देहरादून, 26 सितंबर 2025
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को नानूरखेड़ा स्थित एससीईआरटी ऑडिटोरियम में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार समारोह में बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं में शीर्ष 10 स्थान प्राप्त करने वाले 75 मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। साथ ही, उत्कृष्ट परिणाम देने वाले विद्यालयों के तीन-तीन प्रधानाचार्यों और शीर्ष 50-50 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को भी सम्मानित किया गया।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रेरणा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय एक बहुआयामी व्यक्तित्व थे, जिनका मानना था कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए। शिक्षा में राष्ट्रप्रेम, नैतिक मूल्य, सामाजिक समरसता, और व्यावहारिकता का समावेश होना चाहिए। इसी दृष्टिकोण को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू की, जिसने शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
उत्तराखंड में शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड सरकार शिक्षा में नवाचार और गुणवत्ता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके तहत कई पहल की गई हैं:
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स्मार्ट क्लासरूम और डिजिटल लाइब्रेरी: राज्य के शिक्षण संस्थानों में स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी, और ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म विकसित किए गए हैं।
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विरासत पुस्तक: कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों को भारत की समृद्ध संस्कृति, लोक परंपराओं, और देश-प्रदेश की महान विभूतियों से परिचित कराने के लिए “विरासत” पुस्तक शुरू की गई है।
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पीएम श्री विद्यालय: 226 विद्यालयों को पीएम श्री विद्यालय के रूप में विकसित किया जा रहा है।
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वर्चुअल कक्षाएं: 13 जनपदों के 1300 विद्यालयों में वर्चुअल कक्षाएं संचालित हो रही हैं।
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5-पीएम ई-विद्या चैनल: दूरस्थ क्षेत्रों में बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा प्रदान करने के लिए 5-पीएम ई-विद्या चैनल शुरू किए गए हैं।
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निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें: सभी राजकीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा 1 से 12 तक के छात्रों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं।
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मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति: कक्षा 6 से 12 तक के मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रतिमाह छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है।
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भारत भ्रमण: प्रत्येक विकासखंड के 10वीं और 12वीं के मेधावी छात्रों को व्यक्तित्व विकास के लिए भारत भ्रमण पर भेजा जा रहा है।
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वित्तीय सहायता: संघ लोक सेवा आयोग, एनडीए, सीडीएस जैसी परीक्षाओं की लिखित परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों को साक्षात्कार की तैयारी के लिए 50,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जा रही है।
नकल माफियाओं पर सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में नकल माफियाओं पर अंकुश लगाने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। इसके परिणामस्वरूप:
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पिछले चार वर्षों में 25,000 से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां मिली हैं, जो कि राज्य बनने के शुरुआती 21 वर्षों में हुई कुल 16,000 नियुक्तियों से कहीं अधिक है।
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100 से अधिक नकल माफियाओं को सलाखों के पीछे भेजा गया है।
हाल ही में पेपर लीक की एक असफल कोशिश का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग पारदर्शिता और युवाओं की प्रगति से असहज हैं और वे संगठित रूप से युवाओं का भविष्य अंधकार में धकेलने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक शिकायत के आधार पर अराजकता फैलाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन सरकार इस पर सख्ती से कार्रवाई करेगी।
एसआईटी जांच और कठोर कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल की परीक्षा गड़बड़ी की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। एसआईटी की जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, “हम एक-एक नकल माफिया को चुन-चुन कर गिरफ्तार करेंगे और उन्हें सजा दिलवाएंगे।” मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ भर्तियां करना है, और किसी भी युवा के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
अल्पसंख्यक शिक्षा कानून
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में नया अल्पसंख्यक शिक्षा कानून लागू किया गया है। इसके तहत:
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1 जुलाई 2026 से उत्तराखंड में केवल वही मदरसे संचालित होंगे, जो सरकारी बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम लागू करेंगे।
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बिना शैक्षिक योग्यता के धार्मिक आधार पर बच्चों को पढ़ाने वाले गुरुओं पर भी रोक लगेगी, जिससे बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ को रोका जा सके।
शिक्षा में प्रगति
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि इस वर्ष बोर्ड परीक्षा में प्रथम श्रेणी से पास होने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या में 18% की वृद्धि हुई है। साथ ही, अंक सुधार परीक्षा की शुरुआत से छात्रों पर परीक्षा का दबाव कम हुआ है।
उपस्थित गणमान्य व्यक्ति
कार्यक्रम में शिक्षा सचिव रविनाथ रामन, महानिदेशक शिक्षा दीप्ति सिंह, और अन्य शिक्षा अधिकारी उपस्थित थे।