शहीद सम्मान यात्रा 2 का शुभारंभ: मुख्यमंत्री ने दी शहीदों को श्रद्धांजलि

देहरादून, 26 सितंबर 2025 उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को देहरादून में शहीद राइफलमैन नरेश कुमार के सहस्त्रधारा रोड स्थित आवास से शहीद सम्मान यात्रा 2 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शहीद नरेश कुमार के चित्र पर माल्यार्पण किया और शहीद स्थल पर पुष्प चक्र अर्पित कर उनकी स्मृति को नमन किया। उन्होंने शहीद के परिजनों से मुलाकात कर उनके आंगन की पवित्र मिट्टी का संग्रहण किया और उन्हें शहीद सम्मान समारोह में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया। यह यात्रा 25 सितंबर से 4 अक्टूबर 2025 तक चलेगी, जिसके बाद 5 अक्टूबर को लैंसडाउन में आयोजित सैनिक सम्मान समारोह में शहीद परिवारों को सम्मानित किया जाएगा।

शहीदों की शौर्यगाथा: प्रेरणा का स्रोत

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह शहीद सम्मान यात्रा उन अमर बलिदानियों को समर्पित है, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। “हमारे शहीदों ने अपना आज हमारे सुरक्षित और स्वतंत्र कल के लिए न्योछावर किया। उनके त्याग और बलिदान की गाथा हमें हमेशा प्रेरित करती रहेगी,” उन्होंने कहा। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि शहीदों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता और यह हमें त्याग, सेवा और समर्पण का महत्व सिखाता है।

सैन्य धाम: शहीदों की स्मृति का सम्मान

मुख्यमंत्री ने बताया कि देहरादून के गुनियाल गांव में सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है, जहां प्रदेश के सभी शहीद सैनिकों के आंगन की पवित्र मिट्टी स्थापित की जाएगी। इस यात्रा के दौरान सैनिक कल्याण विभाग के अधिकारी शहीदों के घरों से मिट्टी एकत्र करेंगे, जिसे सैन्य धाम के लोकार्पण से पहले वहां स्थापित किया जाएगा। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि वर्ष 2021 में शुरू हुई इस परंपरा के तहत अब तक 1734 शहीदों के आंगन की मिट्टी सैन्य धाम में लाई जा चुकी है। इस बार 2021 से 2025 के बीच बलिदान देने वाले 32 और 2021 में छूटे 39 शहीदों के घरों से मिट्टी संग्रहित की जाएगी।

शहीद परिजनों के लिए कल्याणकारी योजनाएं

मुख्यमंत्री ने शहीदों के परिजनों के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं का उल्लेख किया।

  • नियुक्ति: वर्ष 2018 से अब तक 28 शहीद आश्रितों को उनकी योग्यता के आधार पर नौकरी दी गई है, जबकि 13 की नियुक्ति प्रक्रिया जारी है।
  • अनुग्रह अनुदान: शहीद परिजनों को दी जाने वाली एकमुश्त अनुग्रह राशि को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये किया गया है।
  • परमवीर चक्र सम्मान: परमवीर चक्र से सम्मानित सैनिकों और उनकी विधवाओं को दी जाने वाली राशि को 50 लाख से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये किया गया है।
  • पूर्व सैनिकों के लिए मानदेय: उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जहां पूर्व सैनिकों को ब्लॉक प्रतिनिधि नियुक्त कर मानदेय दिया जाता है। यह राशि 8,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रतिमाह की गई है।

यात्रा का महत्व और समापन

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि यह यात्रा शहीदों के सम्मान और उनके परिवारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक माध्यम है। यात्रा के दौरान एकत्र की गई मिट्टी को सैन्य धाम में स्थापित किया जाएगा, जो शहीदों की शौर्यगाथा का प्रतीक बनेगा। 4 अक्टूबर तक चलने वाली इस यात्रा का समापन 5 अक्टूबर को लैंसडाउन में एक गरिमामय समारोह के साथ होगा, जहां शहीद परिवारों को सम्मानित किया जाएगा।

उपस्थित गणमान्य व्यक्ति

इस अवसर पर मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) सम्मी सभरवाल, कैप्टन (सेवानिवृत्त) उमादत्त जोशी, कर्नल (सेवानिवृत्त) आदित्य श्रीवास्तव, सैनिक कल्याण विभाग के निदेशक ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) अमृत लाल, और कैप्टन (सेवानिवृत्त) आनंद राणा सहित कई पूर्व सैनिक और जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

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