्रेरित युवा, उत्तराखंड का गौरव
स्नेह राणा की विश्व कप जीत ने न केवल भारत को चौथी ट्रॉफी दिलाई (ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बाद), बल्कि उत्तराखंड को वैश्विक मंच पर गर्वान्वित किया। उनके प्रदर्शन ने महिला क्रिकेट में रिकॉर्ड तोड़े और दर्शकों की संख्या बढ़ाई। राज्य सरकार का यह कदम अन्य खिलाड़ियों को प्रेरित करेगा, खासकर पहाड़ी क्षेत्रों की लड़कियों को। स्नेह ने कहा कि यह सम्मान उन्हें और मेहनत करने की प्रेरणा देगा।